जयपुर35 मिनट पहलेलेखक: डूंगरसिंह राजपुरोहित
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नियम पहले ही बदले
राजस्थान में मुख्यमंत्री जन आवास योजना सबसे खराब स्थिति में चल रही है। 3.34 लाख में से करीब 2.5 लाख आवास बने ही नहीं। ऊपर से केंद्र ने 28 लाख आवास और बनाने का लक्ष्य दे दिया। पिछले टारगेट पूरे नहीं हुए तो केंद्र ने जन आवास का अनुदान रोकने की चेतावनी दी।
इससे घबराई सरकार ने पिछले दिनों घुमंतू, अर्द्ध घुमंतू परिवारों को जयपुर के जयसिंहपुरा खोर में बुनियादी सेवाओं के तहत 473 फ्लैट्स मुफ्त आवंटित किए। पूरे स्टेट का लक्ष्य अभी मीलों दूर है। मुफ्त आवास आवंटन पर भी केंद्र की नाराजगी दूर नहीं हुई। उसके बाद नगरीय विकास विभाग ने सीएम जन आवास योजना के नियम ही बदल डाले।
तय यह था कि पहले जन आवास की देरी की जांच के लिए गठित की गई विशेष समिति को रिपोर्ट देनी थी। कमेटी ने रिपोर्ट नहीं दी। उससे पहले ही नियम बदलकर खासकर लक्ष्य पूरे करने के लिए बिल्डरों को मोटी रियायतें दी गई हैं। इसके माध्यम से अधूरे लक्ष्य बिल्डरों के माध्यम से पूरे कराने की कवायद चल रही है।
बिल्डरों को दी नई रियायतें 1. पेनल्टी माफी: सीएम जन आवास के अटके और अधूरे प्रोजेक्ट्स की अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन करने पर 100 प्रतिशत पेनल्टी (लेट फीस) माफ़ होगी। 2. प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय: सरकार ने अलग-अलग चरणों में रुके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए नई समय-सीमा तय कर राहत दी है। 3. अब 6 माह समय मिलेगा: जिन प्रोजेक्ट्स में 90-A (भू-उपयोग परिवर्तन) हो चुका है, लेकिन पट्टा या ले-आउट प्लान जारी नहीं हुआ, उन्हें अब 6 महीने में आवेदन करना होगा। पहले एक माह में करना होता था। 4. बिल्डिंग नक्शा पास कराने 3 माह मिलेंगे: जिनके पास पट्टा या लीज डीड है, लेकिन बिल्डिंग मैप (नक्शा) स्वीकृत नहीं हुआ, उन्हें 3 महीने का समय दिया गया है।
94 हजार आवास तो शुरू ही नहीं हुए सीएम जन आवास योजना के करीब 94,000 आवासों का निर्माण तो 5 साल में शुरू भी नहीं हुआ है। जयपुर, भिवाड़ी, जोधपुर, ब्यावर, नागौर सहित आधा दर्जन जिलों में प्रोजेक्ट अटके हैं। इस सरकार के गठन के 3 माह बाद ही फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री जन आवास योजना, सेक्टर-26 प्रताप नगर, सांगानेर, जयपुर, मुख्यमंत्री जन आवास योजना, सेक्टर-8 चेतक मार्ग, प्रताप नगर, जयपुर, मुख्यमंत्री जन आवास योजना, अरावली विहार भिवाड़ी लाई गई। लेकिन ढाई साल से प्रगति की रिपोर्ट का इंतजार है। आगे का लक्ष्य: राजस्थान के 31 शहरों में सीएम जन आवास योजना के तहत इस सरकार के काल में 28 लाख नए आवास बनाए जाने हैं। इसकी बजट घोषणा है। 2026-27 के लिए 75 हजार नए आवासों की स्वीकृति मिल चुकी है। सीएस के आदेश पर बनाई थी जांच कमेटी: सीएम जन आवासों के निर्माण में देरी की जांच के लिए विशेष समिति गठित करने के 4 माह पहले आदेश हुए थे। सीएस के आदेश थे। आवास निर्माण और पजेशन में हो रही देरी की जांच के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग कमेटी का गठन हुआ। लेकिन उसके बाद कुछ नहीं किया।
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