गोंडा में सरस मेले से महिलाओं ने कमाए 4 लाख: 34 स्टॉलों पर बिक्री, 150 महिलाओं को मिलेगी चिकनकारी की ट्रेनिंग - Gonda News

Published on 10 अक्टू॰ 2026

गोंडा3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
गोंडा की 150 महिलाओं को मिलेगी चिकनकारी की ट्रेनिंग। - Dainik Bhaskar

गोंडा की 150 महिलाओं को मिलेगी चिकनकारी की ट्रेनिंग।

गोंडा जिले के गांधी पार्क टाउन हॉल में NRLM विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय जनपद स्तरीय सरस मेला का आज गोंडा डीएम प्रियंका निरंजन द्वारा आज शनिवार दोपहर 2.30 बजे समापन कर दिया गया है। 3 दिन के अंदर लगभग 4 लाख रुपए की 34 अलग-अलग स्टालों के माध्यम से महिलाओं ने अलग-अलग सामानों की बिक्री कर अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत की है।

सबसे ज्यादा इन तीन दिन के अंदर अचार, मल्टीग्रेन आटा, खटाई और अन्य सामानों के यहां पर बिक्री हुई है। ग्रामीण इलाकों से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा अलग-अलग अपने स्टाल लगाई गई थी। जहां 3 दिन के अंदर सामानों की बिक्री की है डीएम ने घोषणा किया है।

गोंडा के सरस मेले में महिलाओं ने तीन दिन में बेचे 4 लाख के उत्पाद।

गोंडा के सरस मेले में महिलाओं ने तीन दिन में बेचे 4 लाख के उत्पाद।

कि बहादुरा गांव की रहने वाली डेढ़ सौ महिलाओं को आने वाले दिनों में चिकनकारी की ट्रेनिंग देकर के उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा और उनके सामानों की अयोध्या में बिक्री होगी। मेले के माध्यम से महिलाओं को एक तरीके से आत्मनिर्भर बनाने का भी प्रयास किया गया है।

अलग-अलग उत्पादों के बारे में जानकारी

समापन के दौरान डीएम प्रियंका निरंजन ने एक-एक स्टॉल का निरीक्षण कर महिलाओं से अलग-अलग उत्पादों के बारे में जानकारी दें और बेहतर ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए है। डीएम ने कहा कि यूपी और गोंडा की ग्रामीण अर्थव्यवस्था बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी है लोगों की आई दुगनी करनी है या ग्रामीण अर्थव्यवस्था का विकास करना है।

गोंडा में 34 स्टॉलों पर खूब बिके अचार और मल्टीग्रेन आटा।

गोंडा में 34 स्टॉलों पर खूब बिके अचार और मल्टीग्रेन आटा।

तो इसमें आधी आबादी की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बनाया जा रहा है। इसका मतलब है महिलाओं को कौशल प्रदान करना उनके सामानों को बाजार में बिक्री उपलब्ध करवाना यह सारे प्रयास किए जा रहे हैं।

मैंने सारे स्टॉल को निरीक्षण किया है महिलाओं ने अच्छे तरीके से प्रदर्शन किया है 60 से लेकर के 15000 तक महिलाएं काम रही है।

अंतिम पायदान पर बैठा व्यक्ति

जल्द ही बहादुरा गांव में हम डेढ़ सौ महिलाओं को चिकनकारी का ट्रेनिंग देंगे अयोध्या में जहां इतनी बड़ी मार्केट है वहां उसकी बिक्री कराई जाएगी। इससे महिलाओं के आय में वृद्धि होगी महिलाओं का विकास होगा अर्थव्यवस्था ठीक होगी यही उद्देश्य की जो अंतिम पायदान पर बैठा व्यक्ति है उसकी अर्थव्यवस्था ठीक हो उसको अच्छा लाभ मिलें।

.