28-साल कांग्रेस में रहने के बाद ढाका ने छोड़ी पार्टी: बोले- मेरे पास दो विकल्प थे, थाईलैंड जाकर जेंडर चेंज करवा लूं या फिर फिर पार्टी बदल लूं; विधायक पर आरोप लगाए - Jalore News

Published on 9 अक्टू॰ 2026

रानीवाड़ा के कांग्रेस नेता एवं पूर्व युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष परसराम ढाका ने कांग्रेस छोड़कर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) का दामन थाम लिया है। उन्होंने 5 अक्टूबर को नागौर में हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में RLP की सदस्यता ली। इसके बाद गुरुवार शाम

.

ढाका ने कहा- वे करीब 28 साल तक कांग्रेस में रहे, लेकिन पिछले कुछ सालों से पार्टी में परिस्थितियां उनके अनुकूल नहीं थीं। उनके सामने दो विकल्प थे- थाईलैंड जाकर जेंडर चेंज करवा लूं या फिर फिर पार्टी बदल लूं…करीब एक साल तक विचार करने के बाद उन्होंने किसानों और गरीबों के हित में काम करने वाली और मारवाड़ की पार्टी मानते हुए हनुमान बेनीवाल की RLP में शामिल होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि अब वे जिले में पार्टी को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे।

जालोर में प्रेस वार्ता के दौरान परसाराम ढाका ने कांग्रेस को छोड़ने के कारण बताए।

जालोर में प्रेस वार्ता के दौरान परसाराम ढाका ने कांग्रेस को छोड़ने के कारण बताए।

विधायक रतन देवासी पर रवैया बदलने का आरोप

कांग्रेस के पुराने राजनीतिक दौर का जिक्र करते हुए ढाका ने कहा कि साल 2000 के आसपास रानीवाड़ा में रतनाराम कांग्रेस के प्रमुख नेता हुआ करते थे। उनके बाद कांग्रेस में पहले जैसी स्थिति नहीं रही। साल-2003 में रतन देवासी को कांग्रेस में लाया गया था और उस समय उन्होंने उनके साथ काम किया था। ढाका ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने और विधायक बनने के बाद रतन देवासी का रवैया बदल गया। जिससे उनके बीच विवाद की स्थिति बन गई।

छह साल से चल रही थी खींचतान

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए ढाका ने कहा- करीब 6 साल पहले चरनाऊ प्रधान को लेकर दोनों के बीच खींचतान हुई थी। इसके बाद आपसी तालमेल नहीं बन पाया। उनके अनुसार, रतन देवासी लगातार उनके पीछे पड़े रहे। पार्टी में अब किस तरह के जिलाध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष बनाए जा रहे हैं, इससे वे संतुष्ट नहीं थे।

उन्होंने इस संबंध में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, पार्टी में अब किस-किस टाइप के जिलाध्यक्ष और किस टाइप के ब्लॉक अध्यक्ष बनाए जा रहे हैं, मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं। इसको लेकर ऊपर के पदाधिकारियों के सामने शिकायतों के ढेर लगा दिए, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। आखिरकार पार्टी ही छोड़ दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने कई बार अपनी बात रखी, लेकिन उनकी शिकायतों पर समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया।

बोले- थाईलैंड जाकर लिंग परिवर्तन कराने का भी सोचा

ढाका ने कांग्रेस पर महिला प्रतिनिधित्व को लेकर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी का रुझान महिलाओं की तरफ थोड़ा ज्यादा है। इसी संदर्भ में उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा - बीच में मैंने सोचा कि थाईलैंड जाकर जेंडर चेंज करवा लूं। गोरा-चिट्टा तो हूं ही, हो सकता है किसी नेता को पसंद आ जाऊं और शायद मैं भी कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बन जाऊं।

जब मीडिया ने इस संदर्भ में महिला आरक्षण का हवाला दिया तो ढाका ने कहा कि पार्टी में उनसे अधिक योग्य लोग भी हैं, लेकिन उन्हें जिम्मेदारी देने के बजाय दूसरे लोगों को पदों पर नियुक्त किया जा रहा है।

पंचायत चुनाव में RLP उतारेगी प्रत्याशी

प्रेस वार्ता में RLP जिला प्रभारी बाबूलाल ने कहा- आगामी पंचायतीराज चुनाव को लेकर पार्टी जिलेभर में बैठकें करेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी सभी क्षेत्रों में प्रत्याशी उतारकर चुनाव लड़ेगी।