36 हजार शिक्षकों-कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण:कर्मचारी कल्याण शिविरों में 1555 पेंशन प्रकरण निपटे, 28107 को क्रमोन्नति दी; 5636 की परिवीक्षा भी खत्म
भोपाल6 घंटे पहले
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दिवंगत कर्मचारियों और शिक्षकों के परिजनों को 900 से अधिक अनुकम्पा नियुक्ति के आदेश देने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के निराकरण में तेजी दिखाई है। 27 सितंबर से शुरू हुए कर्मचारी कल्याण शिविरों में तीन दिन के भीतर प्रदेशभर के 36 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें क्रमोन्नति, अवकाश स्वीकृति, निलंबन से बहाली, पेंशन, लंबित अनुपस्थिति और परिवीक्षा अवधि से जुड़े मामले शामिल हैं।
28,107 लोक सेवकों को क्रमोन्नति
लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह की मॉनिटरिंग में हुए निराकरण में सबसे ज्यादा 28,107 लोक सेवकों को क्रमोन्नति दी गई। इसके अलावा 519 अर्जित अवकाश स्वीकृत किए गए। 57 निलंबित कर्मचारियों की बहाली की कार्रवाई हुई, जबकि 1,555 पेंशन प्रकरणों का निराकरण किया गया।
लंबित अनुपस्थिति से जुड़े 168 प्रकरण भी निपटाए गए। वहीं 5,636 लोक सेवकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की कार्रवाई पूरी की गई।
गूगल शीट से मांगी गई थी समस्याओं की जानकारी
शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के लिए लोक शिक्षण आयुक्त ने शिविर शुरू होने से पहले गूगल शीट फॉर्म जारी किया था। इसके माध्यम से प्रदेशभर के शिक्षकों से उन समस्याओं की जानकारी मांगी गई, जिनका अधिकारियों की लेटलतीफी या कार्रवाई नहीं होने के कारण निराकरण लंबित था।
आयुक्त ने इन प्रकरणों की खुद मॉनिटरिंग की और जिला शिक्षा अधिकारियों से निराकरण की रिपोर्ट ली। इसके बाद शिविरों के माध्यम से लंबित मामलों का समाधान कराया गया।
मंत्री बोले- समस्या लेकर आए, समाधान लेकर लौटे
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर शिविरों की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि समस्या लेकर आए कर्मचारी, समाधान लेकर लौटे। उनके अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और कर्मचारी हितों के प्रति प्रतिबद्धता से स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारी कल्याण शिविर त्वरित समाधान की मिसाल बन रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि तीन दिन में लगभग 36 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशील सोच और जनसेवा के संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान विभाग की प्राथमिकता है।
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