भारत में डील गतिविधियों को मिली नई रफ्तार, तीसरी तिमाही में 36.9 अरब डॉलर के 696 सौदे दर्ज: रिपोर्ट

Published on 8 अक्टू॰ 2026

भारत में डील गतिविधियों को मिली नई रफ्तार, तीसरी तिमाही में 36.9 अरब डॉलर के 696 सौदे दर्ज: रिपोर्ट

भारत में डील गतिविधियों को मिली नई रफ्तार, तीसरी तिमाही में 36.9 अरब डॉलर के 696 सौदे दर्ज: रिपोर्ट

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IANS

08 Oct 2026

16:50 IST

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India’s dealmaking broadens in Q3 with 696 deals worth $36.9 billion

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत में संस्थागत डील गतिविधियों ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (क्यू3) में मजबूती दिखाई। ग्रांट थॉर्नटन भारत की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में विलय एवं अधिग्रहण (एमएंडए), प्राइवेट इक्विटी (पीई) और पब्लिक मार्केट्स को मिलाकर कुल 696 सौदे हुए, जिनकी कुल वैल्यू 36.9 अरब डॉलर रही।

रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीओ और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) को छोड़कर क्यू3 में 608 एमएंडए और पीई सौदे दर्ज किए गए, जिनकी कुल वैल्यू 23.1 अरब डॉलर थी। सौदों की संख्या तिमाही आधार पर 8 प्रतिशत बढ़ी, हालांकि वैल्यू में 36 प्रतिशत की कमी आई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि तिमाही के दौरान डील वॉल्यूम में वृद्धि, प्राइवेट इक्विटी गतिविधियों में मजबूती, विदेशी निवेश में बढ़ोतरी और रिकॉर्ड आईपीओ फंड जुटाव ने भारत में निवेशकों के भरोसे को मजबूत बनाए रखा।

ग्रांट थॉर्नटन भारत की ग्रोथ पार्टनर शांति विजेता ने कहा कि विभिन्न माध्यमों में बढ़ती गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि भारत में निवेशकों का भरोसा कायम है और विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों की व्यापकता मौजूद है।

एमएंडए गतिविधियां मुख्य रूप से वॉल्यूम आधारित रहीं। इस दौरान 255 सौदे हुए, जिनकी कुल वैल्यू 13.2 अरब डॉलर रही। सौदों की संख्या में तिमाही आधार पर 7 प्रतिशत वृद्धि हुई, लेकिन दूसरी तिमाही के उच्च आधार के कारण वैल्यू में 53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

तीसरी तिमाही में पांच अरब डॉलर से अधिक मूल्य वाले सौदे हुए, जिनकी कुल वैल्यू 7.9 अरब डॉलर रही। सबसे बड़ा सौदा 1.9 अरब डॉलर का था, जबकि दूसरी तिमाही में सबसे बड़े सौदों की कुल वैल्यू 11.8 अरब डॉलर रही थी।

इनबाउंड निवेश में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। इस श्रेणी में पिछले आठ वर्षों का सबसे ऊंचा तिमाही सौदा वॉल्यूम दर्ज किया गया। इनबाउंड डील वैल्यू तिमाही आधार पर 2.6 गुना बढ़कर 4.2 अरब डॉलर पहुंच गई।

इसके विपरीत, दूसरी तिमाही की तुलना में आउटबाउंड निवेश में कुछ नरमी रही और इसकी वैल्यू 74 प्रतिशत घटकर 6.1 अरब डॉलर रह गई।

पब्लिक मार्केट गतिविधियां भी मजबूत रहीं। तीसरी तिमाही के दौरान 60 आईपीओ के जरिए 9 अरब डॉलर जुटाए गए, जो किसी भी तिमाही का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ फंड जुटाव रहा। इसके अलावा 28 क्यूआईपी के जरिए 4.8 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई गई।

सेक्टर-आधारित विश्लेषण में ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन पहली बार 2026 में सबसे बड़ा क्षेत्र बनकर उभरा। इस क्षेत्र में 38 सौदे हुए, जिनकी वैल्यू 3 अरब डॉलर रही।

इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट क्षेत्र में 26 सौदे दर्ज किए गए, जिनकी वैल्यू 2.8 अरब डॉलर रही। इस क्षेत्र में सौदों की संख्या तिमाही आधार पर 30 प्रतिशत बढ़ी।

वॉल्यूम के लिहाज से रिटेल एवं कंज्यूमर सेक्टर सबसे सक्रिय रहा, जहां 113 सौदे हुए और उनकी कुल वैल्यू 948 मिलियन डॉलर रही।

–आईएएनएस

डीबीपी

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