झारखंड में 12 लाख में से मात्र 2.37 लाख निर्माण श्रमिकों ने किया टूलकिट योजना के लिए आवेदन

Published on 15 सित॰ 2026

Ranchi News : झारखंड सरकार की औजार-किट सहायता योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का दायरा काफी सीमित दिख रहा है. श्रम विभाग के पास राज्यभर में कुल 12,45,300 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं. हालांकि इस योजना के लिए 'श्रमाधान' पोर्टल पर 15 सितंबर तक केवल 2,37,207 मजदूरों ने ही ऑनलाइन फॉर्म जमा किया है.

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राजधानी रांची में अब तक एक भी आवेदन स्वीकृत नहीं 

योजना के क्रियान्वयन में सबसे सुस्त स्थिति राजधानी रांची की है. रांची में 317 निर्माण मजदूरों ने ऑनलाइन आवेदन जमा किए थे, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड में अब तक एक भी आवेदन पास नहीं हो सका है और स्वीकृति की संख्या शून्य दर्ज है.

पूर्वी सिंहभूम में सबसे अधिक आवेदन और पेंडेंसी

जिलों के स्तर पर सबसे अधिक आवेदन पूर्वी सिंहभूम से प्राप्त हुए हैं. यहां कुल 41,637 श्रमिकों ने आवेदन किया था, जिनमें से 35,565 आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं और 6,072 आवेदन अब भी पेंडिंग लिस्ट में हैं. राज्यभर के कुल पेंडिंग मामलों में से करीब 30 फीसदी हिस्सा अकेले इसी जिले का है.

अन्य जिलों की स्थिति 

राज्य के अन्य जिलों में पाकुड़ में 1967, गढ़वा में 1951, सिमडेगा में 1902, साहिबगंज में 1449, दुमका में 1320, गोड्डा में 1179 और चतरा में 1018 आवेदन पेंडिंग हैं. दूसरी ओर, कोडरमा और लातेहार ऐसे जिले हैं जहां प्राप्त सभी आवेदनों को स्वीकृति मिल चुकी है और एक भी आवेदन पेंडिंग नहीं है.

सिस्टम के आंकड़ों में अंतर 

विभागीय सिस्टम में कुल प्राप्त आवेदनों की संख्या करीब 3.34 लाख दिखाई दे रही है, जबकि जिलों की ऑनलाइन सूची में 2,37,207 का आंकड़ा दर्ज है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि शेष अंतर ऑफलाइन जमा हुए आवेदनों का है, इसलिए ऑनलाइन प्रक्रिया में 2.37 लाख को ही आधार माना गया है. विभाग के अनुसार पेंडिंग 20,682 मामलों का सत्यापन कर जल्द ही पात्र श्रमिकों को ₹5,000 की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी.

क्या है औजार-किट सहायता योजना

झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग द्वारा यह योजना पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए चलाई जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य राजमिस्त्री, बढ़ई, लोहार और प्लंबर जैसे कामगारों को अपने काम के लिए जरूरी आधुनिक उपकरण खरीदने में मदद करना है. योजना के तहत 'श्रमाधान' पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने वाले पात्र कामगारों को सरकार की ओर से एकमुश्त 5 हजार रुपए की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है.

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