एसएलबीसी की तिमाही रिपोर्ट, शहरी कर्ज लेने में आगे: रांची में 3 माह में 2,003 करोड़ रुपए बढ़ा लोन, लातेहार में 296 करोड़ घटा - Ranchi News

Published on 29 अग॰ 2026

एसएलबीसी की तिमाही रिपोर्ट, शहरी कर्ज लेने में आगे:रांची में 3 माह में 2,003 करोड़ रुपए बढ़ा लोन, लातेहार में 296 करोड़ घटा

रांची16 मिनट पहलेलेखक: शशि कुमार

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झारखंड में तीन महीने में बैंक लोन सबसे ज्यादा रांची में बढ़ा, जबकि लातेहार में सबसे ज्यादा घटा। 31 मार्च से 30 जून 2026 के बीच रांची में बैंकों का लोन 2,003 करोड़ रुपए बढ़कर 56,673 करोड़ हो गया। जमा भी 1,838 करोड़ बढ़कर 1,06,516 करोड़ रुपए हो गई। दूसरी ओर, लातेहार में लोन 296 करोड़ घटकर 1,673 करोड़ और जमा 188 करोड़ घटकर 3,398 करोड़ रुपए रह गई। यानी रांची में जहां बैंक में जमा पैसा और लोगों को दिया गया लोन दोनों बढ़े, वहीं लातेहार में दोनों घट गए।

एसएलबीसी की जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में जून तक कुल बैंक जमा 4,04,979 करोड़ रुपए और कुल लोन 2,22,613 करोड़ रुपए रहा। जमा के मुकाबले लोन देने का अनुपात यानी सीडी रेशियो 53.78% से बढ़कर 54.97% हो गया। इसमें 1.19 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। रांची में जून तक राज्य की कुल जमा का करीब 26% हिस्सा था। यहां बैंकों ने 56,673 करोड़ रुपए का लोन दिया, जो राज्य में दिए गए कुल लोन का 25% से ज्यादा है।

रांची के बाद धनबाद में लोन 1,067 करोड़ बढ़ा और जमा 1,021 करोड़ रुपए बढ़ी। पूर्वी सिंहभूम में जमा 342 करोड़ घट गई, लेकिन लोन 774 करोड़ बढ़ा। हजारीबाग में जमा 141 करोड़ घटी, जबकि लोन 138 करोड़ बढ़ा। बोकारो में जमा 56 करोड़ रुपए बढ़ी, लेकिन लोन 198 करोड़ रुपए घट गया। कम बढ़ोतरी वाले जिलों में जामताड़ा में लोन 19 करोड़, लोहरदगा में 24 करोड़ और खूंटी में 29 करोड़ रुपए ही बढ़ा। सिमडेगा में जमा 181 करोड़ घटी, जबकि लोन 10 करोड़ रुपए बढ़ा। लातेहार में जमा और लोन दोनों घटे।

लोन लेने में पू. सिंहभूम दूसरे व धनबाद तीसरे स्थान पर

जून तक रांची में सबसे ज्यादा 56,672.74 करोड़ रुपए का लोन दिया गया। इसके बाद पूर्वी सिंहभूम में 35,733.29 करोड़, धनबाद में 22,164.76 करोड़, बोकारो में 16,489.26 करोड़ और पश्चिमी सिंहभूम में 12,937.64 करोड़ रुपए का लोन दिया गया।

गांवों में बैंक शाखाओं की कमी बड़ी वजह

ग्रामीण इलाकों में जमा और लोन घटने की प्रमुख वजह जागरूकता की कमी, बैंक शाखाओं का अभाव, बैंक कर्मियों में उत्साह की कमी और व्यवहारिक कठिनाइयां हैं। हालांकि, सभी बैंक अब बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) नियुक्त कर रहे हैं। इससे गांवों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए गांवों में कम से कम 100 नई बैंक शाखाएं खोलने की जरूरत है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में वित्त मंत्री ने भी ग्रामीण इलाकों में बैंक शाखाओं के विस्तार पर जोर दिया है। महेंद्र कुमार जैन, सीए

3 महीने में जमा और लोन में बदलाव (करोड़ में)

जिलाजमा (करोड़ में)लोन (करोड़ में)
रांची+1,838+2,003
धनबाद+1,021+1,067
पू. सिंहभूम-342+774
हजारीबाग-141+138
बोकारो+56-198
जामताड़ा-117+19
लोहरदगा-95+24
खूंटी-61+29
सिमडेगा-181+10
लातेहार-188-296

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