
फ्लाईदुबई विमान Image Credit source: TV9
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कॉकपिट की घटना ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था. इस घटना में ओमानी मूलरूप के को-पायलट भारतीय कैप्टन स्मित माच्छर पर हमला कर दिया था. हालांकि इस बीच विमान में मौजूद दो पायलटों ने FZ1073 की सुरक्षित लैंडिग कराई थी. अब उन दोनों पायलटों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. आखिर वो दोनों पायलट कौन थे और घटना के समय प्लेन में क्या कर रहे थे.
हैरानी की बात यह है कि 30 सितंबर को घटी इस घटना के चार दिन बाद भी इन दोनों अतिरिक्त पायलटों की सार्वजनिक पहचान सामने नहीं आई है. फ्लाईदुबई ने उन्हें केवल ड्यूटी पर तैनात चालक दल का सदस्य बताया है, जो उस विमान में यात्री के तौर पर यात्रा कर रहे थे. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के समय विमान में 182 लोग सवार थे, जिनमें ड्यूटी पर न होने वाले दो पायलट भी शामिल थे. दोनों पायलट भी सामान्य कपड़ों में एक आम नागरिक की तरह ही अपनी सीट पर बैठे थे. साथ बैठे अन्य यात्री भी उन्हें एक आम नागरिक ही समझ रहे थे.
विमान में क्यों बैठे थे दोनों पायलट?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ड्यूटी पर न होने वाले दो पायलट एक आम नागरिक की तरह ही विमान में मौजूद थे. इन दोनों को बाद में तेल अवीव से दुबई तक विमान उड़ाकर ले जाना था. इसलिए, वे यात्रियों के तौर पर यात्रा कर रहे थे. एविएशन इंडस्ट्री में इस प्रक्रिया को ‘डेडहेडिंग’ कहा जाता है. शुरू में, यात्रियों को इन दो अतिरिक्त पायलटों की मौजूदगी के बारे में पता नहीं था हालांकि, जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ी, दोनों ने विमान को संभालने में अहम भूमिका निभाई.
जानें किस तरह विमान को किया कंट्रोल
ड्यूटी पर न होने वाले पायलटों में से एक तुरंत कॉकपिट में पहुंचा और विमान का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया, और उसके कुछ ही देर बाद दूसरा पायलट भी वहां पहुंच गया. विमान को स्थिर करने में दोनों पायलटों को करीब दस मिनट या उससे ज्यादा समय लग गया. इस दौरान स्थिति बेहद गंभीर थीऋ कॉकपिट से ‘मेडे’ (आपातकालीन मदद के लिए) कॉल किया गया, और पायलट लगातार विमान को सुरक्षित रूप से उतारने की कोशिश करते रहे. अंत में दोनों पायलटों ने विमान की सुरक्षित लैंडिग करा दी. हेडिंग बनाकर दीजिए
यात्री ने बताई पूरी घटना
विमान की आगे की सीट पर बैठे यात्री डेनियल श्लिक्टर ने बताया कि को-पायलट ने कप्तान पर बार-बार हमला किया और कॉकपिट में खून फैल गया. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कप्तान किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलकर बाहर निकलने में सफल रहे. एक यात्री ने कथित तौर पर हमलावर को-पायलट को पकड़कर कॉकपिट से बाहर खींच लिया. इसके बाद कई यात्रियों ने उसे काबू में करने की कोशिश की.
इसी दौरान विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों में से एक तेजी से कॉकपिट तक पहुंचा और विमान की कमान संभाल ली. कुछ ही देर बाद दूसरा पायलट भी कॉकपिट में पहुंच गया. दोनों ने दरवाजा बंद कर दिया और विमान को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू की. श्लिक्टर के मुताबिक, विमान को स्थिर करने में कई मिनट लगे. उनका कहना है कि विमान इतनी तेजी से नीचे आया था कि उसके पतवार का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था.
45 मिनट बाद ली चैन की सांस
श्लिक्टर ने बताया कि उन्हें डर था कि कहीं विमान को किसी दूसरे देश की ओर न मोड़ दिया जाए. हालांकि करीब 45 मिनट बाद कॉकपिट से घोषणा की गई कि विमान सऊदी अरब के तबुक में उतरेगा और सब कुछ नियंत्रण में है. इस घोषणा के बाद यात्रियों को भरोसा हुआ कि विमान सुरक्षित हाथों में है. अंततः विमान सऊदी अरब में सुरक्षित उतर गया.

मोहम्मद जुनेद अख्तर
मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं. करियर की शुरुआत साल 2013 में 'अमर उजाला' गाजियाबाद से की थी. यहां इन्होंने करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया. फरवरी 2014 में नवोदय टाइम्स अखबार से जुड़ गए और गाजियाबाद में ही रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर की. करीब एक साल बाद 2015 में गाजियाबाद से दिल्ली ट्रांसफर हो गया. दिल्ली में अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए. अगस्त 2016 में दिल्ली से नोएडा ट्रांसफर हो गया. नोएडा में क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम किया. इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला. 2024 में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. इस दौरान 'उत्तर प्रदेश टाइम्स' की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया. जनवरी 2025 में न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. यहां जुनेद अख्तर ने बतौर सब एडिटर काम किया और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर काम किया. सितम्बर 2025 से TV9 भारतवर्ष की वेबसाइट में सीनियर सब एडिटर के तौर पर जुड़े.
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