मऊगंज में कांग्रेस 30 सितंबर को ‘वोट चोरी’ और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह 11 बजे जिला कांग्रेस कार्यालय से करीब 3 किलोमीटर की पदयात्रा निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे।
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यहां प्रदर्शन के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं।
मंगलवार को हुई प्रदर्शन की तैयारी
प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर मंगलवार शाम जिला कांग्रेस कार्यालय में बैठक हुई। इसमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिलाल कोल, युवा कांग्रेस अध्यक्ष आशुतोष तिवारी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता विश्वनाथ मिश्र, एडवोकेट अनिल तिवारी और मृत्युंजय चतुर्वेदी समेत पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक में आंदोलन की रणनीति और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी को लेकर चर्चा की गई।
कॉलेज चौराहे से होकर कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे
पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय से पदयात्रा शुरू करेंगे। पदयात्रा कॉलेज चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचेगी।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, प्रदर्शन में चुनाव प्रक्रिया के अलावा मऊगंज की क्षेत्रीय समस्याओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी उठाए जाएंगे।

बन्ना बोले- चुनाव प्रक्रिया की जांच हो
पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने कहा कि राहुल गांधी की ओर से उठाया गया ‘वोट चोरी’ का मुद्दा देशभर में चर्चा में है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।
विधायक प्रदीप पटेल पर चुनाव में फर्जी वोटिंग का आरोप
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिलाल कोल ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधियों की वैधता पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
हरिलाल कोल ने मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल पर भी चुनाव में फर्जी वोट और ईवीएम के जरिए जीत हासिल करने का आरोप लगाया। ये आरोप कांग्रेस जिलाध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक पार्टी समय-समय पर विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी। बैठक में कार्यकर्ताओं से बुधवार के आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई।