GAYA: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित जबलपुर सोना लूटकांड की जांच अब बिहार के गया जिले के इमामगंज तक पहुंच गई है। शनिवार को मध्य प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF), बिहार STF तथा इमामगंज पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाते हुए रानीगंज बाजार स्थित प्रतिष्ठित प्रेम ज्वैलर्स में छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे रानीगंज बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं व्यापारी घटनास्थल के आसपास जुट गए।
पुलिस टीम ने दुकान की गहन जांच की और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की हार्ड डिस्क सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक सामग्री अपने कब्जे में ले ली। इसके अलावा दुकान संचालक मनोज सोनार को भी पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया। इस कार्रवाई की पुष्टि इमामगंज के डीएसपी धीरज कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई मध्य प्रदेश में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले की जांच के सिलसिले में की गई है और विभिन्न बिंदुओं पर जांच जारी है.
बता दें कि यह पूरा मामला 1 साल पूर्व 11 अगस्त 2025 को मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा थाना क्षेत्र के खितौला स्थित ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक में हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया था। बदमाश बैंक में रखे करीब 14.87 किलोग्राम सोने के आभूषण तथा ₹5.7 लाख नकद लेकर फरार हो गए थे। इस घटना ने पूरे मध्य प्रदेश में सनसनी फैला दी थी।
घटना के बाद मध्य प्रदेश पुलिस और STF ने बड़े स्तर पर जांच शुरू की। जांच के दौरान इस लूटकांड के तार बिहार से जुड़े मिले। पुलिस के अनुसार अंतरराज्यीय 'दास गैंग' के सरगना राजेश दास और उसके सहयोगियों की भूमिका सामने आने के बाद बिहार STF एवं मध्य प्रदेश पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर गया जिले से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान लगभग 3 किलोग्राम से अधिक सोना भी बरामद किया गया था।
इमामगंज तक कैसे पहुंची जांच?
जांच एजेंसियों के अनुसार लूटे गए सोने को कथित रूप से विभिन्न राज्यों में खपाने वाले नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश STF लगातार गया जिले के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही है। पहले गुरुआ, आमस और मैगरा में कार्रवाई की गई, जिसके बाद अब जांच की कड़ी इमामगंज के रानीगंज बाजार तक पहुंच गई।
सूत्रों के अनुसार पुलिस अपने साथ पहले से गिरफ्तार एक व्यक्ति को भी लेकर पहुंची थी। उसी की निशानदेही पर प्रेम ज्वैलर्स में छापेमारी की गई। पुलिस को आशंका है कि लूटे गए सोने की खरीद-बिक्री या उसके संभावित लेन-देन से जुड़े कुछ अहम सुराग यहां मिल सकते हैं। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
रानीगंज बाजार में दिनभर रही हलचल
प्रेम ज्वैलर्स में पुलिस कार्रवाई की खबर फैलते ही पूरे रानीगंज बाजार में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। व्यापारी वर्ग और स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। जैसे ही मनोज सोनार को पूछताछ के लिए पुलिस अपने साथ लेकर निकली, बड़ी संख्या में लोग इमामगंज थाना पहुंच गए। बाजार में पूरे दिन पुलिस कार्रवाई को लेकर उत्सुकता और चर्चा बनी रही।
मैगरा गांव में भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले शुक्रवार को मध्य प्रदेश पुलिस ने इमामगंज क्षेत्र के मैगरा गांव में भी छापेमारी की थी। पुलिस एक संदिग्ध आरोपी की तलाश में पहुंची थी, लेकिन पुलिस की भनक लगते ही वह फरार हो गया। बताया जाता है कि उसका भाई बाइक से भागने लगा, जिसका पुलिस ने पीछा किया। हालांकि वह मैगरा बाजार के पास बाइक छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने बाइक को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
जांच एजेंसियां जुटीं हर पहलू की पड़ताल में
फिलहाल मध्य प्रदेश STF, बिहार STF और इमामगंज पुलिस संयुक्त रूप से पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि जबलपुर से लूटे गए सोने के संभावित लेन-देन, खरीद-बिक्री या उसके नेटवर्क से इमामगंज क्षेत्र का कोई संबंध है या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की बारीकी से जांच की जा रही है और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ही पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा। फिलहाल इमामगंज में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। स्थानीय लोगों की नजर अब जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और आधिकारिक खुलासे पर टिकी हुई है।
रिपोर्ट: नितम राज