संजय दत्त रोक सकते थे 1993 मुंबई बम ब्लास्ट, उज्ज्वल निकम ने क्या बताया?

Published on 12 जुल॰ 2026

बॉलीवुड के टैलेंटेड एक्टर्स में शुमार राजकुमार राव इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'प्रहार' को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसमें वह देश के मशहूर सरकारी वकील और मौजूदा सांसद उज्ज्वल निकम का किरदार निभा रहे हैं. इसी बीच, वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम ने 1993 के मुंबई बम धमाकों और उसमें फिल्म एक्टर संजय दत्त पर बड़ा बयान दिया है.

द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में जब उनसे 1993 के मुंबई बम धमाकों और उसमें फिल्म एक्टर संजय दत्त की भूमिका को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया. निकम के मुताबिक, अगर संजय दत्त ने सही समय पर समझदारी दिखाई होती, तो मुंबई में हुए उन भयानक धमाकों को होने से रोका जा सकता था और सैकड़ों लोगों की जान बच सकती थी.

उज्ज्वल निकम ने क्या कहा?
इंटरव्यू के दौरान जब एंकर ने उज्ज्वल निकम से पूछा कि क्या संजय दत्त 1993 बम धमाकों को रोक सकते थे? इस पर जवाब देते हुए निकम ने बताया कि धमाकों से पहले अबू सालेम एक टेम्पो ट्रक में भरकर भारी मात्रा में खतरनाक हथियार लेकर आया था. इन हथियारों में कई हैंड ग्रेनेड और एके-47 (AK-47) राइफल्स शामिल थी. संजय दत्त ने इनमें से कुछ हथियार अपने पास रख लिए थे, हालांकि बाद में उन्होंने हैंड ग्रेनेड्स वापस भी कर दिए थे.

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उज्ज्वल निकम ने आगे कहा कि उनका मानना हमेशा से यही रहा है कि अगर संजय दत्त को जैसे ही उन हथियारों के बारे में पता चला था, वह उसी वक्त बिना डरे पुलिस को इसकी जानकारी दे देते, तो कहानी कुछ और होती. पुलिस तुरंत एक्शन लेती और धमाकों की साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सकता था. निकम ने कहा कि ऐसा होने पर साजिश में शामिल सभी अपराधियों की समय रहते गिरफ्तारी हो जाती और पूरी साजिश का भंडाफोड़ बहुत पहले ही हो जाता.

BIG REVELATION 🚨

Ujjwal Nikam says "Sanjay Dutt was not a terrorist, but if he had informed the police after receiving the weapons, the 1993 Bombay blasts could have been prevented and countless lives might have been saved."💔💔 pic.twitter.com/UzwGoHVrfJ

— Amit Kumar Sindhi (@AMIT_GUJJU) July 12, 2026

बच सकती थी कई बेगुनाह लोगों की जान
वीडियो में जब उनसे पूछा गया कि इससे तो कई लोगों की जान भी बच सकती थी? तो उज्ज्वल निकम ने इस बात का पूरा समर्थन किया. उन्होंने कहा कि उनका संजय दत्त को दोषी ठहराने का सबसे बड़ा कारण यही है कि उनके पास मौका था, लेकिन उन्होंने उस टाइम पुलिस को नहीं बताया. अगर वह समय पर पुलिस को इन्फॉर्म कर देते, तो मुंबई में जो तबाही मची और जितने लोगों की जानें गईं, उसे निश्चित तौर पर टाला जा सकता था.

'संजय दत्त आतंकवादी नहीं- उज्जव निकम
हालांकि, इस गंभीर आरोप के साथ ही उज्ज्वल निकम ने एक बात बिल्कुल साफ कर दी. उन्होंने कहा, 'मैं यह बात एक बार फिर पूरी तरह साफ कर देना चाहता हूं कि संजय दत्त कोई आतंकवादी नहीं थे.' निकम ने बताया कि संजय दत्त का इरादा कोई आतंकी हमला करना नहीं था, बल्कि उन्हें असल में हथियारों (वेपनरी) का बहुत शौक था. इसी शौक और लापरवाही के चलते उन्होंने वे हथियार अपने पास रख लिए थे, जिसने बाद में उन्हें एक बहुत बड़ी कानूनी मुसीबत में डाल दिया.

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