ओडिशा के पारादीप पोर्ट से बेल्जियम से आए भारी-भरकम वेसल को लेकर निकला चर्चित ‘बाहुबली ट्रक’ अब वाराणसी पहुंच चुका है। झारखंड और बिहार के बाद उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने के बाद चंदौली के रास्ते यह विशालकाय ट्रक वाराणसी पहुंचा। डाफी टोल प्लाजा
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100 किलोमीटर दूर से ट्रक देखने पहुंच रहे लोग
सोशल मीडिया पर इस विशाल ट्रक की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद इसे देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह है। वाराणसी नेशनल हाईवे पर ट्रक के गुजरने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच रहे हैं। कई लोग करीब 100 किलोमीटर तक का सफर तय कर सिर्फ इस अनोखे ट्रक को देखने और उसके साथ तस्वीरें लेने पहुंच रहे हैं।
जौनपुर से वाराणसी पहुंचे सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर इस ट्रक की कई रील और वीडियो देखी थीं। जब उन्हें पता चला कि यह ट्रक वाराणसी से होकर गाजीपुर और आगे लखीमपुर खीरी जाएगा तो वह इसे देखने वाराणसी पहुंच गए। वहीं चंदौली निवासी महेश यादव ने बताया कि उन्होंने भी इस ट्रक और उस पर लदे विशाल वेसल के बारे में काफी सुना था। इसी वजह से वह इसे करीब से देखने के लिए यहां पहुंचे।

ट्रक को निकलाने के लिए बनाया जा रहा रस्ता।
308 पहियों पर दौड़ रहा है विशालकाय ट्रक
इस ट्रक को ‘बाहुबली’ इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इसका आकार और तकनीकी संरचना सामान्य ट्रकों से बिल्कुल अलग है। इसमें हाइड्रोलिक मॉड्यूलर ट्रेलर का इस्तेमाल किया गया है। ट्रेलर को करीब 20 ट्रॉलियों को जोड़कर तैयार किया गया है। प्रत्येक ट्रॉली में कई एक्सल लगाए गए हैं। पूरे मॉड्यूलर ट्रेलर में कुल 308 पहिए बताए जा रहे हैं।
इसकी सबसे खास बात पहियों की मूवमेंट है। बताया जा रहा है कि ट्रेलर के पहिए जरूरत के मुताबिक अलग-अलग दिशा में घूम सकते हैं, जिससे इतने लंबे और भारी काफिले को मोड़ने और संकरी जगहों से निकालने में मदद मिलती है। यही तकनीक इस विशाल ट्रक को सामान्य भारी वाहनों से अलग बनाती है।

मनोज चंदौली से काशी बाहुबली ट्रक देखने पहुंचे हैं।
200 टन वजनी वेसल लेकर चल रहा है ट्रक
इस बाहुबली ट्रक पर शुगर मिल में इस्तेमाल होने वाला एक विशाल वेसल लदा है। इसकी लंबाई करीब 100 फीट और ऊंचाई 20 फीट से अधिक बताई जा रही है। वेसल का वजन करीब 200 टन बताया जा रहा है। इतनी बड़ी संरचना को सड़क मार्ग से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना अपने आप में बड़ी चुनौती है।
पारादीप पोर्ट से रवाना होने के बाद यह काफिला झारखंड और बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ। चंदौली पार करने के बाद अब यह वाराणसी पहुंच चुका है। यहां से इसे गाजीपुर होते हुए आगे लखीमपुर खीरी तक ले जाने की तैयारी है।

बाहुबली ट्रक में लगा है 308 पहिया।
रास्ते में बदलाव और सड़क निर्माण की तैयारी
इतने बड़े आकार के वेसल को वाराणसी से सुरक्षित तरीके से निकालने के लिए सड़क और यातायात व्यवस्था में विशेष तैयारी की गई है। डाफी टोल प्लाजा के पास भी सड़क निर्माण का काम कराया जा रहा है, ताकि भारी-भरकम ट्रेलर को आसानी से आगे निकाला जा सके।
वाराणसी सीमा से काफिले को पार कराने के दौरान कुछ बड़े अवरोधों को हटाने की भी तैयारी है। बताया जा रहा है कि हरहुआ रिंग रोड और वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर आने वाले तीन ओवरब्रिज को हटाने की प्रक्रिया की जाएगी, ताकि 20 फीट से अधिक ऊंचाई वाले वेसल को रास्ते से सुरक्षित निकाला जा सके।

भीड़ हटाने के लिए लगी पुलिस।
मशीन के साथ 14 गाड़ियां और 40 लोगों की टीम
विशालकाय मशीन के साथ चल रही टीम के लोगों ने बताया कि एक वर्ष पहले सर्वे हुआ था लेकिन उसके बाद कई जगह पुल निर्माण के कारण समस्या हो रही है। साथ में 14 गाड़ियां जिसमें एक गाड़ी ऊंचाई पर ट्रक को खींचने के लिए और बाकी दो जेसीबी, दो हाइड्रा, दो ट्रेलर, क्रेन और पांच वाहन सिविल और मैकेनिकल तथा टेक्निकल टीम के लिए है। उम्मीद सभी जता रहे हैं कि नवरात्र के पहले कृपा रही तो गाड़ी मिल तक जरूर पहुंच जाएगी।