यमुनानगर में महिला के खाते से निकाले एक लाख रुपए: किसी को नहीं दिया ओटीपी-पासवर्ड, खरीदे गए मोबाइल, 3 साल बाद दर्ज हुआ केस - Yamunanagar News

Published on 9 अग॰ 2026

यमुनानगर में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें महिला के बैंक खाते से तीन साल पहले एक लाख रुपए निकल गए, लेकिन कथित तौर पर ठगी की रकम जिन खातों में पहुंची, उन्हें फ्रीज किए जाने के बावजूद पीड़िता को अब तक रकम वापस नहीं मिल सकी। मामले में अ

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पुलिस को दी शिकायत में रामपुरा कॉलोनी निवासी नीतू शर्मा ने बताया कि वह पहले मोहाली की एक निजी कंपनी में नौकरी करती थीं। नौकरी के दौरान वर्ष 2016 में उनका HDFC बैंक की चंडीगढ़ स्थित शाखा में सैलरी अकाउंट खुला था। नौकरी छोड़ने के बाद यह खाता सेविंग अकाउंट में बदल गया। 2020 में वह यमुनानगर वापस आ गईं।

पटना में खरीदे गए आठ मोबाइल फोन

महिला के मुताबिक, अगस्त 2023 में उसके खाते से जानकारी के बिना एक लाख रुपए निकाले गए। उन्होंने न तो कोई OTP साझा किया और न ही अपना पासवर्ड। तब तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए वह तत्काल थाने नहीं जा सकीं। हालांकि, दो घंटे के भीतर साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक से अपना खाता तथा जिस खाते में रकम गई थी, उसे फ्रीज करने का आग्रह किया।

शिकायत के अनुसार बैंक ने महिला का खाता तो फ्रीज कर दिया, लेकिन जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई थी, उसे तत्काल फ्रीज नहीं किया गया। बाद में 2024 में स्वास्थ्य में सुधार होने पर महिला साइबर सेल पहुंचीं।

वहां जांच के दौरान उन्हें बताया गया कि बिहार के पटना में आठ मोबाइल फोन खरीदे गए थे। इन मोबाइलों के IMEI नंबर के आधार पर जांच करते हुए पुलिस ने कुछ मोबाइलों में बैंक खाते सक्रिय होने की जानकारी जुटाई।

साइबर क्राइम थाना यमुनानगर।

साइबर क्राइम थाना यमुनानगर।

साइबर सेल पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया

रीतू शर्मा के अनुसार, जांच में दो मोबाइलों से जुड़े बैंक खातों में क्रमश: करीब 90 हजार और 2 हजार रुपए मिले। साइबर सेल के अधिकारी ने उन्हें बताया कि संबंधित बैंक को ईमेल भेजकर दोनों खाते फ्रीज करवा दिए गए हैं और रकम निकलवाने में कुछ समय लगेगा।

महिला का आरोप है कि इसके बाद वह लगातार साइबर सेल के चक्कर लगाती रही और अपने केस की स्थिति पूछती रही, लेकिन हर बार कार्रवाई चलने की बात कहकर उसे वापस भेज दिया गया। बाद में जांच में एक अन्य मोबाइल से जुड़े बैंक खाते में करीब 22 हजार रुपए होने की जानकारी भी सामने आई और उसे भी फ्रीज करवाने की बात कही गई।

पीड़िता ने अब पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में कहा कि घटना को तीन साल से अधिक समय बीत चुका है। जिन खातों में ठगी की रकम पहुंचने की जानकारी जांच में सामने आई और जिन्हें फ्रीज करवाने की बात कही गई, उनके बावजूद उसे अपनी रकम वापस नहीं मिली। अब साइबर थाना पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है।