रिम्स में बढ़ेंगी मेडिकल की सीटें, 250 यूजी और 275 पीजी सीट करने की तैयारी

Published on 12 अग॰ 2026

Ranchi: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में मेडिकल शिक्षा को और बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है. रिम्स में यूजी की सीटें 180 से बढ़ाकर 250 करने की योजना है. इसके लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने सीट बढ़ाने को सैद्धांतिक रूप से शर्तों के साथ मंजूरी दी है.

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बुधवार को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में रिम्स के विकास कार्यों की समीक्षा हुई. बैठक में मेडिकल सीटों के साथ अस्पताल की सुविधाओं और व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी चर्चा की गई.

पीजी की सीटें 176 से बढ़ाकर 275 करने और पोस्ट-पीजी की सीटें 11 से बढ़ाकर 100 करने की भी योजना है. इन दोनों के लिए भी डीपीआर तैयार करने और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने पर चर्चा हुई.

सीटें बढ़ने के साथ रिम्स के पुराने आईपीडी, ओपीडी और एकेडमिक ब्लॉक का विस्तार और रेनोवेशन भी किया जाएगा. इसके लिए करीब 380 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. यह प्रस्ताव सेंट्रल स्पॉन्सर्ड स्कीम के तहत भेजा जाएगा. रिम्स के नॉर्थ और साउथ कैंपस में बने हॉस्टल और क्वार्टर के रेनोवेशन को भी इसी योजना में शामिल किया जाएगा.

पीजी और पोस्ट-पीजी हॉस्टल के अलावा स्टेडियम कॉम्प्लेक्स को भी विकसित करने की तैयारी है. इन कामों को पीपीपी मोड पर कराने का प्रस्ताव है. इसके लिए करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.

बैठक में रिम्स में मरीजों के एडमिशन और डिस्चार्ज की व्यवस्था को लेकर भी निर्देश दिए गए. अपर मुख्य सचिव ने इसके लिए स्पष्ट एसओपी बनाने को कहा. उन्होंने कहा कि ऐसे मरीज, जिन्हें लगातार अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं है, उन्हें इलाज पूरा होने के बाद चिकित्सकीय सलाह के अनुसार समय पर डिस्चार्ज किया जाए. इससे गंभीर मरीजों के लिए बेड खाली रखने में मदद मिलेगी.

उन्होंने रिम्स में रेफरल व्यवस्था को भी बेहतर करने पर जोर दिया. बिना रेफरल आने वाले मरीजों को जरूरत के अनुसार ही भर्ती करने को कहा गया, ताकि रिम्स के सीमित संसाधनों का सही इस्तेमाल हो सके.

इसके अलावा वर्ष 2014 में लागू रिम्स की नियमावली को मौजूदा जरूरतों के हिसाब से बदलने का निर्देश दिया गया. डॉक्टरों समेत सभी स्वीकृत और कार्यरत पदों की भी समीक्षा कर उन्हें वर्तमान जरूरत के अनुसार व्यवस्थित करने को कहा गया.

बैठक में अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, रिम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा, सहायक निदेशक बाघमारे प्रसाद कृष्ण समेत स्वास्थ्य विभाग और रिम्स के कई अधिकारी मौजूद थे. 

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