ऊर्जा विभाग को 13000 बिजली कनेक्शन का पता नहीं: हर महीने करोड़ों रुपए सिंडिकेट वसूल रहा, मुख्यमंत्री ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन को डांटा - Uttar Pradesh News

Published on 28 अग॰ 2026

गौतमबुद्धनगर का गांव छिजारसी। यहां 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शन चल रहे हैं। घर के बाहर मीटर लगे हैं। हर महीने करोड़ों की वसूली भी हो रही। लेकिन यह पैसा सरकारी खजाने नहीं, बल्कि एक सिंडिकेट की जेब में जा रहा है।

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इस खेल का पर्दाफाश 'स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन' के CEO मनोज कुमार सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने किया। सीएम ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल से जवाब-तलब किया। ऊर्जा विभाग के अधिकारी को लापरवाही के लिए लताड़ लगाई। पहले जानिए बैठक में क्या हुआ…

जब चेयरमैन ने कहा 'डूब क्षेत्र', सीईओ ने दिखा दी फोटो

मुख्यमंत्री 27 अगस्त (गुरुवार) की शाम को समीक्षा बैठक कर रहे थे। जिस वक्त बड़ी लापरवाही मुख्यमंत्री के सामने बताई जा रही थी। पावर कॉरपोरेशन चेयरमैन आशीष गोयल ने सफाई देते हुए कहा, ‘सर, यह डूब क्षेत्र है।’ CEO मनोज सिंह ने तुरंत 3-4 मंजिला इमारतों की तस्वीरें दिखाते हुए दावा खारिज किया। कहा, ‘यह डूब क्षेत्र नहीं है, पूरी तरह अवैध कनेक्शन का मामला है।’

सीएम ने सख्त लहजे में कहा, ‘बिजली सरकार की है, कोई घर में पैदा नहीं कर रहा। मीटर और अवैध कनेक्शन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं हैं।’

इसके बाद मुख्यमंत्री ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल को अधिकारियों के सामने ही डांटा। चेयरमैन से ऊर्जा विभाग के मंत्री अरविंद कुमार शर्मा भी कई बार नाराजगी जता चुके हैं।

यह तस्वीर सीएम ऑफिस ने 28 अगस्त को अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट की है। बैठक में अफसरों को दिए गए निर्देशों की जानकारी दी।

यह तस्वीर सीएम ऑफिस ने 28 अगस्त को अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट की है। बैठक में अफसरों को दिए गए निर्देशों की जानकारी दी।

3,800 वैध, 13,000 अवैध कनेक्शन

छिजारसी गांव (फीडर नंबर- 4) में वैध बिजली कनेक्शनों की संख्या महज 3,800 है, जबकि 13,000 घरों में अवैध कनेक्शन चल रहे हैं।

इन 13 हजार घरों में बाकायदा बिजली के मीटर लगाए गए हैं। हर महीने बिल का पैसा वसूला जा रहा, जो सीधा सरकारी खजाने के बजाय एक सिंडिकेट को जा रहा है।

अनुमान के मुताबिक, अगर एक अवैध कनेक्शन से न्यूनतम 1,000 रुपए भी वसूले जा रहे, तो हर महीने करीब 1.30 करोड़ रुपए का डाका डाला जा रहा है।

सीएम ने बिजली चोरी, बिलिंग और वसूली व्यवस्था सुधारने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

सीएम ने बिजली चोरी, बिलिंग और वसूली व्यवस्था सुधारने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक के 4 अन्य बड़े मुद्दे

1. कागजों में डिजिटल लाइब्रेरी - भदोही के DPRO एक मंत्रीजी को डिजिटल लाइब्रेरी दिखाने ले गए, लेकिन मौके पर कोई लाइब्रेरी थी ही नहीं। सीएम ने पंचायती राज विभाग से जवाब मांगा और 30 सितंबर तक सभी डिजिटल लाइब्रेरी पूरी करने का अल्टीमेटम दिया।

2. 'जीरो पॉवर्टी' अभियान की धीमी रफ्तार - पात्र परिवारों को आवास, राशन और आयुष्मान कार्ड देने का काम सुस्त पाया गया। सीएम ने हर परिवार के कम से कम एक सदस्य को स्किल ट्रेनिंग और रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए।

3. लेबर अड्डों पर सुविधाएं - श्रमिकों के लेबर अड्डों पर पीने का पानी, शौचालय, स्वच्छता, चिकित्सा और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य करने का निर्देश दिया गया।

4. जीरो पॉवर्टी अभियान को गति देने की जरूरत - इस अभियान में पात्र परिवारों को घर, राशन और आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने की गति धीमी सामने आई। वहीं एक परिवार के एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार से जोड़ने में भी तेजी लाने के लिए कहा गया।

आगे क्या कार्रवाई?

सीएम योगी के सख्त रुख के बाद ऊर्जा विभाग में हड़कंप मच गया है। बिजली चोरी, फर्जी बिलिंग और लाइन लॉस रोकने के लिए जिम्मेदार इंजीनियर्स और अफसरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। इस पूरे मामले पर स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन सीईओ मनोज कुमार सिंह कहते हैं- छिजारसी में 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शन का मामला गंभीर है। घरों में मीटर लगे हैं, लेकिन वे अवैध हैं। इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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