अमेरिका में एच-1बी कर्मचारियों को झटका: वर्क परमिट की 540 दिन की राहत खत्म, भारतीयों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

Published on 17 अक्टू॰ 2026

अमेरिका में एच-1बी वीजा धारकों और उनके जीवनसाथियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अमेरिकी सरकार ने कई श्रेणियों के प्रवासियों के वर्क परमिट की 540 दिन की ऑटोमैटिक एक्सटेंशन सुविधा खत्म कर दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले से हजारों विदेशी कर्मचारियों, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं, को काम छोड़ना पड़ सकता है। ऐसा उन मामलों में हो सकता है, जिनमें वर्क परमिट के नवीनीकरण का आवेदन लंबित है और मौजूदा परमिट की अवधि समाप्त हो जाती है।



अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने बुधवार को इस बदलाव को औपचारिक रूप दिया। अंतिम नियम के तहत उस नीति को पक्का किया गया है, जिसे पहली बार पिछले साल 30 अक्टूबर को अंतरिम नियम के जरिये लागू किया गया था।

विज्ञापन



क्या है 540 दिन की एक्सटेंशन सुविधा?


540 दिन तक वर्क परमिट की ऑटोमैटिक एक्सटेंशन सुविधा मई 2022 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में शुरू की गई थी। इसका मकसद परमिट के नवीनीकरण से जुड़े लंबित मामलों को कम करना और सरकारी प्रक्रिया में देरी के कारण कर्मचारियों को काम करने का अधिकार खोने से बचाना था। अप्रैल 2024 में इस सुविधा को अस्थायी रूप से फिर शुरू किया गया। उसी साल दिसंबर में इसे अनिश्चित अवधि के लिए बढ़ा दिया गया था।

विज्ञापन



नए नियम के तहत आवेदकों की कई श्रेणियों के लिए यह सुविधा समाप्त कर दी गई है। इनमें स्टेटस में बदलाव के लिए आवेदन करने वाले लोग, एच-4 वीजा धारक जीवनसाथी, शरण मांगने वाले आवेदक, शरणार्थी, शरण प्राप्त कर चुके लोग और अस्थायी संरक्षित दर्जा यानी टीपीएस के लाभार्थी शामिल हैं।



किन लोगों पर पड़ेगा असर?


इस बदलाव का असर एच-1बी वीजा धारकों के उन जीवनसाथियों पर पड़ सकता है, जो एच-4 वीजा पर अमेरिका में रहते हैं और नौकरी करने के लिए रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज यानी ईएडी पर निर्भर हैं। यदि उनके मौजूदा ईएडी की अवधि नवीनीकरण आवेदन मंजूर होने से पहले समाप्त हो जाती है, तो उन्हें नया वर्क परमिट मिलने तक काम रोकना पड़ सकता है।



हालांकि, सभी विदेशी कर्मचारियों पर इसका एक जैसा असर नहीं होगा। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित यानी एसटीईएम विषयों से जुड़े क्षेत्रों में काम करने के लिए रोजगार प्राधिकरण की अवधि बढ़ाने वाले एफ-1 छात्र पहले की तरह 180 दिन की ऑटोमैटिक एक्सटेंशन सुविधा के पात्र बने रहेंगे। इसके लिए उन्हें निर्धारित समय के भीतर आवेदन करना होगा।



एल और ई श्रेणी के वीजा धारकों के जीवनसाथियों को भी राहत मिली हुई है। उन्हें अपने आव्रजन दर्जे के आधार पर काम करने की अनुमति मिलती है और इसके लिए अलग ईएडी की जरूरत नहीं होती।



वीजा नवीनीकरण की जांच भी सख्त करने का प्रस्ताव


ट्रंप प्रशासन ने वीजा नवीनीकरण की प्रक्रिया को और सख्त करने का प्रस्ताव दिया है। इसका असर एच-1बी वीजा धारकों सहित विदेशी पेशेवरों पर पड़ सकता है। प्रस्ताव के तहत गैर-आप्रवासी श्रमिकों के कुछ वर्गों के वीजा विस्तार आवेदनों पर फैसला लेते समय पिछली मंजूरी को प्राथमिकता देने की लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था खत्म की जा सकती है।



अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो यूएससीआईएस के अधिकारी हर आवेदन का उसके तथ्यों और पात्रता के आधार पर अलग से मूल्यांकन करेंगे। पहले वीजा मंजूर हो चुका होने के बावजूद आवेदकों को अधिक सख्त जांच का सामना करना पड़ सकता है। इससे अतिरिक्त दस्तावेज मांगने वाले अनुरोध यानी आरएफई बढ़ सकते हैं। साथ ही, दस्तावेज जुटाने की जरूरत, आवेदन प्रक्रिया में लगने वाला समय और कानूनी व प्रशासनिक खर्च भी बढ़ सकता है।



ऐसी स्थिति में नियोक्ताओं को वीजा विस्तार के आवेदन तैयार करते समय शुरुआती आवेदन जितना ही विस्तृत ब्योरा देना पड़ सकता है। पहले मंजूरी मिल चुकी होने के बावजूद कर्मचारी की पात्रता साबित करने के लिए पूरे दस्तावेज जमा करने होंगे।  अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग ने प्रस्तावित नियम पर आम लोगों से 13 नवंबर तक सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं। वर्क परमिट की सुविधा खत्म करने वाले नियम के विपरीत, यह अलग प्रस्ताव है और इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।



आव्रजन वकील ने फैसले की आलोचना की


व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार और आव्रजन वकील अजय जैन भूटोरिया ने 540 दिन की ऑटोमैटिक वर्क परमिट एक्सटेंशन सुविधा खत्म करने के फैसले को औपचारिक रूप दिए जाने की आलोचना की है। भूटोरिया ने कहा, ''मैं ट्रंप प्रशासन के 540 दिन की ऑटोमैटिक वर्क परमिट एक्सटेंशन सुविधा को खत्म करने के फैसले को औपचारिक रूप देने और अंतिम रूप देने की कड़ी निंदा करता हूं।'' उन्होंने कहा कि इस बदलाव से कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे प्रवासियों और उन परिवारों को नुकसान होगा, जो अपनी आजीविका के लिए रोजगार की अनुमति पर निर्भर हैं।



उन्होंने आगे कहा, ''यह पीछे ले जाने वाली नीतिगत बदलाव है, जो मेहनती कानूनी प्रवासियों, एच-4 वीजा धारक जीवनसाथियों, स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों और उन परिवारों के लिए बड़ा झटका है, जो अमेरिका में अपना जीवन बनाने और देश की समृद्धि में योगदान देने के लिए रोजगार प्राधिकरण दस्तावेजों पर निर्भर हैं।''



दोनों उपायों के कारण अमेरिका में रहने वाले विदेशी पेशेवरों और उनके परिवारों के लिए अनिश्चितता बढ़ सकती है। खासकर उन लोगों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है, जिनकी नौकरी और आव्रजन स्थिति समय पर परमिट के नवीनीकरण पर निर्भर करती है।