Ranchi News: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं. परीक्षा के लिए केंद्र तय करने का काम अब अंतिम दौर में पहुंच गया है. सभी जिलों में स्कूल-कॉलेजों का चयन कर उसकी रिपोर्ट झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) को भेज दी गई है. परीक्षा के लिए ऐसे स्कूल-कॉलेजों को प्राथमिकता दी गई है, जहां सीसीटीवी कैमरे की सुविधा मौजूद है.
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जेटेट के लिए आवेदन करते समय अभ्यर्थियों से परीक्षा केंद्र के लिए जिले की पसंद पूछी गई थी. अभ्यर्थी अपने गृह जिले को छोड़कर राज्य के किसी दूसरे जिले में परीक्षा केंद्र चुन सकते थे. इसी पसंद के आधार पर अलग-अलग जिलों में परीक्षा केंद्र तय किए गए हैं.
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इस बार जेटेट में करीब 4.40 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे. इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए राज्यभर में एक हजार से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. परीक्षा एक ही दिन दो पालियों में कराने की तैयारी है.
परीक्षा के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी या नकल न हो, इसके लिए केंद्रों पर सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी. परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के भी जरूरी इंतजाम किए जाएंगे.
जेटेट 2026 की परीक्षा 11 अक्टूबर को कराने की तैयारी है. जैक ने परीक्षा से लेकर रिजल्ट जारी होने तक का पूरा प्रस्तावित शेड्यूल स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को भेज दिया है. हालांकि परीक्षा की तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है. परीक्षा राज्य के सभी जिलों में कराने की तैयारी की जा रही है.
जेटेट में दो स्तर की परीक्षा होगी. पहली परीक्षा कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों के लिए और दूसरी कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए होगी. दोनों परीक्षाएं एक ही दिन अलग-अलग पालियों में होंगी. जो अभ्यर्थी दोनों स्तरों के लिए आवेदन कर चुके हैं, उन्हें दोनों पालियों में परीक्षा देनी होगी.
जैक की प्रस्तावित योजना के मुताबिक, सितंबर के आखिरी सप्ताह से एडमिट कार्ड जारी किए जा सकते हैं. अभ्यर्थी जैक की वेबसाइट से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे. परीक्षा के बाद नवंबर में आंसर की जारी की जाएगी और अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी जाएंगी. आपत्तियों के निपटारे के बाद फाइनल आंसर की जारी होगी. इसके बाद दिसंबर में रिजल्ट जारी करने की तैयारी है.
झारखंड में पिछली जेटेट परीक्षा वर्ष 2016 में हुई थी. इसके बाद से अभ्यर्थी लंबे समय से शिक्षक पात्रता परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं. राज्य में शिक्षा का अधिकार कानून वर्ष 2011 से लागू है. इसके तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमित रूप से कराई जानी चाहिए, लेकिन झारखंड में अब तक यह परीक्षा केवल दो बार ही आयोजित की गई है.
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