थाईलैंड जाने का बना रहे हैं प्लान? 15 सितंबर से बदल रहे हैं वीजा नियम, जानें क्या होगा असर

Published on 7 सित॰ 2026

भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए थाईलैंड में 60 दिनों की फ्री-वीजा एंट्री की सुविधा 15 सितंबर 2026 को खत्म हो रही है। इस तारीख से पहले थाईलैंड पहुंचने वाले यात्रियों को पासपोर्ट पर लगी स्टाम्प के मुताबिक ही रुकने की अनुमति मिलेगी। 15 सितंबर के बाद से बिना वीजा एंट्री की समय सीमा घटाकर 30 दिन कर दी जाएगी। हालांकि भारतीयों के लिए वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा बनी रहेगी, लेकिन वीजा ऑन अराइवल (Visa on Arrival) को वापस ले लिया गया है। अब एयरलाइंस और इमिग्रेशन अधिकारी आगे की यात्रा के टिकट और रहने के सबूतों की अधिक सख्ती से जांच करेंगे।

यह बदलाव 60 दिनों की अस्थायी व्यवस्था की जगह एक तय वीजा-मुक्त नियम लागू करने के तहत किया गया है। नया नियम केवल टूरिस्ट वीजा छूट और वीजा ऑन अराइवल पर लागू होगा, बाकी वीजा कैटेगरी पर नहीं। जो यात्री पहले से थाईलैंड में हैं या 14 सितंबर तक प्रवेश कर लेंगे, वे अपने पासपोर्ट पर दर्ज तारीख तक वहां रह सकते हैं। इसलिए अपनी यात्रा का प्लान किसी अफवाह या बुकिंग साइट्स के बजाय पासपोर्ट पर लगी स्टाम्प के आधार पर ही बनाएं।

Thailand Visa Rules Change for Indians 2026: New 30-Day Entry Policy Explained

भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए थाईलैंड की 30-दिन वीजा-फ्री एंट्री के नियम

15 सितंबर से भारतीय पर्यटकों को थाईलैंड में 30 दिनों की वीजा-फ्री एंट्री मिलेगी। जरूरत पड़ने पर इमिग्रेशन ऑफिस में 1,900 बाहत की फीस देकर इसे देश के अंदर ही 30 दिनों के लिए एक बार और बढ़ाया जा सकता है। अब वीजा ऑन अराइवल की सुविधा सिर्फ अज़रबैजान, बेलारूस और सर्बिया के यात्रियों के लिए रह गई है। यात्रा के दौरान आगे का रिटर्न टिकट, होटल बुकिंग और जरूरी फंड साथ रखें। जमीन के रास्ते बिना वीजा एंट्री साल में केवल दो बार ही ली जा सकती है। अपनी सभी बुकिंग्स की कॉपी संभाल कर रखें।

15 सितंबर से पहले या बाद में यात्रा: कैसे करें फैसला?

अगर आप बिना किसी कागजी कार्रवाई के 30 दिनों से ज्यादा थाईलैंड में बिताना चाहते हैं, तो 14 सितंबर तक पहुंचने का प्लान बनाएं। पुराने नियम के तहत आपके पासपोर्ट पर 60 दिनों तक रुकने की स्टाम्प लग जाएगी। 15 सितंबर के बाद यात्रा कर रहे हैं, तो 7 से 10 दिनों का ट्रिप प्लान करें या लंबे प्रवास के लिए उपयुक्त ई-वीजा अप्लाई करें। थाईलैंड पहुंचते ही अपनी एंट्री स्टाम्प की फोटो जरूर खींच लें और बोर्डिंग पास संभाल कर रखें।

बैंकॉक, फुकेत और क्राबी के लिए खर्च और क्विक बजट का हिसाब

भारत के प्रमुख शहरों से 7-10 दिनों के ट्रिप के लिए इकोनॉमी रिटर्न फ्लाइट्स ऑफ-पीक सीजन में आमतौर पर ₹18,000 से ₹30,000 के बीच मिल जाती हैं। मिड-रेंज होटलों का किराया ₹1,800 से ₹4,000 प्रति रात रहता है। वहीं रोजाना खाने और लोकल ट्रांसपोर्ट का खर्च ₹1,500 से ₹2,500 तक आता है। साइटसीइंग और ट्रैवल इंश्योरेंस मिलाकर एक हफ्ते का आरामदायक ट्रिप प्रति व्यक्ति ₹65,000 से ₹95,000 में हो सकता है। फ्लाइट डिस्काउंट, मेट्रो और फेरी का इस्तेमाल करके आप अपना बजट घटा सकते हैं।

चेक-इन लिस्ट, एक्सटेंशन और ओवरस्टे के नियम

यात्रा करते समय कम से कम 6 महीने की वैलिडिटी वाला पासपोर्ट, तय अवधि के भीतर का रिटर्न या ऑनवर्ड टिकट, रुकने का प्रूफ और पर्याप्त फंड साथ रखें; ट्रैवल इंश्योरेंस लेना भी समझदारी होगी। 30 दिनों का एक्सटेंशन इमिग्रेशन ऑफिस में फॉर्म TM.7 भरकर 1,900 बाहत फीस में लिया जा सकता है। तय सीमा से ज्यादा रुकने (Overstay) पर रोजाना 500 बाहत का जुर्माना लगेगा, जो अधिकतम 20,000 बाहत तक जा सकता है। इसके अलावा थाईलैंड में एंट्री पर बैन भी लग सकता है। अपने सभी डॉक्यूमेंट्स की डिजिटल और पेपर कॉपी हमेशा पास रखें।