बरेली में वीआईपी रेजिडेंसी गार्डन कॉलोनी पूरी तरह डूबी: घरों में घुसा 5 फीट पानी, सामान डूबा; ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेस्क्यू, ग्राउंड जीरो पर पंहुचा दैनिक भास्कर - Bareilly News

Published on 7 सित॰ 2026

रेजिडेंसी गार्डन की मुख्य सड़क पर 4 से 5 फीट तक पानी भरा हुआ है, जिससे पूरी कॉलोनी जलमग्न हो गई।

बरेली में बीती रात से शुरू हुआ बादलों का कहर सुबह होते-होते तबाही में बदल गया। शहर के पॉश और वीआईपी कहे जाने वाले स्टेडियम रोड स्थित बारादरी थाना क्षेत्र की रेजिडेंसी गार्डन कॉलोनी की सड़कें नदी में तब्दील हो चुकी हैं। कॉलोनी के करीब 180 मकान इस समय

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देखे जलभराव से जुड़ी 3 तस्वीरें….

घरों के अंदर 4 फीट तक पानी भरने से सोफा, बेड और राशन का सामान तैरता नजर आया।

घरों के अंदर 4 फीट तक पानी भरने से सोफा, बेड और राशन का सामान तैरता नजर आया।

बारिश का अलर्ट जारी होने के बाद घरों पर ताला जड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन करते लोग।

बारिश का अलर्ट जारी होने के बाद घरों पर ताला जड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन करते लोग।

पानी में फंसी महिलाओं और बच्चों को नगर निगम की ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया।

पानी में फंसी महिलाओं और बच्चों को नगर निगम की ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया।

हाहाकार के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेस्क्यू, छतों से मदद मांगते दिखे बेबस लोग कॉलोनी के हालात बेकाबू होते देख चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। लोग छतों पर खड़े होकर हाथ हिलाकर सुरक्षित बाहर निकालने की गुहार लगाने लगे। सूचना मिलते ही नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य भारी अमले के साथ मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। कॉलोनी की गलियों में पानी का बहाव इतना तेज और गहरा था कि कोई भी छोटी गाड़ी वहां नहीं पहुंच सकी। इसके बाद नगर निगम की टीम और पुलिस ने दो बड़े ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को राहत कार्य में उतारा। ट्रैक्टर-ट्रॉली को घरों की बालकनी और चौखट तक सटाकर महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को गोद में उठाकर सुरक्षित बाहर निकाला गया। जल निकासी के लिए बड़े-बड़े पंपिंग टैंक लगाए गए हैं, लेकिन पानी का स्तर इतना अधिक है कि सारे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।

घरों में पानी भरने के बाद लोग जरूरी सामान समेटकर रिश्तेदारों के घर और होटलों में शरण लेने पहुंचे।

घरों में पानी भरने के बाद लोग जरूरी सामान समेटकर रिश्तेदारों के घर और होटलों में शरण लेने पहुंचे।

मकानों के बाहर और पोर्च में खड़ी कारें और दोपहिया वाहन पानी में पूरी तरह डूब गए।

मकानों के बाहर और पोर्च में खड़ी कारें और दोपहिया वाहन पानी में पूरी तरह डूब गए।

स्मार्ट सिटी के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुल गई और नालों का गंदा पानी पॉश कॉलोनी में भर गया।

स्मार्ट सिटी के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुल गई और नालों का गंदा पानी पॉश कॉलोनी में भर गया।

करंट के खौफ में कटी पूरी रात बिजली, अंधेरे में डूबते आशियाने पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के कारण करंट फैलने का भारी खतरा पैदा हो गया था। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर रात में ही पूरे इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी। रात भर अंधेरे, उमस और मच्छरों के बीच छतों पर बैठे बच्चों और बुजुर्गों ने खौफ में वक्त गुजारा। मोबाइल चार्ज न होने से कई लोग अपने रिश्तेदारों से संपर्क तक नहीं कर पा रहे थे। जब सुबह तक पानी कम होने का नाम नहीं लिया, तो लोगों की बची-खुची हिम्मत भी जवाब दे गई। लोग अपने जरूरी दस्तावेज, कुछ कपड़े और कीमती सामान थैलियों में भरकर रोते-बिलखते घर से बाहर निकले।

पलायन को मजबूर 180 परिवार: कोई रिश्तेदार के यहां भागा, तो कोई होटल रेजिडेंसी गार्डन में रहने वाले परिवारों के सामने अब सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान लोगों के चेहरों पर नगर निगम के खिलाफ भारी आक्रोश और लाचारी साफ दिखाई दी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जरा सी बारिश में यहां हर साल जलभराव हो जाता है, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। मौसम विभाग द्वारा आगे भी लगातार भारी बारिश का अलर्ट जारी किए जाने से लोगों में दहशत और बढ़ गई है। सैकड़ों परिवार अपने लाखों के आशियानों पर ताला जड़कर सुरक्षित ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और होटलों में शरण लेने को मजबूर हो चुके हैं। आलीशान कोठियों के बाहर लटकते ताले और तैरता सामान स्मार्ट सिटी के ड्रेनेज सिस्टम के दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रहे हैं।