भोपाल, दिनांक 06/10/2026: वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में चयनित एवं मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों का अपनी मांगों को लेकर भोपाल में प्रदर्शन लगातार जारी है। अभ्यर्थी नियम 49 का पालन करते हुए नियुक्ति एवं शीघ्र जॉइनिंग की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। पहले 20 दिन का आंदोलन किया था, बदले में आश्वासन मिला था। लेकिन आश्वासन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो फिर से आंदोलन शुरू किया गया है और आज स्कूल शिक्षा विभाग को अल्टीमेटम देते हुए सीएम हाउस के घेराव का ऐलान कर दिया गया है।
16 सितंबर को मिला था समाधान का आश्वासन
अभ्यर्थियों के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को माननीय शिक्षा मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह जी एवं DPI आयुक्त के समक्ष वर्ग-3 मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों की मांगें रखी गई थीं। उस दौरान अभ्यर्थियों को शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आश्वासन के बाद अब तक 20 दिन से अधिक समय बीत चुका है, इसके बावजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी समस्या का कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है और स्थिति अभी भी शून्य बनी हुई है।
क्या है नियम 49 का मुद्दा?
अभ्यर्थियों का मुख्य तर्क आवेदन पत्र की शर्त क्रमांक 49 को लेकर है। इसमें स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि अध्ययनरत आवेदक भी परीक्षा देने हेतु मान्य होंगे, जो दस्तावेज सत्यापन तक निर्धारित योग्यता पूर्ण करेंगे।अभ्यर्थियों का कहना है कि नियम में अध्ययनरत अभ्यर्थियों को निर्धारित शर्तों के साथ परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी तथा दस्तावेज सत्यापन तक योग्यता पूर्ण करने का प्रावधान भी स्पष्ट है। ऐसे में पात्रता पूर्ण कर चुके चयनित/मेरिट अभ्यर्थियों के मामले में नियम 49 का पालन करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
07 अक्टूबर तक समाधान नहीं तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव
लगातार प्रदर्शन कर रहे चयनित अभ्यर्थियों ने अब अल्टीमेटम दिया है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि 07 अक्टूबर 2026 तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अभ्यर्थियों के अनुसार, इसके बाद उनका अगला कदम मुख्यमंत्री आवास का घेराव होगा। उन्होंने शासन से मांग की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए नियम 49 का पालन, पात्र चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति तथा शीघ्र जॉइनिंग सुनिश्चित की जाए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अब आश्वासन के बजाय ठोस निर्णय एवं नियुक्ति आदेश चाहते हैं।
