नेपाल के भोटे कोसी क्षेत्र में 26 अगस्त को आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद भारत ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है. बाढ़ से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है और सड़क, पुल, आवासीय इलाकों समेत बड़ी संख्या में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. भारत सरकार के मुताबिक, अब तक नेपाल में 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि पहले संपर्क से बाहर रहे करीब 50 भारतीय नागरिकों से दोबारा संपर्क स्थापित किया गया है.
चीन से 598 भारतीय नेपाल पहुंचे
बाढ़ का असर नेपाल के साथ-साथ चीन की तरफ भी पड़ा है. स्थानीय चीनी सरकारी अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो दिनों में 598 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं. करीब 900 भारतीय नागरिक अभी चीन की तरफ मौजूद हैं और सुरक्षित तथा संपर्क में हैं. हालांकि, 275 से अधिक भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के 128 लोग अभी भी लापता या संपर्क से बाहर हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाली PM से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर इस त्रासदी पर गहरी संवेदना व्यक्त की थी. उन्होंने कहा कि भारत इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है. इसके बाद 28 अगस्त को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नेपाल के विदेश मंत्री से बातचीत की और राहत एवं बचाव प्रयासों को लेकर चर्चा की.
24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन
भारतीय नागरिकों के बचाव और राहत अभियान के लिए विदेश मंत्रालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम बनाया गया है. काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों ने भी 24/7 हेल्पलाइन शुरू कर रखी है. भारत के दोनों मिशन नेपाली और चीनी अधिकारियों समेत सभी संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय कर रहे हैं, ताकि प्रभावित भारतीय नागरिकों की जल्द तलाश, बचाव और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके.
IAF के तीन विमान, 57.5 टन राहत सामग्री पहुंची
भारत ने नेपाल को तत्काल मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों को लगाया है. अब तक तीन IAF विमान करीब 57.5 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचा चुके हैं, जबकि चौथी उड़ान 29 अगस्त को काठमांडू के लिए रवाना होने वाली है.
- 26 अगस्त: IAF के C-130J Hercules विमान ने 10 टन राहत सामग्री पहुंचाई. इसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं.
- 27 अगस्त: C-17 Globemaster ने 37.5 टन राहत सामग्री पहुंचाई. इसमें 28.5 टन टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, डी-वॉटरिंग पंप, किचन सेट और जनरेटर शामिल थे. इसके अलावा 8 टन दवाइयां और 1 टन खाद्य सामग्री भी भेजी गई.
- 28 अगस्त: C-130J Hercules ने भारतीय सेना की 5 सदस्यीय टनल रेस्क्यू रिकॉन टीम और 6 सदस्यीय मेडिकल टीम को नेपाल पहुंचाया. इसके साथ 10 टन अतिरिक्त सामग्री भी भेजी गई, जिसमें पोर्टेबल जनरेटर, डिग्निटी किट, भोजन, पानी शुद्ध करने वाली गोलियां और दवाइयां शामिल थीं.
टनल रेस्क्यू में भारतीय सेना की विशेषज्ञ टीम
भारतीय सेना की तकनीकी टीम ने प्रभावित इलाके में टनल रेस्क्यू ऑपरेशन में सहायता का काम शुरू कर दिया है. 29 अगस्त (शनिवार) को प्रस्तावित चौथी C-130J उड़ान में 13 सदस्यीय भारतीय सेना की विशेष टनल रेस्क्यू टीम और विशेषज्ञ उपकरण भेजे जा रहे हैं. यह टीम पहले भेजी गई रिकॉन टीम के जमीनी आकलन के आधार पर तैयार की गई है और नेपाली आपदा प्रतिक्रिया टीमों के चल रहे सर्च एवं रेस्क्यू अभियान में मदद करेगी.
शवों की पहचान में भी भारत करेगा मदद
भारत ने राहत और बचाव के साथ-साथ मृतकों की पहचान में भी सहायता की पेशकश की है. 6 फॉरेंसिक टीमों के 19 सदस्यीय दल को नेपाल भेजा जा रहा है. यह दल DNA नमूनों के विश्लेषण के जरिए बरामद मानव अवशेषों की पहचान में नेपाली अधिकारियों की मदद करेगा.
कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए Bailey Bridge
नेपाल की जरूरत के अनुसार भारत अतिरिक्त सहायता भी जुटा रहा है. इसमें Bailey bridges और उन्हें स्थापित करने वाली तकनीकी टीमें शामिल हैं, ताकि बाढ़ से क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को जल्द बहाल किया जा सके. भारत की ओर से भेजा गया एक Bailey bridge पहले ही नेपाल पहुंच चुका है, जिसे प्रभावित इलाकों में जरूरत के मुताबिक तैनात किया जा सकता है.
भारत सरकार ने नेपाल के सर्च और रेस्क्यू अभियान में मदद के लिए National Disaster Response Force (NDRF) की सेवाएं देने की भी पेशकश की है.
भारत-नेपाल के रिश्तों की परीक्षा का वक्त
भारत सरकार ने कहा है कि भारत और नेपाल के रिश्ते सभ्यतागत संबंधों और मजबूत जन-से-जन संपर्क पर आधारित विशेष और करीबी संबंध हैं. इस त्रासदी में कई भारतीय नागरिकों की भी जान गई है, इसलिए भारत के लोग नेपाल के दुख में सहभागी हैं. भारत ने स्पष्ट किया है कि इस मुश्किल घड़ी में वह नेपाल के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है.

शिवांग माथुर
शिवांग माथुर टीवी 9 भारतवर्ष में एसोसियेट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं.
Read More