बिहार में मानसून का कहर! भागलपुर में 30 मीटर लंबा बांध टूटा, CM सम्राट के किया हवाई निरीक्षण

Published on 24 अग॰ 2026

Bihar News: भागलपुर के खरीक प्रखंड में गंगा नदी के तेज बहाव और कटाव के कारण काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध को नुकसान पहुंचा है. सोमवार तड़के करीब 2 बजे राघोपुर बांध-सह-रेलवे टैगिंग बांध करीब 30 मीटर की लंबाई में क्षतिग्रस्त हो गया.

Bihar News: भागलपुर के खरीक प्रखंड में गंगा नदी के तेज बहाव और कटाव के कारण काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध को नुकसान पहुंचा है. सोमवार तड़के करीब 2 बजे राघोपुर बांध-सह-रेलवे टैगिंग बांध करीब 30 मीटर की लंबाई में क्षतिग्रस्त हो गया.

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Bihar News: बिहार में मानसून का कहर लगातार देखने को मिल रहा है. गंगा का तेज बहाव लोगों के लिए परेशानी बन रहा है. भागलपुर के खरीक प्रखंड में गंगा नदी के तेज बहाव और कटाव के कारण काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध को नुकसान पहुंचा है. रविवार देर रात से ही E-Nose के डाउनस्ट्रीम में नदी का दबाव बढ़ा हुआ था. सोमवार तड़के करीब 2 बजे राघोपुर बांध-सह-रेलवे टैगिंग बांध करीब 30 मीटर की लंबाई में क्षतिग्रस्त हो गया. 

स्थिति को देखते हुए विभाग ने दोनों कट-एंड को सुरक्षित करने और पानी के फैलाव को रोकने के लिए रिंग बांध बनाने का काम शुरू कर दिया है। विभाग के मुताबिक, मौके पर करीब 2.50 लाख बालू भरे बोरे, 20 नाव, 16 ट्रैक्टर, एक पोकलेन और दो जेसीबी उपलब्ध हैं। करीब 250 मजदूर दिन-रात युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं.

आज विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ काजीकोरिया–राघोपुर मार्जिनल बांध समेत अन्य बांधों के कटाव की स्थिति को लेकर समीक्षात्मक बैठक की।

बांध की सुरक्षा, कटाव की रोकथाम तथा राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।… pic.twitter.com/q9iqHJvcOy

— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 24, 2026

पहले भी हुआ था 110 मीटर में कटाव

इससे पहले 26 जुलाई को भी काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध में D-Nose के पास करीब 110 मीटर लंबाई में कटाव हुआ था. अधिकारियों और इंजीनियरों की टीम ने लगातार काम करते हुए 27 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे कटाव को नियंत्रित कर लिया था. इसके बाद बांध को मजबूत करने के लिए 110 मीटर क्षेत्र में सुरक्षा कार्य कराया गया. 26 जुलाई से 24 अगस्त के बीच बांध के अलग-अलग हिस्सों में कई बार कटाव हुआ, जिसे बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों के जरिए नियंत्रित किया गया.

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इंजीनियरों की टीमें लगातार कर रहीं निगरानी

बांध की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंजीनियरों की टीमें तैनात की गई हैं। एक अतिरिक्त कार्यपालक अभियंता के अलावा सहायक और कनीय अभियंताओं की पालीवार ड्यूटी लगाई गई है. 17 अगस्त से अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता की विशेष टीम भी मौके पर कैंप कर रही है. जिला पदाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर भी मौके का निरीक्षण कर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। विभाग ने कहा है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.

फरक्का बराज के गेट खोलने का आग्रह

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए फरक्का बराज से पानी की जल्द निकासी के लिए बराज के जीएम को पत्र भेजा गया है. बिहार के मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत कर फरक्का बराज के सभी गेट खोलने का आग्रह किया है. बराज के गेटों की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेने के लिए विभाग की एक टीम को भी वहां भेजा गया है.

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