Aug 22, 2026 06:03 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
मुख्य बातें
- जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया लिमिटेड को अब आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी का इंतजार करना होगा
- बता दें कि यह हैदराबाद की कंपनी है

गुलजार है आईपीओ बाजार
बीते कुछ महीनों से इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) मार्केट गुलजार है। कई बड़ी कंपनियों के आईपीओ लॉन्च हो चुके हैं तो कुछ लॉन्चिंग की तैयारी में हैं। वहीं, कुछ कंपनियों ने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है। ऐसी ही हैदराबाद की कंपनी जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया लिमिटेड (GEF) भी है। करीब 16 साल पुरानी कंपनी को अब आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी का इंतजार करना होगा।
आईपीओ की डिटेल?
इस कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ के लिए मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 41.15 मिलियन तक इक्विटी शेयरों की बिक्री (OFS) शामिल है। चूंकि IPO में कोई नया इश्यू शामिल नहीं है, इसलिए कंपनी को इस ऑफरिंग से कोई रकम नहीं मिलेगी। OFS के जरिए जुटाई गई रकम बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगी। शेयर बेचने वाले प्रमोटर में अल्का चौधरी और गोल्डन एग्री इंटरनेशनल एंटरप्राइजेज हैं। इसके अलावा, ब्लैक रिवर फूड 2 और इन्वेस्टमेंट एंड कमर्शियल एंटरप्राइज भी शामिल हैं। ब्लैक रिवर फूड 2 3.09 करोड़ तक शेयर बेचेगी। इसके बाद इन्वेस्टमेंट एंड कमर्शियल एंटरप्राइज 61.73 लाख तक शेयर बेचेगी जबकि अल्का चौधरी और गोल्डन एग्री इंटरनेशनल एंटरप्राइजेज में से हर एक 20.58 लाख तक शेयर बेचने वाली है। मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड और IIFL कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड आईपीओ के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं जबकि KFin टेक्नोलॉजीज लिमिटेड इस ऑफर की रजिस्ट्रार है।
कंपनी के बारे में
हैदराबाद में हेडक्वार्टर वाली जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स खाने योग्य तेलों और खास तरह के फैट्स की ट्रेडिंग, प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग का काम करती है। कंपनी मसालों और कन्वीनियंस फूड्स के क्षेत्र में भी अपना कारोबार बढ़ा रही है। जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स के कंज्यूमर ब्रांड्स में फ्रीडम, बी-राइट और फर्स्ट क्लास शामिल हैं।
कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक 1600 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर, 3 लाख रिटेल आउटलेट और 60 से अधिक वेयरहाउस और स्टॉक पॉइंट हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) में कंपनी ने ऑपरेशन्स से ₹12,650 करोड़ का रेवेन्यू बताया। वहीं, एबिटा लगभग ₹794 करोड़ रही। कंपनी का ब्रांडेड रेवेन्यू FY20 और FY25 के बीच 20.5% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ा जबकि पूरे ब्रांडेड खाने के तेल के मार्केट में यह ग्रोथ 10.1% थी।
बता दें कि जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स चार बिजनेस वर्टिकल में काम करती है। ये चार वर्टिकल ब्रांडेड रिटेल कंज्यूमर, इंडस्ट्रियल कंज्यूमर, बल्क मर्चेंडाइजिंग और मसाले-कन्वीनियंस फूड्स हैं। इसके खाने के तेल के पोर्टफोलियो में सूरजमुखी, राइस ब्रान, सरसों, मूंगफली, सोयाबीन और पाम ऑयल शामिल हैं। कंपनी ने हाल ही में मसाले और कन्वीनियंस फूड्स के बिजनेस में भी कदम रखा है। कंपनी की आंध्र प्रदेश में तीन रिफाइनरी और ओडिशा के कटक में एक पैकेजिंग फैसिलिटी है। 31 मार्च 2026 तक इसके डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में 62 वेयरहाउस थे।
