सबसे ज्यादा कमाई करने वाले प्रधानमंत्री बने वोंग: मिलेगी ₹27 करोड़ सैलरी, अमेरिका-भारत समेत बड़े नेताओं से कई गुना ज्यादा - Haribhoomi

Published on 9 सित॰ 2026

सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री, उप-प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के वेतन में बढ़ोतरी का फैसला किया है। नई व्यवस्था के बाद प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना सैलरी 3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर यानी करीब ₹27 करोड़ होगी।

Singapore PM Salary

लॉरेंस वोंग।

  • Published: 09 Sep 2026, 09:24 AM IST
  • Last Updated: 09 Sep 2026, 09:24 AM IST

Singapore PM Salary: सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सैलरी को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। सरकार ने प्रधानमंत्री, उप-प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के वेतन में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसके बाद वोंग की सालाना सैलरी 2.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर से बढ़कर 3.6 मिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब ₹27 करोड़ हो जाएगी। इस बढ़ोतरी के बाद सिंगापुर के प्रधानमंत्री की कमाई दुनिया के कई प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों से काफी अधिक हो जाएगी।

15 साल बाद सिंगापुर के नेताओं की सैलरी में बदलाव
सिंगापुर सरकार ने करीब 15 साल बाद राजनीतिक नेतृत्व के वेतन ढांचे में बदलाव किया है। सरकार का कहना है कि प्रतिस्पर्धी वेतन के जरिए योग्य और अनुभवी लोगों को राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। सरकार इसे बेहतर प्रशासन और प्रतिभाशाली नेतृत्व को बनाए रखने से भी जोड़कर देखती है।

हालांकि, सिंगापुर में नेताओं की सैलरी का मुद्दा हमेशा संवेदनशील रहा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि मंत्रियों और आम नागरिकों की आय के बीच काफी बड़ा अंतर है।

₹27 करोड़ होगी लॉरेंस वोंग की सालाना सैलरी
नई व्यवस्था के बाद प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग का सालाना वेतन 2.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर से बढ़कर 3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर हो जाएगा। यानी उनकी सालाना कमाई में करीब 1.4 मिलियन सिंगापुर डॉलर की बढ़ोतरी होगी।

भारतीय मुद्रा में मौजूदा विनिमय दर के हिसाब से यह रकम लगभग ₹27 करोड़ सालाना बैठती है। वास्तविक भारतीय रुपये की राशि विनिमय दर में बदलाव के साथ बदल सकती है।

वोंग ने यह भी कहा है कि उनके कार्यकाल के दौरान वेतन में हुई बढ़ोतरी की पूरी अतिरिक्त राशि को वह अच्छे कामों के लिए दान करने की योजना बना रहे हैं।

उप-प्रधानमंत्री और मंत्रियों की सैलरी भी बढ़ेगी
सिर्फ प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के वेतन में भी बदलाव किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत:
उप-प्रधानमंत्री: सालाना वेतन 1.87 मिलियन से बढ़कर 3.06 मिलियन सिंगापुर डॉलर।
कैबिनेट मंत्री: वरिष्ठता और जिम्मेदारियों के आधार पर करीब 1.80 से 2.88 मिलियन सिंगापुर डॉलर सालाना।
प्रधानमंत्री: सालाना वेतन 2.2 मिलियन से बढ़कर 3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर।

हालांकि, मौजूदा नेताओं को तत्काल पूरी नई वेतन संरचना पर नहीं लाया जाएगा। उन्हें 15 अक्टूबर से अधिकतम 9 प्रतिशत तक का एकमुश्त एडजस्टमेंट मिल सकता है। यह व्यक्तिगत परिस्थितियों और प्रदर्शन जैसे कारकों पर निर्भर करेगा।

ट्रंप और मोदी से कितनी ज्यादा है वोंग की सैलरी?
सिंगापुर के प्रधानमंत्री की सैलरी बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेताओं के वेतन की तुलना भी चर्चा में है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा वेतन और विनिमय दरों के आधार पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को करीब ₹3.4 करोड़ सालाना और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को करीब ₹24 लाख सालाना वेतन मिलता है।

वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री और जापान के प्रधानमंत्री की सालाना सरकारी सैलरी भी वोंग के प्रस्तावित वेतन से काफी कम बताई गई है।

हालांकि, अलग-अलग देशों में वेतन, भत्ते, सुविधाओं और आधिकारिक भुगतान की संरचना अलग होती है। इसलिए केवल बेस सैलरी के आधार पर की गई अंतरराष्ट्रीय तुलना को पूरी तस्वीर नहीं माना जा सकता।

'राजनेताओं की सैलरी भावनात्मक मुद्दा'
वोंग ने खुद माना कि राजनीतिक नेताओं की सैलरी का विषय आसान नहीं है। उनका कहना है कि इसमें शामिल रकम आम नागरिकों की आय की तुलना में काफी ज्यादा है, इसलिए लोगों का इस मुद्दे पर सवाल उठाना और अलग-अलग राय रखना स्वाभाविक है।

सिंगापुर में उनकी People's Action Party (PAP) लंबे समय से सत्ता में है। सरकार का तर्क है कि नेताओं के लिए प्रतिस्पर्धी वेतन तय करने से भ्रष्टाचार के जोखिम को कम करने और सक्षम लोगों को सार्वजनिक जीवन में आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।

स्वतंत्र कमेटी की सिफारिश पर बढ़ाई गई सैलरी
लॉरेंस वोंग के अनुसार वेतन बढ़ाने की सिफारिश एक स्वतंत्र कमेटी ने की थी। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत भविष्य में वेतन में बदलाव नेताओं की जिम्मेदारियों और व्यक्तिगत प्रदर्शन को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

सिंगापुर लंबे समय से अपने अपेक्षाकृत कम भ्रष्टाचार स्तर और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था के लिए जाना जाता है। ऐसे में नेताओं की सैलरी बढ़ाने का फैसला एक तरफ बेहतर प्रतिभाओं को राजनीति में लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, तो दूसरी तरफ आम लोगों के बीच यह बहस भी पैदा कर सकता है कि सार्वजनिक पदों पर इतनी ऊंची सैलरी कितनी उचित है।