मध्य प्रदेश के राजगढ़ में रविवार को कंटेनर ने बाइक सवार माता-पिता और बच्चे को कुचल दिया। हादसे के बाद बाइक समेत तीनों लोग करीब 100 फीट तक घिसटाए। बच्चे के सिर में चोट लगी। सांस की नली में गोबर-कीचड़ भर गया। हादसा खिलचीपुर के पास NH-52 पर हुआ है।
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खिलचीपुर पुलिस के मुताबिक, मृत बच्चे की पहचान रविराज (4) के रूप में की गई है। डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने के लिए ऑक्सीजन दी। करीब 15 मिनट CPR दिया, लेकिन जान नहीं बची। घायल पिता अनार भिलाला (35) का एक पैर टूट गया। चेहरे पर गंभीर चोट है। मां राजन बाई (33) के हाथ, पैर और मुंह पर चोट है।
हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए…

हादसे के बाद अस्पताल में बच्चे को CPR देकर बचाने की कोशिश की गई।

सांस की नली में गोबर-कीचड़ भर गया था, जिसे बाहर निकाला गया।

इसी कंटेनर ने परिवार को रौंदा है।
दर्शन के बाद ससुराल जा रहा था परिवार
स्थानीय लोगों के मुताबिक, धुआंखेड़ा गांव निवासी अनार भिलाला खेती-किसानी का काम करता है। रविवार सुबह करीब 10 बजे वह पत्नी राजन बाई और बेटे रविराज के साथ बाइक से खिलचीपुर के बिराजी महाराज मंदिर में दर्शन करने आया था। दर्शन के बाद तीनों भोजपुर थाना क्षेत्र के मालीपुरा स्थित ससुराल जा रहे थे।
खिलचीपुर से करीब 5 किलोमीटर दूर दोलाज गांव के पास राजस्थान की ओर से आ रहे एक कंटेनर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि राजन बाई उछलकर दूर जा गिरीं, जबकि अनार और रविराज बाइक समेत कंटेनर के नीचे फंस गए।
कंटेनर चालक ने नहीं रोका वाहन, पिता-पुत्र को घसीटा
हादसे के बाद कंटेनर चालक ने वाहन रोकने के बजाय आगे बढ़ा दिया। अनार और रविराज बाइक समेत कंटेनर के नीचे फंसे रहे। चालक दोनों को करीब 100 फीट तक घसीटता हुआ ले गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने चालक को रोकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन उसने वाहन नहीं रोका।
कुछ दूर जाने के बाद कंटेनर सड़क से नीचे उतरकर फंस गया। इसके बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने पहले घायल राजन बाई को संभाला। इसके बाद कंटेनर के नीचे फंसे अनार और रविराज को बाहर निकाला।

मासूम को गंभीर हालत में अस्पताल में लाया गया।
डायल-112 से अस्पताल पहुंचाया
हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। 108 एंबुलेंस के पहुंचने में देरी हुई। इसके बाद पुलिस की डायल-112 टीम तीनों घायलों को खिलचीपुर सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। रविराज की हालत गंभीर थी। उसने कीचड़ और गोबर एस्पिरेट कर लिया था, जिससे उसकी सांस की नली में यह भर गया था।
सांस की नली से निकाला गोबर-कीचड़, 15 मिनट CPR दी
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने रविराज की सांस की नली से कीचड़ और गोबर निकालने का प्रयास किया। हालत बिगड़ने पर महिला डॉक्टर ओशिन रेड्डी ने करीब 15 मिनट तक बच्चे को CPR दिया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। सिर में लगी चोट और सांस की गंभीर समस्या उसकी मौत की प्रमुख वजह बनी।
एंबुलेंस के लिए तीन बार फोन, 45 मिनट तक इंतजार
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, तीनों घायलों को हायर सेंटर ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस के लिए स्टाफ ने तीन बार फोन किया, लेकिन करीब 45 मिनट तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस दौरान डॉक्टरों ने अस्पताल में ही बच्चे का इलाज जारी रखा।

हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
BMO बोले- समय पर एंबुलेंस आती तो बचने की संभावना थी
खिलचीपुर सिविल अस्पताल के BMO डॉ. कमल दांगी ने बताया कि माता-पिता को हायर सेंटर रेफर किया गया था। एंबुलेंस के लिए शुरुआत से ही कॉल किया गया था। अस्पताल स्टाफ ने तीन बार फोन किया, लेकिन करीब 45 मिनट से ज्यादा समय तक एंबुलेंस नहीं आई।
BMO ने कहा कि अगर एंबुलेंस समय पर पहुंचती और बच्चे को तत्काल राजगढ़ ले जाया जाता तो उसे बचाने की संभावना हो सकती थी। हादसे में अनार भिलाला का एक पैर टूट गया है और चेहरे पर गंभीर चोट आई है। राजन बाई के हाथ, पैर और मुंह पर चोट लगी है।

हादसे के बाद बच्चे के पिता की हालत भी गंभीर है।
कंटेनर कब्जे में, चालक की तलाश
हादसे में घायल पति-पत्नी को खिलचीपुर सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में ले लिया है। चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और मामले की जांच की जा रही है।
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