Updated: Sun, 11 Oct 2026 12:08 PM (IST)
परियोजना की प्रतीकात्मक तस्वीर (AI GENERATED IMAGE)
झारखंड में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ अजीत कुमार मोहंती ने कहा कि 2047 तक देश में बिजली उत्पादन का प्रमुख स्रोत कोयले की जगह परमाणु ऊर्जा होगी.
Nuclear Power Plant in Jharkhand: झारखंड में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने की संभावनाएं हैं. इसके लिए जरूरी है कि जमीन उपलब्ध हो, आसपास पानी का स्रोत हो और भूकंपीय गतिविधियां कम हों. राज्य में ऐसी जगहें हैं, जहां परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में विकास की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं. देश में वर्ष 2047 तक बिजली उत्पादन का मुख्य स्रोत कोयला नहीं परमाणु ऊर्जा ही होगी. यह बात परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष सह भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ अजीत कुमार मोहंती ने कही. वे बीआइटी मेसरा में आयोजित दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने रांची आये थे. प्रभात खबर से विशेष बातचीत में उन्होंने देश में परमाणु ऊर्जा की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना, झारखंड में यूरेनियम की उपलब्धता और इस क्षेत्र में युवाओं के लिए संभावनाओं पर चर्चा की.
प्रभात खबर से विशेष बातचीत
1. परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में शोध और काम करने के लिए युवा कैसे आगे बढ़ सकते हैं?
छात्र-छात्राएं परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में नये नवाचार और शोध कर सकते हैं. विभिन्न प्रकार के रिएक्टरों पर काम करने की संभावनाएं हैं. कई शोधार्थी इस दिशा में काम कर रहे हैं. अगली पीढ़ी के रिएक्टर विकसित करने पर भी शोध चल रहा है. ये रिएक्टर खास होंगे, क्योंकि इनमें थोरियम का भी इस्तेमाल हो सकेगा. इस क्षेत्र में युवाओं के लिए बेहतर अवसर हैं. हालांकि युवा जिस भी विषय या क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे हैं, उसे पूरी लगन से करें. ऐसा नहीं है कि सिर्फ परमाणु ऊर्जा विभाग या ऊर्जा क्षेत्र में ही बेहतर भविष्य है. आज सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर हैं.
2. कोयले पर निर्भरता कम करने के लिए परमाणु ऊर्जा कितनी सहायक होगी?
परमाणु ऊर्जा का योगदान धीरे-धीरे बढ़ेगा. हम 2047 तक परमाणु ऊर्जा की उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 100 गीगावाट करने की योजना पर काम कर रहे हैं. वर्तमान में देश की उत्पादन क्षमता करीब नौ गीगावाट है. ऊर्जा की जरूरत पूरी करने के लिए दूसरे स्रोत भी बने रहेंगे. उन्हें एक साथ पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता.
3. परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कौन-कौन सी प्रमुख परियोजनाओं पर काम चल रहा है
न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और भाविनी परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. हम चाहते हैं कि निजी क्षेत्र की कंपनियां भी इस दिशा में आगे आयें. अब तक निजी क्षेत्र की ओर से अपेक्षित पहल नहीं हुई है. सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत भी परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना है.
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4. परमाणु ऊर्जा के विकास में झारखंड की क्या भूमिका होगी?
झारखंड में मिलने वाला यूरेनियम प्राकृतिक यूरेनियम है. यह कुछ अन्य राज्यों में भी उपलब्ध है. झारखंड में खनन क्षमता बढ़ने से परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की भूमिका भी बढ़ेगी. यूरेनियम परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए कच्चा माल है. यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि इस दिशा में काम कर रहा है.
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