जबलपुर सेंट्रल जेल में बारिश के बीच रक्षाबंधन: भाइयों को राखी बांधते ही छलक पड़े आंसू; 3,716 महिलाएं और 1,390 बच्चे पहुंचे - Jabalpur News

Published on 28 अग॰ 2026

जबलपुर की नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल में रक्षाबंधन पर भावुक माहौल रहा। भारी बारिश के बावजूद भाइयों को राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में परिजन पहुंचे। बारिश के कारण जेल प्रशासन की व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं और मुलाकात के लिए आए लोगों को काफी प

.

जेल प्रशासन ने बहनों और अन्य परिजन को मिठाई, फल, रक्षासूत्र और रुमाल अंदर ले जाने की अनुमति दी थी। सलाखों के पीछे बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधते समय बहनें और भाई भावुक हो उठे। इससे जेल परिसर में कुछ समय के लिए स्नेह और खुशी का माहौल बन गया।

जेल में कुल 2,812 बंदी निरुद्ध हैं। दोपहर 12 बजे तक करीब 600 बंदियों से मिलने के लिए 2,200 से अधिक परिजन पहुंच चुके थे। मुलाकात समाप्त होने तक कुल 5,106 परिजन पहुंचे, जिनमें 3,716 महिलाएं और 1,390 बच्चे शामिल थे। इस दौरान 1,548 पुरुष और 22 महिला बंदियों की उनके परिजन से मुलाकात हुई।

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत बंद 16 में से 3 बंदियों को भी दंडाधिकारी के विशेष लिखित आदेश पर परिजन से मिलने की अनुमति दी गई।

बारिश से बचाव के लिए जेल प्रशासन ने परिसर के अंदर और बाहर कुल चार वाटरप्रूफ टेंट लगाए थे। इनमें एक टेंट में आकस्मिक चिकित्सा केंद्र बनाया गया था, जहां डॉक्टर और आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध थीं। हालांकि, बारिश के साथ बड़ी संख्या में परिजन के पहुंचने से ये व्यवस्थाएं अपर्याप्त साबित हुईं।

जेल प्रशासन ने बहनों और अन्य परिजन को मिठाई, फल, रक्षासूत्र और रुमाल अंदर ले जाने की अनुमति दी थी।

जेल प्रशासन ने बहनों और अन्य परिजन को मिठाई, फल, रक्षासूत्र और रुमाल अंदर ले जाने की अनुमति दी थी।

बंदियों से मिलने पहुंचे कई परिजन अपने छोटे बच्चों को भी साथ लाए थे। अधिकांश बच्चे बारिश में भीग गए। बंदियों के लिए छाते की व्यवस्था की गई थी, जबकि परिजन की लंबी कतारें कीचड़ और बारिश के बीच लगी रहीं। कई लोग अस्थायी सुलभ केंद्र में बारिश से बचने के लिए बैठे नजर आए।

खुली जेल के बाहर भी सुबह 9 बजे से दो छोटे टेंट में परिजन की कतार लगी थी। भीड़ बढ़ने के कारण लाइन काफी लंबी हो गई। छाते के सहारे खड़े लोग कीचड़ और बारिश से परेशान नजर आए। इसके बावजूद बहनों का उत्साह कम नहीं हुआ और वे भीगते हुए भी भाइयों को राखी बांधने के लिए कतार में खड़ी रहीं।

बारिश में भीगने से मौसम जनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए जेल प्रशासन ने स्वास्थ्य सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की। जेलर मदन कमलेश ने बताया कि परिसर में डॉक्टर, फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। ओपीडी में संभावित भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि त्योहार के दौरान किसी बंदी या परिजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर न पड़े।