- Hindi News
- Local
- Rajasthan
- Jaipur
- Give Tickets One Last Time, Or Give Your Family A Chance; 235 Seniors Raise Tensions Between The BJP And Congress.
जयपुर44 मिनट पहलेलेखक: भरत सिसोदिया
- कॉपी लिंक

- 55 से 65 साल के भाजपा के 165 और कांग्रेस के 70 दावेदार
जयपुर नगर निगम चुनाव में टिकट की लड़ाई केवल युवाओं और नए चेहरों के बीच नहीं है। भाजपा और कांग्रेस में 55 से 65 साल की उम्र के कुल 235 वरिष्ठ टिकट दावेदार हैं। इनमें भाजपा के 165 और कांग्रेस के 70 वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हैं। इनका पार्टी नेतृत्व के सामने तर्क है कि एक बार पार्षद का चुनाव लड़ने का मौका दे दीजिए, इसके बाद टिकट नहीं मांगेंगे। वरिष्ठों का कहना है कि वे अगले विधानसभा चुनाव में टिकट की दौड़ में नहीं रहेंगे। ऐसे में उन्हें पार्षद का टिकट देने से स्थानीय विधायक के राजनीतिक भविष्य को चुनौती नहीं मिलेगी।
सिविल लाइंस, बगरू और सांगानेर में सबसे ज्यादा दावेदार
55 से 65 वर्ष के दावेदारों की सबसे ज्यादा मौजूदगी सिविल लाइंस, बगरू और सांगानेर विधानसभा क्षेत्रों में सामने आई है। इन क्षेत्रों में वर्षों से संगठन में सक्रिय नेता और कार्यकर्ता पार्षद चुनाव के जरिए अपनी राजनीतिक पारी को चुनावी मैदान तक ले जाना चाहते हैं। वरिष्ठ दावेदारों का कहना है कि उन्होंने दशकों तक बूथ स्तर से लेकर विधानसभा चुनावों तक पार्टी के लिए काम किया है।
दावा-घरवालों को टिकट मिला तो अनुभव का लाभ मिलेगा
कई वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि यदि उम्र या अन्य कारणों से पार्टी उन्हें टिकट नहीं देती तो उनके परिवार के ऐसे सदस्य को मौका दिया जाए, जो लंबे समय से संगठन और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय है। उनका कहना है कि इससे उनके अनुभव, कार्यकर्ता नेटवर्क और क्षेत्रीय संपर्क का लाभ पार्टी को मिलता रहेगा। वे परिवार के सदस्य को जिताने और वार्ड में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की जिम्मेदारी भी ले सकते हैं।
दावेदारों का तर्क: विधायक के लिए हम कोई खतरा नहीं
वरिष्ठ दावेदारों का तर्क है कि 55 से 65 वर्ष की उम्र में पार्षद चुनाव लड़ने वाले अधिकांश नेता अगले विधानसभा चुनाव तक विधायक टिकट की दौड़ में सक्रिय दावेदार नहीं होंगे। इसलिए स्थानीय विधायक या विधानसभा क्षेत्र के अन्य बड़े नेताओं के पास उनकी दावेदारी का विरोध करने का ठोस राजनीतिक कारण नहीं है। उनका कहना है कि युवा चेहरे सोशल मीडिया और आधुनिक प्रचार में आगे हो सकते हैं, लेकिन वार्ड की सामाजिक संरचना, परिवारों से व्यक्तिगत संपर्क और वर्षों से बने कार्यकर्ता नेटवर्क में अनुभव की अपनी ताकत होती है।
.