पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध फायरिंग, 41 मौतों के बाद PoJK में हालात बेकाबू; इंटरनेट ठप| Navbharat Live

Published on 1 अग॰ 2026

Updated On: Aug 01, 2026 | 08:27 AM IST

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सार

Pakistan PoJK Violence: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हालात बेकाबू हो गए हैं। सुरक्षा बलों की फायरिंग में अब तक 41 लोगों की जान जा चुकी है और 250 से अधिक के घायल होने की खबर है।

Indiscriminate firing on protesters in Pakistan; situation in PoJK spirals out of control after 41 deaths; internet suspended.

PoJK में भड़की हिंसा, फोटो (सो. सोशल मीडिया)

विस्तार

Pakistan PoJK Violence Death Toll: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में पिछले कई दिनों से जारी तनाव अब खूनी संघर्ष में बदल चुका है। महंगाई और प्रशासनिक भेदभाव के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे स्थानीय नागरिकों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने सीधी फायरिंग की है, जिसमें अब तक 41 लोगों की मौत और 250 से अधिक के घायल होने की खबर है। रावलाकोट के बाद अब मुजफ्फराबाद में भी हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

मुजफ्फराबाद में भारी बवाल

जानकारी के अनुसार, मुजफ्फराबाद में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और पाकिस्तान सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प हुई। हालात को काबू में करने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला दीं।

हालांकि मुजफ्फराबाद में हुई मौतों का अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के अनुसार कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे सटीक जानकारी बाहर आने में काफी मुश्किलें हो रही हैं।

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क्यों जल रहा है PoJK?

इस बड़े आंदोलन का नेतृत्व ‘ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) कर रही है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार बुनियादी सुविधाओं, बिजली की बढ़ती कीमतों और आटे जैसी जरूरी चीजों की कमी पर ध्यान नहीं दे रही है।

इसके अलावा, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचार और राजनीतिक भेदभाव ने भी लोगों के गुस्से को भड़काने का काम किया है। रावलाकोट से शुरू हुआ ‘लॉन्ग मार्च’ फिलहाल सुरक्षा बलों की भारी घेराबंदी के कारण बीच में ही रुका हुआ है।

भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

PoJK में मानवाधिकारों के सरेआम उल्लंघन और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर की गई क्रूर कार्रवाई पर भारत ने सख्त रुख अपनाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस अत्याचार के लिए पाकिस्तान की जवाबदेही तय करें। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रदर्शनकारियों की हत्याओं की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए।

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भारत सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अटूट हिस्सा है और पाकिस्तान का वहां कोई कानूनी अधिकार नहीं है। नई दिल्ली ने PoJK में पाकिस्तान द्वारा कराए जाने वाले तथाकथित चुनावों को भी सिरे से खारिज कर दिया है।

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