मुनाफा कम, फिर भी डिमांड में अडानी का यह शेयर, 500 रुपये के करीब जाएगा भाव?

Published on 29 जुल॰ 2026

Jul 29, 2026 10:42 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के शेयर बुधवार को बीएसई पर 2.05% बढ़कर 435.05 रुपये पर बंद हुए
  • हालांकि, जून तिमाही के दौरान मुनाफा 36.6 प्रतिशत घटकर 660 करोड़ रुपये रह गया
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गौतम अडानी समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक जून तिमाही के दौरान मुनाफा 36.6 प्रतिशत घटकर 660 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, निवेशकों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा और नतीजे के बाद कंपनी के शेयर बुधवार को डिमांड में आ गए। वहीं, ब्रोकरेज भी शेयर को लेकर बुलिश हैं।

क्या है शेयर प्राइस और टारगेट?

अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के शेयर बुधवार को बीएसई पर 2.05% बढ़कर 435.05 रुपये पर बंद हुए। वहीं, इंट्रा-डे में शेयर की कीमत 442.50 रुपये तक पहुंच गई। शेयर को लेकर ब्रोकरेज एलारा सिक्योरिटीज ने बाय रेटिंग दी है। इसके साथ ही शेयर के लिए टारगेट प्राइस 494 रुपये तय किया है।

जून तिमाही का परफॉर्मेंस

जून तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय 7.51 प्रतिशत घटकर 9,474 करोड़ रुपये रही जबकि कुल बिक्री मात्रा 1.99 करोड़ टन से घटकर 1.71 करोड़ टन रह गई। कंपनी की सीमेंट सेग्मेंट से आय 9,062 करोड़ रुपये और रेडी मिक्स कंक्रीट से 507 करोड़ रुपये रही। बीती तिमाही में कंपनी का कुल राजस्व 8.3 प्रतिशत गिरकर 9,669 करोड़ रुपये रह गया। इस दौरान कुल व्यय 3.92 प्रतिशत घटकर 8,802 करोड़ रुपये रहा। तिमाही के दौरान पश्चिम एशिया तनाव का असर बने रहने के बावजूद लागत में 206 रुपये प्रति टन की गिरावट दर्ज की गई। रिन्यूएबल एनर्जी कैपिसिटी 973 मेगावाट पहुंचने से ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़कर 34 प्रतिशत हो गई।

अंबुजा सीमेंट्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनोद बाहेती ने कहा कि कंपनी लागत को घटाकर वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक 4,250 रुपये प्रति टन तक लाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। कंपनी की क्षमता भी बढ़ाकर 11.9 करोड़ टन प्रति वर्ष करने की योजना है। सीमेंट उद्योग के आउटलुक पर कंपनी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में मांग वृद्धि लगभग पांच प्रतिशत रह सकती है।

ब्रोकरेज ने क्या कहा?

ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी ने परिचालन सुधार कार्यक्रम के तहत करीब 35 लाख टन क्षमता वाले कुछ संयंत्र अगले छह महीनों तक अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया है। प्रबंधन ने FY27 के अंत तक 119 मिलियन टन क्षमता का लक्ष्य बरकरार रखा है और प्रति टन लागत में 250 रुपये की कमी लाकर इसे 4,250 रुपये तक लाने का लक्ष्य दोहराया है। कंपनी का निकट भविष्य का आउटलुक चुनौतीपूर्ण है क्योंकि मॉनसून की वजह से मांग में कमी और लागत का बढ़ा हुआ दबाव मार्जिन पर असर डाल सकता है। हालांकि, मध्यम अवधि में कमाई की संभावना अच्छी है।