पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में हुए शक्तिशाली धमाके में दो लोगों की मौत, एक स्थानीय नेता बाल-बाल बचा। जानिए पूरी खबर।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में धमाका, 2 की मौत (सांकेतिक तस्वीर)
- Published: 26 Jul 2026, 10:39 AM IST
- Last Updated: 26 Jul 2026, 10:39 AM IST
Khyber Pakhtunkhwa explosion: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा से एक बड़ी और दहला देने वाली खबर सामने आई है। शनिवार को एक शक्तिशाली धमाके में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। इस भीषण विस्फोट में एक स्थानीय नेता बाल-बाल बच गया, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
ताली बांड के पास हुआ धमाका
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले की सलारजई तहसील के ताली बांड के पास हुआ। इस हादसे में जान गंवाने वाले दोनों लोगों की पहचान सुलेमान कारी और गुलाम के रूप में हुई है, जो दोनों ही बाजौर जिले के निवासी थे।
पुलिस ने बताया कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके शवों को खार अस्पताल में पहुँचाया गया। अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस विस्फोट की प्रकृति क्या थी या क्या इन दोनों को ही विशेष रूप से निशाना बनाया गया था।
स्थानीय नेता की बची जान
पुलिस के मुताबिक, घटना के समय एक स्थानीय नेता भी उसी इलाके में मौजूद था। वह इस शक्तिशाली धमाके की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया और उसे कोई चोट नहीं आई।
इस अचानक हुए विस्फोट से स्थानीय रहवासियों के बीच भारी दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुँच गए। अधिकारियों ने पूरे इलाके को अपने घेरे में ले लिया और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है।
आतंकवाद से जूझ रहा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत
पाकिस्तान का यह उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा पिछले कुछ वर्षों से देश के सबसे अशांत और संवेदनशील क्षेत्रों में से एक बना हुआ है।यहां आतंकवादी गतिविधियों, अफगानिस्तान से आतंकवादियों की आवाजाही और लगातार चलने वाले सैन्य अभियानों के कारण हिंसा की घटनाएं आम हो चुकी हैं।
पाकिस्तान की संघीय सरकार लगातार प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पर अफगानिस्तान की सीमा से लगे इन प्रांतों में आतंकी हमलों को अंजाम देने का आरोप लगाती रही है। नवंबर 2022 में सरकार के साथ संघर्षविराम समझौता टूटने के बाद से यहाँ हिंसा और बढ़ी है।
कुछ दिन पहले ही हुआ था आत्मघाती हमला
यह ताजा धमाका ठीक उस घटना के दो दिन बाद हुआ है, जब इसी प्रांत में एक और बड़ा खूनी हमला हुआ था। बीती 24 जुलाई को खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदा वाहन सुरक्षा चेकपॉइंट से टकरा दिया था।
उस भीषण हमले में 15 सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई थी, जिनमें 12 सैनिक, 2 पुलिसकर्मी और वन विभाग के एक पूर्व अधिकारी शामिल थे।
बाजौर में हुए इस ताजे विस्फोट ने एक बार फिर इस प्रांत की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारी जहां इस मामले की गहराई से छानबीन कर रहे हैं, वहीं सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पूरी तरह हाई अलर्ट पर हैं।