सत्य निकेतन हादसे के बाद जागा प्रशासन, 1100 पीजी की पड़ताल और अवैध इमारतों पर चला बुलडोजर

Published on 8 सित॰ 2026

Satya Niketan Building Collapsed: सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम पूरी तरह एक्शन में आ गया है. निगम ने दो दिनों में 1100 पीजी की पड़ताल की है.

Satya Niketan Building Collapsed: सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम पूरी तरह एक्शन में आ गया है. निगम ने दो दिनों में 1100 पीजी की पड़ताल की है.

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New Delhi: Satya Niketan Building Collapse

Satya Niketan Building Collapsed: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को घटी दर्दनाक इमारत दुर्घटना ने पूरी राजधानी को हिलाकर रख दिया है. इस बड़े हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम की नींद टूटी है और प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रहा है. निगम की अलग-अलग टीमों ने सड़कों पर उतरकर जांच का दायरा बढ़ा दिया है. पिछले अड़तालीस घंटों के भीतर प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों में करीब ग्यारह सौ पेइंग गेस्ट आवासों का सघन सर्वे किया है. इन तमाम जगहों पर बीस हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं. छात्रों की जान और सुरक्षा को ताक पर रखकर चलाए जा रहे अवैध निर्माणों और नियमों की अनदेखी करने वालों पर अब कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है.

हादसे के बाद निगम की ताबड़तोड़ कार्रवाई

सत्य निकेतन की घटना के फौरन बाद नगर निगम ने साफ कर दिया था कि नियमों को ताक पर रखने वाले किसी भी मकान मालिक या संचालक को बख्शा नहीं जाएगा. निगम की ओर से साझा किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार पिछले दो दिनों के भीतर चौबीस अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया है. इसके साथ ही नियमों का खुला उल्लंघन करने वाली सात संपत्तियों को पूरी तरह सील कर दिया गया है. नियमों की अनदेखी करने वाले अन्य भवन स्वामियों को पैंतीस कारण बताओ नोटिस भी थमाए गए हैं. नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई से उन लोगों में खलबली मच गई है जो बिना वैध नक्शे और मंजूरी के मकानों को पीजी में बदलकर छात्रों से भारी किराया वसूल रहे थे.

#WATCH | Delhi: Visuals of the building adjoining the one that collapsed in Satya Niketan on 6th September. The demolition of this building has begun.

Earlier today, MCD Commissioner Sanjeev Khirwar said, "The building has weakened, and we will take it up for demolition in a… pic.twitter.com/K6gcQZuqE5

— ANI (@ANI) September 8, 2026

खतरनाक ढांचों को गिराने के सख्त आदेश

प्रशासन ने दो दिनों के विशेष अभियान में छह संपत्तियों को सील करने से जुड़े कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं. इसके अलावा गंभीर रूप से नियमों का उल्लंघन करने वाली सत्ताईस संपत्तियों को गिराने का अंतिम आदेश भी जारी कर दिया गया है. दिल्ली नगर निगम की यह कार्रवाई ऐसे संवेदनशील समय में बेहद तेज हुई है जब सत्य निकेतन में हुए हादसे ने इमारतों की मजबूती और विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आए दिन सामने आने वाली ऐसी घटनाओं के बाद अभिभावक भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद डरे हुए हैं. इसी डर को दूर करने और भविष्य में किसी बड़े खतरे को टालने के लिए निगम ने यह कड़ा रुख अपनाया है.

हादसे वाली जगह पर सटी इमारत को ढहाने का काम

सत्य निकेतन में छह सितंबर को जो बहुमंजिला इमारत भरभराकर गिर पड़ी थी, उससे सटी हुई दूसरी इमारत को गिराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. मुख्य इमारत के गिरने से बगल वाले इस ढांचे की दीवारों और पिलर पर बहुत बुरा असर पड़ा था. इसकी मजबूती को लेकर इंजीनियरों ने गहरी चिंता जताई थी. नगर निगम के आयुक्त संजीव खिरवार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि हादसे का शिकार हुई इमारत से सटी बिल्डिंग बेहद कमजोर हो चुकी है और वह कभी भी गिर सकती है. आसपास के लोगों और बचाव दल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे बहुत ही सावधानी और चरणबद्ध तरीके से ढहाया जा रहा है ताकि आसपास की दूसरी इमारतों को कोई नुकसान न पहुंचे.

राजधानी में पीजी और रिहायशी इमारतों की कड़ी पड़ताल

इस बड़े हादसे के बाद नगर निगम का पूरा ध्यान अब राजधानी भर में चल रहे पेइंग गेस्ट और बहुमंजिला इमारतों की पड़ताल पर टिक गया है. निगम का मुख्य मकसद यह पता लगाना है कि जिन संपत्तियों में सैकड़ों युवा रह रहे हैं, क्या उनके निर्माण के समय मास्टर प्लान और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं. क्या वहां आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम हैं और क्या सीढ़ियां आपात स्थिति में बाहर निकलने लायक चौड़ी हैं. बिना पंजीकरण और तय मानकों के विपरीत चल रहे सभी हॉस्टल और पीजी संचालकों पर आने वाले दिनों में और भी कड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है.

तीन महीनों से जारी है अवैध निर्माण पर प्रहार

दिल्ली में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ नगर निगम पिछले तीन महीनों से लगातार डंडा चला रहा है. निगम की ताजा एक्शन टेकन रिपोर्ट बताती है कि पहली जून से इकतीस अगस्त के बीच अवैध निर्माण के खिलाफ नौ सौ उनसाठ संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा चुकी है. इसके अलावा पहली जून से आठ सितंबर के बीच चार सौ इकहत्तर संपत्तियों को सील किया गया है. इसी अवधि के दौरान पंद्रह सौ से ज्यादा अनधिकृत निर्माण के मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और सात सौ तिरपन संपत्तियों को गिराने के विधिवत आदेश दिए गए हैं.

8 सितंबर को भी चला निगम का बुलडोजर

अवैध निर्माण के खिलाफ जारी यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है. आठ सितंबर को भी नगर निगम की टीमों ने अलग-अलग वार्डों में सत्रह संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की और पांच संपत्तियों को तुरंत सील कर दिया. इसी दिन अवैध निर्माण से जुड़े नौ और सीलिंग से जुड़े दो नए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए. नगर निगम का साफ कहना है कि राजधानी को सुरक्षित बनाने और अनधिकृत निर्माणों पर लगाम लगाने के लिए यह अभियान आगे भी इसी तरह बिना रुके जारी रहेगा.

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