लखनऊ36 मिनट पहले
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शामली में हुई सिंगर अंकित बालियान की हत्या में शामिल चार शूटरों में से दो को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या में शामिल बाकी दो शूटर पूरी प्लानिंग के साथ विदेश भागने में कामयाब हो गए हैं। हालांकि, पुलिस सूत्रों के इस दावे के विपरीत, सोमवार को यूपी की शामली पुलिस और एसटीएफ (STF) की संयुक्त कार्रवाई में दो शूटरों को एनकाउंटर में ढेर करने के बाद लखनऊ में डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी घटना की जानकारी दी और इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस फोर्स को 2 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की।
डीजीपी ने बताया कि अंकित की हत्या के मामले की शुरुआती जांच में पता चला है कि मोहित, सुमित और दो अन्य शूटरों ने रेकी के आधार पर अंकित पर हमला किया था। घटना के बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए थे। बाकी दो शूटर, सत्यम और आर्यन, करनाल से जुड़े बताए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस उनके विदेश भागने की बात से इंकार कर रही है और दोनों की तलाश हरियाणा में कर रही है। गोगी गैंग के कुछ सदस्य पहले से ही विदेश में बताए जा रहे हैं, जिनमें संजीव दहिया UAE में और राहुल उर्फ भोलू कनाडा में मौजूद है।

DGP ने टीम को 2 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।
डीजीपी ने कहा- गोगी गैंग के शामिल होने के संकेत मिले
इस मामले में गोगी गैंग का हाथ होने के संकेत मिले हैं। 26-27 अगस्त को सोशल मीडिया पर राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया के इंस्टाग्राम अकाउंट से गोगी गैंग ने हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए पोस्ट किया था, जिसकी जांच चल रही है। डीजीपी ने बताया कि इस मामले का बैकग्राउंड पुरानी गैंगवार से जुड़ा है। सितंबर 2021 में रोहिणी कोर्ट में टिल्लू गैंग के शूटरों ने जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या कर दी थी, जिसके बाद गोगी गैंग ने बदला लेते हुए मई 2023 में तिहाड़ जेल के अंदर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी थी।
अंकित बालियान ने "भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान" नाम का गाना गाया था, जिसे यूट्यूब पर 5.4 करोड़ व्यूज मिले थे। गोगी गैंग ने इस गाने को गोगी की हत्या से जोड़कर अपना अपमान माना था। 2022-23 में अंकित को धमकियां भी दी गई थीं। उस समय अंकित ने सफाई दी थी कि उन्होंने सिर्फ अभिनय (एक्टिंग) किया है, लेकिन गैंग ने उन पर टिल्लू गुट से मिलकर गाना रिलीज करने का आरोप लगाया। अंकित ने इस धमकी की जानकारी अपने परिवार या पुलिस को नहीं दी थी।
डीजीपी ने बताया कि हत्या के बाद एडीजी लॉ एंड ऑर्डर और एडीजी मेरठ जोन ने एक विशेष टीम गठित की थी, जिसमें एसटीएफ मेरठ, गौतमबुद्ध नगर और जोन के विभिन्न जिलों के 11 अधिकारी शामिल थे, जिनमें 4 आईपीएस अधिकारी भी थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल गतिविधियों, आवाजाही और संपर्कों के आधार पर दोनों शूटरों की पहचान की। मोहित के खिलाफ हरियाणा में करीब 14 मामले और सुमित के खिलाफ 1 मामला दर्ज होने की जानकारी मिली है।

यूपी को अपराधियों की शरणस्थली नहीं बनने देंगे
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने टीम को 2 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश की सीमा के बाहर बैठकर, जेलों से या विदेशों से साजिश रचने वाले अपराधी किसी भ्रम में न रहें; यूपी की जमीन को किसी गैंग की रंजिश या शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा।
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