घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को रिकवरी के बीच ₹50 से कम कीमत वाला स्मॉल-कैप स्टॉक एलीटकॉन इंटरनेशनल (Elitecon International) भी चर्चा में रहा। कंपनी के शेयर में 5% की तेजी आई और यह ₹11.17 के अपर सर्किट पर पहुंच गया। हालांकि, इस एक दिन की तेजी से निवेशकों को भ्रमित नहीं होना चाहिए, क्योंकि शेयर का हालिया प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। पिछले एक सप्ताह में इसमें करीब 19% और एक महीने में लगभग 29% की गिरावट आ चुकी है। वहीं, तीन महीने में शेयर करीब 64% और छह महीने में लगभग 81% टूट चुका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले एक साल में एलीटकॉन इंटरनेशनल (Elitecon International) का शेयर 96% से ज्यादा गिर चुका है, यानी कभी ₹300 के आसपास कारोबार करने वाला यह स्टॉक अब ₹12 से भी नीचे आ गया है।
मंगलवार की तेजी को घरेलू शेयर बाजार में आई मजबूती से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कमजोर शुरुआत के बाद बाजार ने रफ्तार पकड़ी और सेंसेक्स 274 अंक से ज्यादा चढ़कर 77,231.57 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी 50 करीब 63 अंक बढ़कर 24,143.15 के स्तर तक गया। बाजार की धारणा को भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों से भी सहारा मिला। अप्रैल-जून तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ 7.8% रही, जो उम्मीदों से बेहतर थी। निवेश और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में मजबूती के साथ घरेलू खपत ने भी अर्थव्यवस्था को सहारा दिया। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट ने महंगे कच्चे तेल और अमेरिका में ऊंची बॉन्ड यील्ड जैसी वैश्विक चुनौतियों को लेकर सावधानी बरतने की बात कही है।
एलीटकॉन इंटरनेशनल (Elitecon International) के शेयर ने पिछले 5 सालों में करीब 965% का रिटर्न दिया है, यानी इस अवधि में यह मल्टीबैगर साबित हुआ। लेकिन, सितंबर 2025 में ₹311.60 का 52-वीक हाई बनाने के बाद स्टॉक में जबरदस्त बिकवाली शुरू हुई। आज कारोबार के दौरान यह ₹10.12 के 52-वीक लो तक भी पहुंच गया। इसका मतलब है कि शेयर अपने पिछले उच्चतम स्तर से करीब 96% नीचे आ चुका है। ऐसे में मौजूदा 5% की तेजी को अभी ट्रेंड बदलने का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।
कंपनी ने हाल में अपने बोर्ड और सीनियर मैनेजमेंट को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। 17 अगस्त की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक कंपनी ने बोर्ड और मैनेजमेंट में कुल 8 अहम नियुक्तियां की हैं। इनमें प्रदीप कुमार को अतिरिक्त कार्यकारी निदेशक के पद से बढ़ाकर 5 साल के कार्यकाल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया है, जिसका कार्यकाल अगस्त 2031 तक रहेगा। इसके अलावा प्राची गुप्ता को अतिरिक्त निदेशक और नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट वुमन डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। निशा और सूरज सिंह को भी अतिरिक्त निदेशक एवं स्वतंत्र निदेशक बनाया गया है, जबकि परमजीत सिंह गुलाटी को अतिरिक्त निदेशक और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है।
कंपनी के मुताबिक नए नेतृत्व में कॉरपोरेट गवर्नेंस, कॉरपोरेट कानून, सिक्योरिटीज रेगुलेशन, वित्तीय निगरानी, ऑपरेशंस और कमर्शियल मैनेजमेंट का अनुभव है। साथ ही कंपनी ने कंपनी सेक्रेटरी-कम-कंप्लायंस ऑफिसर, CFO और सेक्रेटेरियल ऑडिटर की नियुक्तियां भी की हैं।
कंपनी का कहना है कि मजबूत नेतृत्व और बेहतर गवर्नेंस से भविष्य की ग्रोथ के लिए आधार तैयार होगा। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि ₹11 का शेयर सस्ता दिखने का मतलब यह नहीं कि वह जरूरी तौर पर सस्ता वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। एलीटकॉन इंटरनेशनल (Elitecon International) में हाल की भारी गिरावट और अत्यधिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कर्ज, कारोबार की स्थिति और भविष्य की योजनाओं का स्वतंत्र रूप से आकलन करना जरूरी है।