कुरुक्षेत्र गीता द्वार पर 24 फीट चौड़ा कृष्ण-अर्जुन रथ लगेगा: 1200 किलो वजनी, गेट की ऊंचाई 5 फीट बढ़ाई; पिपली रोड की ट्रैफिक बंद - Kurukshetra News

Published on 16 अक्टू॰ 2026

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में दिल्ली-अमृतसर NH-44 से आने वाले लोगों को जल्द ही भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के रथ का भव्य स्वरूप दिखाई देगा। शहर के प्रवेश द्वार गीता द्वार को नया रूप दिया जा रहा है। द्वार की ऊंचाई करीब साढ़े चार फीट बढ़ाने के बाद अब इसके ऊ

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करीब 24 फीट चौड़े और 1200 किलो से अधिक वजन वाले इस रथ को लगाने के काम के चलते शुक्रवार को कुरुक्षेत्र-पिपली रोड पर गीता द्वार के दोनों ओर ट्रैफिक बंद रखा गया। इससे कुरुक्षेत्र से अंबाला, यमुनानगर और करनाल की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को जिंदल चौक के रास्ते नेशनल हाईवे पर पहुंचना पड़ रहा है।

क्रेन के जरिए रथ को द्वार के ऊपर स्थापित किया जाएगा।

क्रेन के जरिए रथ को द्वार के ऊपर स्थापित किया जाएगा।

1200 किलो वजनी रथ को क्रेन के जरिए गेट पर रखा जाएगा।

1200 किलो वजनी रथ को क्रेन के जरिए गेट पर रखा जाएगा।

कुरुक्षेत्र का महत्व दिखाने की कोशिश

इस द्वार का निर्माण पूरा होने के बाद हाईवे से गुजरने वाले लोगों को दूर से ही भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के रथ के दर्शन हो सकेंगे। इसमें भगवान श्री कृष्ण महाभारत युद्ध से पहले अर्जुन को गीता का उपदेश देते दिखेंगे। इस परियोजना के जरिए कुरुक्षेत्र के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को प्रवेश द्वार से ही दर्शाने की तैयारी है।

24 फीट चौड़ा रथ, वजन 1200 किलो वजनी

नगर परिषद के SDO जितेंद्र कुमार मुटनेजा के मुताबिक, गीता द्वार पर स्थापित किए जा रहे श्रीकृष्ण-अर्जुन के रथ की चौड़ाई करीब 24 फीट और ऊंचाई लगभग 5 फीट है। इसे FRB मैटेरियल (फाइबर-रेनफोर्स्ड प्लास्टिक) से तैयार किया गया है। इसका वजन 1200 किलो से अधिक है।

नगर परिषद और निर्माण एजेंसी के अधिकारी।

नगर परिषद और निर्माण एजेंसी के अधिकारी।

इन मूर्तियों को रथ पर किया जाएगा स्थापित।

इन मूर्तियों को रथ पर किया जाएगा स्थापित।

रथ के आगे FRB मैटेरियल से बने घोड़े लगेंगे।।

रथ के आगे FRB मैटेरियल से बने घोड़े लगेंगे।।

आग और बारिश से कोई फर्क नहीं

निर्माण एजेंसी के संचालक विशाल भाटिया ने बताया कि रथ को तैयार करने में ऐसी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जो आग, बारिश और जंग से सुरक्षित रहेगी। रथ स्थापित होने के बाद गीता द्वार पर सजावट, नक्काशी और लाइटिंग का काम भी किया जाएगा। रात के समय रोशनी के बीच द्वार का स्वरूप और आकर्षक दिखाई देगा।

पुराने द्वार से साढ़े चार फीट ज्यादा होगी ऊंचाई

गीता द्वार को नया स्वरूप देने के लिए पहले इसकी ऊंचाई बढ़ाई गई। पुराने द्वार के मुकाबले अब इसकी ऊंचाई करीब साढ़े चार फीट ज्यादा की गई है। इसके लिए पहले नया लेंटर डाला गया और अब इसके ऊपर रथ स्थापित किया जा रहा है। रथ का आकार और वजन देखते हुए इसे लगाने का काम विशेष सावधानी के साथ किया जा रहा है।

पिपली गीता द्वार के पास बैरिकेड्स लगाकर बंद किया गया रास्ता।

पिपली गीता द्वार के पास बैरिकेड्स लगाकर बंद किया गया रास्ता।

गीता द्वार की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर रूट डायवर्ट किया गया।

गीता द्वार की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर रूट डायवर्ट किया गया।

गीता द्वार पर ट्रैफिक किया गया बंद

इस काम के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गीता द्वार के आसपास ट्रैफिक बंद किया गया है। सुबह 8 बजे से देर शाम तक कुरुक्षेत्र-पिपली मार्ग पर वाहनों की आवाजाही डायवर्ट रखी गई। इस कारण दूसरे शहरों की ओर जाने वाले वाहन चालकों को जिंदल चौक से नेशनल हाईवे का रास्ता लेना पड़ रहा है।

हाईवे से ही दिखेगी कुरुक्षेत्र की धार्मिक पहचान

गीता द्वार पर श्रीकृष्ण-अर्जुन के रथ की स्थापना का मकसद कुरुक्षेत्र की पहचान को उसके प्रवेश द्वार पर ही दर्शाना है। भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की धरती पर अर्जुन को गीता का संदेश दिया था। ऐसे में द्वार पर रथ की स्थापना इस धार्मिक विरासत को प्रतीकात्मक रूप से सामने लाएगी।