22 अप्रैल 2026 को सीएम सम्राट चौधरी की सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई। फैसला लिया गया कि 11 शहरों के पास नए सैटेलाइट टाउन बनाए जाएंगे। मास्टर प्लान तैयार होने तक इन शहरों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई। बाद में एक और शहर (डेहरी) जोड़ा गया, जि
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घोषणा हुए छह महीने होने को है। इस दौरान HUDCO के साथ 1 लाख करोड़ रुपए का समझौता हुआ। मास्टर प्लान तैयार करने के लिए CRDF के साथ डील हुई। अभी सैटेलाइट टाउनशिप के लिए फाइलों में काम हो रहा है। जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ है।
मंडे स्पेशल में पढ़िए, सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की दिशा में कितना काम हुआ है। जमीन अधिग्रहण के खिलाफ लोगों का गुस्सा शांत करने के लिए सरकार की क्या तैयारी है? क्या बिहार में बड़ा किसान आंदोलन शुरू होने को है?
दो टाउनशिप के ड्राफ्ट जारी, जमीन की खरीद बिक्री पर लगी रोक हटी
पाटलिपुत्र टाउनशिप: 81,730 एकड़ जमीन पर इस नए शहर को बसाने की तैयारी है। कोर एरिया 3,008 एकड़ का होगा। इसमें पुनपुन प्रखंड के 19 गांव हैं।
सरकार ने यहां पहले जमीन की खरीद बिक्री पर रोक लगाई थी, लेकिन किसानों के विरोध के चलते रोक हटा ली गई। टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद बिक्री हो सकती है, लेकिन निर्माण कार्य के लिए सरकार से अनुमति लेनी होगी।
टाउनशिप का ड्राफ्ट पब्लिक डोमेन में डाला गया है। CRDF के एक्सपर्ट सर्वे कर रहे हैं। बिहार सरकार ने अभी जमीन अधिग्रहण शुरू नहीं किया है। किसान जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। इसे बड़े किसान आंदोलन का रूप देने की तैयारी है।

मगध टाउनशिप: गयाजी में प्रस्तावित मगध सैटेलाइट टाउनशिप के प्रारूप-2047 को अक्टूबर के पहले सप्ताह में जारी किया गया है। लोग दो महीने में अपनी आपत्ति दर्ज करा पाएंगे।
यहां 22526 एकड़ (9116 हेक्टेयर) में नया शहर बसाया जाएगा। सरकार ने टाउनशिप के दायरे में आने वाली जमीन की खरीद-बिक्री और ट्रांसफर पर लगी रोक हटा ली है।
भास्कर ने नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा से बात की। उन्होंने कहा, 'हमने पाटलिपुत्रा टाउनशिप और गयाजी के मगध टाउनशिप का ड्राफ्ट पब्लिक डोमेन में डाला है। जितनी भी आपत्तियां आई हैं, सबका जवाब विभाग देगा। इसे तैयार किया जा रहा है। टाउन प्लानर रखे गए हैं।'
'पाटलिपुत्रा इलाके में जमीन खरीद-बिक्री हमलोगों ने फ्री कर दिया है। कोई भी किसी को जमीन बेच सकता है, लेकिन कंस्ट्रक्शन करना हो तो विभाग के साथ नक्शा आदि पर डिस्कशन करना होगा।'
6 टाउनशिप वाले इलाके से हटेगी जमीन बेचने पर लगी रोक
पाटलिपुत्र और मगध टाउनशिप टाउनशिप को छोड़कर बाकी के 10 टाउनशिप के लिए अभी ड्राफ्ट बनाया जा रहा है। इसे जारी कर आम लोगों की आपत्ति ली जाएगी।
अभी इन टाउनशिप में आने वाले इलाके में जमीन बेचने और खरीदने पर रोक जारी है। जरूरी काम से जमीन बेचना हो तो पटना स्थित बिहार राज्य आवास बोर्ड के मुख्यालय में आवेदन देना होगा। आने वाले दिनों में रोक पूरी तरह हटाने की तैयारी है।
इस संबंध में मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा, '6 और टाउनशिप में जमीन बेचने और खरीदने पर लगी रोक हटाने जा रहे हैं। इसके बाद बाकी पर विचार करेंगे। मार्च 2027 से पहले सभी टाउनशिप का ड्राफ्ट जारी कर देंगे।'


क्या बिहार में होने वाला है बड़ा किसान आंदोलन?
फर्स्ट फेज में सरकार पटना, मुजफ्फरपुर, गयाजी और सोनपुर में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए 7928 एकड़ जमीन लेगी। पटना के पुनपुन में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ किसानों ने प्रदर्शन किया है।
किसान संगठन इस विरोध प्रदर्शन को विस्तार देने की तैयारी में हैं। पिछले दिनों किसान नेता राकेश टिकैत पटना पहुंचे और जमीन अधिग्रहण से जुड़ा सवाल उठाया।

हमें स्मार्ट टाउनशिप नहीं स्मार्ट गांव चाहिए: दिनेश सिंह
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के बिहार प्रभारी दिनेश सिंह ने कहा, ‘टाउनशिप गांवों को उजाड़ कर शहर बसाने की योजना है। किसानों की जमीन छीनकर कॉरपोरेट को औने-पौने भाव देने की योजना है।’
टाउनशिप प्लानिंग में कहा जा रहा है कि 45% हिस्से का कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। ऐसा क्यों? 2013 भूमि अधिग्रहण कानून के आधार पर मौजूदा रेट से 4 गुणा ज्यादा राशि देनी है। कहा जा रहा है कि यह कानून यहां लागू नहीं होगा।’
‘किसान जान दे देगा, जमीन नहीं देगा। सरकार को इस योजना को लाकर पछताना पड़ेगा। ग्रेटर नोएडा 50 km तक बंजर इलाका है। बिहार में तो चप्पे-चप्पे पर नदियां हैं। हमलोगों को स्मार्ट टाउनशिप नहीं स्मार्ट गांव चाहिए।’

भूमि बचाओ किसान संघर्ष समिति ने दिए 19 हजार आवेदन
भूमि बचाओ किसान संघर्ष समिति पुनपुन से जुड़े राजेश कुमार ने किसानों की ओर से सरकार को भेजे आपत्ति पत्र की फोटो कॉपी दिखाई। फिर कहा, ‘भूमि विकास संघर्ष समिति पुनपुन के नेतृत्व में किसानों ने जमीन अधिग्रहण के खिलाफ 19 हजार से अधिक आवेदन दिए हैं।’

किसानों को जमीन देने के लिए मनाने को क्या कर रही सरकार?
मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि सरकार की टाउनशिप योजना को लेकर लोगों के बीच काफी कन्फ्यूजन है। अब किसानों और जमीन मालिकों से जमीन हम कैसे लेंगे यह विस्तार से बताने का कार्यक्रम शुरू करेंगे। पंचायत तक जाएंगे। व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। लोगों को जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे।
मंत्री ने कहा, ‘किसी की जमीन जबरन नहीं ली जाएगी। कुछ बदलाव करना होगा तो करेंगे। किसी को भूमिहीन नहीं करेंगे। सरकार अवेयरनेस प्रोग्राम चलाएगी और बताएगी कि हमारी पूरी योजना क्या है। अहमदाबाद की कंपनी योजना बना रही है। पूरे देश में लैंड पुलिंग का सबसे ज्यादा हिस्सा 55% दे रहे हैं।’