Updated On: Aug 01, 2026 | 08:15 AM IST
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सार
Neeraj Chopra Silver: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीत लिया है, चोट के बाद नीरज की शानदार वापसी ने फैंस का दिल जीत लिया।

नीरज चोपड़ा (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Neeraj Chopra Won Silver In Javelin Throw CWG 2026: भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.83 मीटर के अपने सीजन के बेस्ट थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीत लिया है। पीठ के निचले हिस्से की चोट से उबरकर लौटे 28 साल के पूर्व ओलंपिक चैंपियन ने स्कॉटस्टाउन स्टेडियम में ठंडी और तेज हवाओं जैसी मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद दूसरा स्थान हासिल किया।
सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो
ग्लास्गो में खेले गए पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में नीरज ने 85.83 मीटर का सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहे। श्रीलंका के रुमेश तरंगा पथिरागे ने 89.75 मीटर का शानदार थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। नीरज का आखिरी प्रयास फाउल रहा, लेकिन इससे पहले किया गया उनका 85.83 मीटर का थ्रो उन्हें रजत पदक दिलाने के लिए काफी साबित हुआ।
नीरज चोपड़ा चोट के कारण 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे। इसलिए, 2026 से पहले उनका पिछला वास्तविक प्रदर्शन 2018 के गोल्ड कोस्ट ऑस्ट्रेलिया कॉमनवेल्थ गेम्स में था, जहां उन्होंने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। ये नीरज का कॉमनवेल्थ गेम्स में दूसरा पदक है। हालांकि पदक जीतने के बावजूद उन्होंने माना कि वो अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं और अपनी पुरानी लय हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
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A double podium finish to remember! 🥈🥉🇮🇳 Congratulations to Neeraj Chopra for winning Silver and Yash Vir Singh for securing Bronze in the Men’s Javelin Throw at the Commonwealth Games. Two Indians finishing on the podium is a historic first for this event. This is a truly… pic.twitter.com/QmqnW2VJT1 — Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) July 31, 2026
नीरज चोपड़ा ने क्या कहा?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नीरज ने रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया, लेकिन इस उपलब्धि के बाद भी उन्होंने साफ कहा कि उनकी वापसी अभी पूरी नहीं हुई है। नीरज का मानना है कि वो धीरे-धीरे अपनी पुरानी लय हासिल कर रहे हैं और अभी उन्हें अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तक पहुंचने के लिए और मेहनत करनी होगी।
मुकाबले के बाद नीरज ने कहा, मैं ये नहीं कह सकता कि मेरी फिटनेस पहले जैसी हो गई है। मैं धीरे-धीरे उस स्तर तक पहुंच रहा हूं। दोहा डायमंड लीग मेरी चोट के बाद पहली प्रतियोगिता थी। वहां मैं पूरी तरह तैयार नहीं था। यहां पहले से बेहतर महसूस कर रहा था, लेकिन अभी भी अपनी लय वापस पाने की कोशिश कर रहा हूं। आने वाली प्रतियोगिताओं में और सुधार करना चाहता हूं।
पूरी तरह फिट होना बेहद जरूरी – नीरज
नीरज चोपड़ा ने कहा कि बड़े स्तर पर सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि पूरी तरह फिट होना भी बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा, स्वर्ण पदक जीतने का दबाव नहीं था। सबसे बड़ा फर्क तब पड़ता है, जब आप 100 प्रतिशत फिट होते हैं। तब आपके अंदर लड़ने का अलग ही आत्मविश्वास होता है। लेकिन चोट से वापसी के बाद हर कदम संभलकर रखना पड़ता है। आज भी मैं हर थ्रो में सावधानी बरत रहा था।
उन्होंने ग्लास्गो के ठंडे मौसम को भी चुनौती बताया। नीरज ने कहा कि उन्हें गर्म मौसम में बेहतर प्रदर्शन करना पसंद है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मेरे लिए ठंड में अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं होता। मुझे गर्म मौसम ज्यादा पसंद है क्योंकि मेरे अंदर भारतीय खून है।’
A landmark day for Indian javelin. 🇮🇳💪 Neeraj Chopra shares his thoughts on India’s double podium finish in javelin, the drive to keep getting better and the emergence of the next generation. 🗣️ pic.twitter.com/2EMV2AaK59 — Olympic Khel ™ (@OlympicKhel) July 31, 2026
रजत पर नहीं रुकेंगे नीरज
नीरज ने ये भी माना कि इस मुकाबले में उनके पास भी केवल एक अच्छा थ्रो था, जबकि स्वर्ण पदक जीतने वाले रुमेश तरंगा पथिरागे ने भी एक बेहतरीन थ्रो के दम पर मुकाबला अपने नाम किया। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी एक अच्छा थ्रो ही जीत के लिए काफी होता है। आज उनके पास भी एक शानदार थ्रो था और मेरे पास भी।’
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रजत पदक जीतने के बावजूद नीरज इससे संतुष्ट होकर रुकना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि अभी उनके प्रदर्शन में काफी सुधार की गुंजाइश है और आने वाली प्रतियोगिताओं में वो पहले से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। उनके मुताबिक लक्ष्य अब लगातार खुद को बेहतर बनाना और पूरी फिटनेस के साथ मैदान पर लौटना है।
CWG 2026 पुरुषों की जैवलिन थ्रो फाइनल रैंकिंग –
| स्थान | खिलाड़ी | देश | सर्वश्रेष्ठ दूरी |
|---|---|---|---|
| स्वर्ण | रूमेश थरंगा पाथिरागे | श्रीलंका (SRI) | 89.75 मीटर |
| रजत | नीरज चोपड़ा | भारत (IND) | 85.83 मीटर |
| कांस्य | यश वीर सिंह | भारत (IND) | 85.41 मीटर |
| 4 | एंडरसन पीटर्स | ग्रेनाडा (GRN) | 83.88 मीटर |
| 7 | रोहित यादव | भारत (IND) | 81.56 मीटर |
| 9 | अरशद नदीम | पाकिस्तान (PAK) | 77.41 मीटर |
