विज्ञापन
सार
Akola Colleges Admission Ban: संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय ने अकोला जिले के 5 महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए भी नए प्रवेश पर रोक जारी रखी है।

अमरावती विश्वविद्यालय- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
विस्तार
Sant Gadge Baba Amravati University: संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय ने अकोला जिले के पांच महाविद्यालयों पर लगे प्रवेश प्रतिबंध को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए भी जारी रखने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि इन महाविद्यालयों में नए छात्रों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। साथ ही विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की गई है कि किसी भी कॉलेज में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता और पात्रता की पूरी जांच अवश्य कर लें।
विश्वविद्यालय की प्रबंधन परिषद के निर्णय के अनुसार राज्य के कुल 29 महाविद्यालयों पर प्रवेश प्रतिबंध बरकरार रखा गया है। इन कॉलेजों पर पिछले शैक्षणिक सत्र में भी प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। उस समय संबंधित संस्थानों ने शिक्षकों के रिक्त पद भरने का लिखित आश्वासन शपथपत्र विश्वविद्यालय को दिया था।
संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय की सख्ती
हालांकि, आश्वासन देने के बावजूद अधिकांश महाविद्यालयों ने शिक्षकों के आवश्यक रिक्त पद नहीं भरे। इसी कारण विश्वविद्यालय ने छात्रों के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी प्रवेश प्रतिबंध जारी रखने का फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि प्रतिबंधित महाविद्यालय किसी छात्र को प्रवेश देते हैं, तो ऐसे प्रवेश को विश्वविद्यालय की मान्यता प्राप्त नहीं होगी।
सम्बंधित ख़बरें
ऐसे मामलों की पूरी जिम्मेदारी संबंधित महाविद्यालय, छात्र और अभिभावकों की होगी। विश्वविद्यालय द्वारा जारी प्रवेश प्रतिबंधित महाविद्यालयों की सूची आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। विद्यार्थियों से कहा गया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने से पहले संबंधित महाविद्यालय की स्थिति की जांच अवश्य करें।
अकोला के पांच कॉलेजों में एडमिशन बंद
जिले के जिन 5 महाविद्यालयों पर प्रवेश प्रतिबंध जारी रहेगा, इनमें शामिल हैं गयादेवी जोशी आर्यभट्ट महाविद्यालय, अकोला, सौ. वेदेही विष्णु सराफ महाविद्यालय, अकोला, गुलाम जैनुल आबोदिन कला महाविद्यालय, वाडेगांव, मेधे इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज, अकोला, श्री वी. के. जोशी महाविद्यालय, गायगांव अकोला।
ये भी पढ़े: NEET पेपर लीक मामले में चंद्रपुर में जनाक्रोश: हजारों युवाओं और छात्रों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर दिया महाधरना
शिक्षकों की नियुक्ति न करने पर हुई कार्रवाई
विश्वविद्यालय के अनुसार, प्रतिबंधित महाविद्यालयों ने शिक्षकों के रिक्त पद भरने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन समय सीमा के बावजूद नियुक्तियां नहीं की गईं। इससे छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रही। इसी कारण विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए भी इन महाविद्यालयों में नए प्रवेश पर रोक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
