हिन्दी दिवस पर मेधावियों का भव्य सम्मान, आगरा पब्लिक स्कूल में 18 मेधावी छात्र और 5 हस्तियां सम्मानित - Up18 News

Published on 27 सित॰ 2026

आगरा: हिन्दी दिवस के पावन अवसर पर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की ओर से एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। विजय नगर कॉलोनी स्थित आगरा पब्लिक स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 के दौरान हिन्दी विषय में सर्वोत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले 18 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, मातृभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार और संवर्द्धन में उल्लेखनीय योगदान देने वाली पांच विशिष्ट विभूतियों को भी सम्मानित किया गया, जिससे सभी सम्मानित चेहरे खुशी से खिल उठे।

दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुआ शुभारंभ

​कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदे (माता सरस्वती) और भगवान परशुराम के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस पवित्र अनुष्ठान को अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मधु भारद्वाज, मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. डी.वी. शर्मा, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कुसुम चतुर्वेदी, डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, पं. अनिकेत शर्मा व अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से पूरा किया। इसके पश्चात सभी ने मिलकर भगवान परशुराम की सामूहिक आरती की। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत ममता पचौरी और आरती शर्मा ने किया, जबकि मनमोहक सरस्वती वंदना की प्रस्तुति डॉ. कुसुम चतुर्वेदी द्वारा दी गई।

डॉ. मधु भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि देश भर में प्रतिवर्ष 14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महासभा हर साल सितंबर माह में विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं के अंतर्गत हिन्दी विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले मेधावियों को सम्मानित करती है ताकि युवाओं में अपनी मातृभाषा के प्रति रुचि और सम्मान बढ़े।

​सम्मानित होने वाले मेधावी विद्यार्थी

​वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में हिन्दी विषय में शानदार प्रदर्शन करने वाले जिन मेधावियों को सम्मानित किया गया, उनमें ​मिष्ठी गौड़, वैष्णवी शर्मा, आयुष्वी गौतम, चाणक्य गोस्वामी, पर्व जैन, मौलिक सिंघल, अंश त्रिपाठी, आराध्या गोयल, प्रिंसी, चहक अग्रवाल, कार्तिक चौधरी, मनीषा गोयल, आरुष भारद्वाज, आर्यन गोयल, अदिति शर्मा, अरुनि भार्गव, अलौकिक कौशिक और यशवी शर्मा प्रमुख रूप से शामिल हैं।

​इसके अलावा, शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में हिन्दी के प्रचार-प्रसार में विशेष योगदान देने के लिए पूनम माहेश्वरी, अनुराधा शर्मा, रिचा चौधरी, शिल्पी गुप्ता और कृतिका गुप्ता को भी सम्मानित किया गया।

अतिथियों के विचार और प्रेरणादायक संदेश

अति विशिष्ट अतिथि डॉ. चंद्रशेखर शर्मा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि भाषा अपना स्थान और पहचान स्वयं बना लेती है, ठीक वैसे ही जैसे नदियां अपना रास्ता खुद तय करती हैं।

मुख्य अतिथि डॉ. डी.वी. शर्मा ने कहा कि आज के बदलते हुए परिवेश में हिन्दी की परिभाषा और उसका दायरा भी बदला है, इसलिए सरकार को आगे आकर हिन्दी को राष्ट्रभाषा घोषित करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही डॉ. कुसुम चतुर्वेदी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि एक शिक्षक को हमेशा प्रजातांत्रिक और मनोवैज्ञानिक सोच का होना चाहिए।

कार्यक्रम का कुशल संचालन आकांक्षा शर्मा ने किया, जबकि अंत में आभार व्यक्त वंदना तिवारी ने किया। इस अवसर पर दीप्ति भार्गव, वंदना तिवारी, विजया तिवारी, किरण शर्मा, डॉ. अरुणा भार्गव, अनुपम चतुर्वेदी, रेखा तिवारी, राजकुमारी पाराशर, अर्चना पाठक, अनीता शर्मा, पूजा भारद्वाज, अरुण कुमार सारस्वत, प्रवीण कटारा, अभिषेक दीक्षित, शाहतोष गौतम और डॉ. आभा चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।