खरीदारों की बल्ले-बल्ले! सोना ₹1,000 टूटकर 5 हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर, तुरंत चेक करें लेटेस्ट रेट

Published on 15 सित॰ 2026

वैश्विक कमोडिटी बाजारों में डॉलर इंडेक्स की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी से जुड़ी अनिश्चितता के बीच देश की राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. दिल्ली सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना 1,000 रुपए प्रति 10 ग्राम फिसलकर 5 सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर आ गया है, जबकि औद्योगिक मांग का समर्थन मिलने से चांदी की कीमतें अपने पिछले स्तरों पर स्थिर बनी हुई हैं.

इंटरनेशनल लेवल पर निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली (Profit-Booking) और बॉन्ड यील्ड में तेजी के कारण सोने की रिकॉर्ड रैली पर फिलहाल ब्रेक लगता दिख रहा है. आगामी त्योहारी सीजन और विवाह समारोहों से ठीक पहले आई इस नरमी ने जहां एक ओर आम रिटेल खरीदारों और ज्वेलर्स को निचले स्तरों पर खरीदारी का अवसर दिया है, वहीं दूसरी ओर अल्पकालिक सर्राफा निवेशकों के लिए बाजार में सतर्कता बरतने के संकेत दिए हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर दिल्ली में सोने और चांदी के दाम कितने हो गए हैं.

दिल्ली सस्ता हुआ सोना

राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को कमजोर ग्लोबल रुख और मजबूत डॉलर के बीच सोने की कीमतें 1,000 रुपए टूटकर 1,54,400 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रह गईं, जो एक महीने से ज्यादा का निचला स्तर है. यह कीमती धातु इससे पहले सात अगस्त को इसी स्तर के आसपास कारोबार कर रही थी, जब स्थानीय बाजार में इसकी कीमत 1.54 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी. स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, चांदी की कीमतें लगातार दूसरे दिन 2,34,600 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर स्थिर रहीं.

क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि मंगलवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सोने की कीमतों में गिरावट आई. हाजिर सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसल गया और एक महीने के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है. गांधी ने आगे कहा कि यह गिरावट मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ते बॉण्ड प्रतिफल के कारण आई है, क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है और इस सप्ताह होने वाली नीतिगत बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को मजबूत किया है. विदेशी बाजारों में, हाजिर सोने की कीमत 22.28 डॉलर यानी 0.52 प्रतिशत टूटकर 4,276.52 डॉलर प्रति औंस रह गई, जबकि चांदी मामूली गिरावट के साथ 63.07 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.

और क्या है वजह

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड की कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर के अनुसार, घरेलू बाज़ार में सोना पांच हफ्ते के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा है और इस महीने इसमें 3 प्रतिशत से ज्यादा ज़्यादा की गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि इस गिरावट की दो बड़ी वजहें कच्चा तेल और ट्रेजरी यील्ड हैं. हमलों के बाद सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद होने से रोजाना लाखों बैरल सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जबकि ग्लोबल सप्लाई पहले से ही दबाव में है. नार्वेकर ने कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई का डर भी बढ़ रहा है और बाज़ार में शामिल लोग अब इस हफ्ते फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 92 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं, जो जुलाई 2023 के बाद पहली बार होगा. उन्होंने आगे कहा कि बुधवार को फेड के फैसले के साथ, सोने पर दबाव बने रहने की उम्मीद है.

सौरभ शर्मा

सौरभ शर्मा

2008 से शेयर मार्केट, इकोनॉमी और कमोडिटी कवर कर रहे हैं. टीवी9 के साथ जुड़ने से पहले डीएनए, ए​शियानेट, जनसत्ता, दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका जैसे कई बड़े संस्थानों के साथ भी जुड़े रहे.

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