उपभोक्ता परेशान, बिजली कंपनी ने मैसेज भेजकर खेद जताया: स्मार्ट मीटर से 1500 रुपए तक काटे, मगर नहीं दिया कटौती का पूरा ब्योरा - Patna News

Published on 26 अग॰ 2026

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बिजली कंपनी द्वारा बिलिंग सॉफ्टवेयर बदले जाने के बाद शहर के करीब 5.06 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के खाते से 50 करोड़ से अधिक की राशि काट ली गई है। यह कटौती जून से अगस्त तक के फिक्स्ड चार्ज के नाम पर की गई है, जिसकी वसूली बिलिंग सिस्टम में बदलाव की प्रक्रिया के दौरान बंद थी।

हालांकि, अचानक प्रति उपभोक्ता 600 से 1500 रुपए तक की एकमुश्त कटौती होने और मैसेज में मदवार ब्योरा न दिए जाने से उपभोक्ताओं में भारी भ्रम और असमंजस की स्थिति बन गई है। उपभोक्ताओं के मोबाइल पर सिर्फ इनवॉइस सेटलमेंट के नाम से पैसे कटने का अलर्ट आ रहा है। कटौती किस मद में कितनी हुई है, इसकी स्पष्ट जानकारी न तो मैसेज में है और न ही 1912 हेल्पलाइन से मिल पा रही है। नतीजतन, परेशान उपभोक्ता बिजली कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। घरेलू कनेक्शन का फिक्स्ड चार्ज 80 रुपए प्रति किलोवाट है।

सैप की जगह आरएमएस लागू होने से रुकी थी कटौती

बिजली कंपनी मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार, पहले सीमित क्षमता वाला सैप बिलिंग सिस्टम था, जिसमें सभी डिविजनों की बिलिंग तिथियां अलग-अलग थीं। अब कंपनी ने आधुनिक रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है, जिससे पूरे पेसू क्षेत्र की बिलिंग एक साथ संभव हुई है। सिस्टम माइग्रेशन के कारण जून से फिक्स्ड चार्ज की नियमित मासिक कटौती नहीं हो पा रही थी, जिसे अब नए सॉफ्टवेयर के जरिए अगस्त में एक साथ सेटल किया गया है। कंपनी ने मैसेज में देरी के लिए खेद भी जताया है।

पेसू क्षेत्र का गणित : 80% घरेलू उपभोक्ताओं से वसूला जुर्माना

बिजली कंपनी मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, पेसू क्षेत्र में 7.61 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें 6.33 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा है। इनमें करीब 15 प्रतिशत यानी 95 हजार उपभोक्ता व्यावसायिक हैं। शेष 80 प्रतिशत यानी 5.06 लाख घरेलू उपभोक्ताओं से औसतन 1000 रुपए फिक्स चार्ज और स्वीकृत लोड से अधिक खपत करने पर जुर्माना लिया गया है। करीब 5 प्रतिशत वैसे उपभोक्ता हैं, जो 125 यूनिट के दायरे में हैं। ऐसे करीब 31 हजार घरेलू उपभोक्ताओं का बिल शून्य आता है।

उपभोक्ताओं का दर्द : केवल खेद जताया, ब्रेकअप तो बताए कंपनी पटना सिटी के घसियारी गली निवासी मुकेश शाह ने कहा कि घरेलू मीटर से 600 रुपए और कॉमर्शियल मीटर से 1100 रुपए कटे हैं। पूछने पर कहा गया कि इनवॉइस सेटलमेंट में पैसा काटा गया है। बिजली कंपनी के मैसेज में जून-जुलाई-अगस्त का फिक्स चार्ज काटने की जानकारी देने के साथ खेद व्यक्त किया गया है। लेकिन, कंपनी द्वारा मैसेज में जानकारी नहीं दी गई कि इनवॉइस सेटलमेंट में फिक्स चार्ज, स्वीकृत लोड से अधिक खपत और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी का कितना-कितना काटा गया है।

समझिए...क्या है इनवॉइस सेटलमेंट : बिजली बिल में मुख्य रूप से चार मद होते हैं-एनर्जी शुल्क, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी, फिक्स्ड चार्ज और स्वीकृत लोड से अधिक बिजली खपत पर लगने वाली पेनाल्टी। 125 यूनिट तक खपत पर विशेष छूट मिलती है, लेकिन 126 यूनिट होते ही ऊर्जा और ड्यूटी शुल्क के साथ फिक्स्ड चार्ज जुड़ जाता है। यही रुकी हुई राशि इस बार इनवॉइस सेटलमेंट के रूप में काटी गई है।