Updated On: Jul 17, 2026 | 07:53 PM IST
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सार
Car Selling Rules: नई कार खरीदने के बाद पुरानी गाड़ी बेचना आजकल आम बात हो गई है। कई लोग कार बेचने के बाद एक बड़ी गलती कर बैठते हैं जिसकी वजह से महीनों बाद भी उनके मोबाइल पर ई-चालान आने लगते हैं।

Car Selling Rules (Source. Magnific)
विस्तार
RC Transfer Process: नई कार खरीदने के बाद पुरानी गाड़ी बेचना आजकल आम बात हो गई है। लेकिन कई लोग कार बेचने के बाद एक बड़ी गलती कर बैठते हैं जिसकी वजह से महीनों बाद भी उनके मोबाइल पर ई-चालान आने लगते हैं। इतना ही नहीं अगर बेची गई गाड़ी से कोई दुर्घटना हो जाए या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हो तो कानूनी परेशानी का सामना भी पुराने मालिक को करना पड़ सकता है। देखा गया है कि ज्यादातर लोग गाड़ी बेचते समय पैसे लेकर चाबी तो नए मालिक को सौंप देते हैं लेकिन RC ट्रांसफर जिसे Ownership Transfer भी कहते है उसकी प्रक्रिया पूरी नहीं करवाते। ऐसे में सरकारी रिकॉर्ड में वाहन का मालिक पुराना व्यक्ति ही बना रहता है और सभी चालान उसी के नाम जारी होते हैं।
गाड़ी बेचते समय सबसे पहले करें ये जरूरी काम
इसको लेकर विशेषज्ञों बताते है कि वाहन बेचते समय Delivery Note तैयार करना सबसे जरूरी कदम है। इसमें गाड़ी सौंपने की तारीख, समय और खरीदार व विक्रेता दोनों के हस्ताक्षर होने चाहिए। इसके साथ ही Form 29 और Form 30 पर खरीदार के हस्ताक्षर जरूर करवाएं। भविष्य में यदि वाहन किसी दुर्घटना या बड़े ट्रैफिक उल्लंघन में शामिल होता है तो यही दस्तावेज यह साबित करने में मदद करेंगे कि घटना के समय वाहन आपके कब्जे में नहीं था।
14 दिन के भीतर RTO को जरूर दें सूचना
बताया जाता है कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहन बेचने के बाद केवल खरीदार ही नहीं बल्कि विक्रेता की भी जिम्मेदारी होती है कि वह 14 दिनों के भीतर संबंधित RTO को इसकी लिखित जानकारी दे। इसके लिए बिक्री से जुड़े दस्तावेज, डिलीवरी नोट और ट्रांसफर फॉर्म की कॉपी जमा करें और उसकी रिसीविंग अपने पास सुरक्षित रखें। इससे RTO के रिकॉर्ड में वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो जाती है और भविष्य में कानूनी जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।
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गलती से चालान आ जाए तो ऐसे करें शिकायत
इसके साथ ही अगर RC ट्रांसफर पूरा होने से पहले आपके नाम पर ई-चालान जारी हो जाता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप सरकार के आधिकारिक e-Challan पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इस तरह कि शिकायत करते समय साफ तौर पर बताएं कि वाहन पहले ही बेचा जा चुका है। साथ ही सबूत के तौर पर Delivery Note, बिक्री रसीद और खरीदार के पहचान पत्र की कॉपी अपलोड करनी होती है। जिसको देखते हुए जांच के बाद ट्रैफिक विभाग चालान को सही व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर कर सकता है।
वहीं बता दें कि वाहन बेचने के बाद सिर्फ पैसे लेना ही पर्याप्त नहीं है। यदि दस्तावेजी प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की जाती तो भविष्य में चालान, कानूनी नोटिस और दुर्घटना जैसी स्थितियों की जिम्मेदारी भी पुराने मालिक पर आ सकती है। इसलिए वाहन बेचते समय सभी कामों को पूरा करना बेहद जरूरी है।
