July 12, 2026

ऑकलैंड : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच शनिवार को हुई वार्ता के बाद भारत और न्यूजीलैंड ने अपने संबंधों का रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक विस्तार किया तथा साथ ही दोनों देशों ने 2030 तक वस्तुओं एवं सेवाओं के द्विपक्षीय वार्षिक व्यापार को दोगुना कर 35,000 करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। दोनों नेताओं की बैठक में 18 ठोस परिणाम सामने आए, जिनमें 10 समझौतों पर हस्ताक्षर शामिल हैं। इनमें अगले 4 वर्षों में संबंधों को विस्तार देने की रूपरेखा, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग बढ़ाने का ढांचा तथा भारतीय नौसेना और न्यूजीलैंड रक्षा बल के बीच पारस्परिक लॉजिस्टिक सहयोग समझौता प्रमुख रहे।
वार्ता के बाद मोदी ने कहा, ‘हमने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया है। हम स्पष्ट लक्ष्यों और ठोस नतीजों के साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे।’ एक संयुक्त बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी और लक्सन ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर विचार-विमर्श किया और स्वतंत्र, खुले एवं समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा के महत्व पर भी जोर दिया।
बयान के अनुसार, दोनों प्रधानमंत्रियों ने समुद्री नौवहन और हवाई उड़ान की स्वतंत्रता तथा समुद्रों के अन्य वैध उपयोगों को सुनिश्चित करने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह सब अंतर्राष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन, 1982 के अनुरूप होना चाहिए। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की अपनी प्राथमिकता के तहत दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा संवाद शुरू करने पर भी सहमति जताई ताकि समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग, समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान को और मजबूत किया जा सके। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री से वार्ता के दौरान मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड, दोनों समुद्री राष्ट्र हैं और दोनों के बीच गहरा सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र को नई मजबूती प्रदान करेगा।
युक्त बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और लक्सन ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में फिर से बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की और सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी और लक्सन ने संयुक्त राष्ट्र में ‘’व्यापक और प्रभावी’’ सुधारों की आवश्यकता पर भी बल दिया तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार के प्रति अपना समर्थन दोहराया। दोनों नेताओं ने स्थिर, पारदर्शी और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं के महत्व पर भी चर्चा की।