रांची32 मिनट पहलेलेखक: राकेश
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सरकार ने 22 परीक्षाओं को रद्द कर दिया है, भास्कर हर परीक्षा की कहानी बता रहा, आज पढ़िए एफआरओ व एसीएफ नियुक्ति परीक्षा
जंगल की रखवाली के लिए अफसर चुनने वाली झारखंड की परीक्षा व्यवस्था खुद सवालों के जंगल में फंस गई है। वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ) के 170 और सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) के 78 यानी कुल 248 पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर सुर्खियों में है।
सीआईडी जांच में इस परीक्षा में भारी गड़बड़ी मिली है। जांच में 500 ओएमआर शीट में छेड़छाड़ कर नंबर बढ़ाए गए। इनमें से एफआरओ की 350 और एसीएफ की 150 ओएमआर शीट थी, जिनमें छेड़छाड़ कर कुछ अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया गया। यही नहीं, ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएमएस) में भी गड़बड़ी के संकेत मिले।
मुख्य परीक्षा में डमी अभ्यर्थियों से उत्तर लिखवाने का मामला भी सामने आया। खास बात यह है कि एफआरओ परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं निजी परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के ऑफिस में मिली। जांच में पता चला कि परीक्षा में पास कराने के लिए लाखों रुपए में डील हुई। एफआरओ के लिए 25 लाख और एसीएफ के लिए 35 लाख रुपए तक लिए गए। जांच एजेंसी को 20 अभ्यर्थियों से करीब 5.80 करोड़ रुपए वसूलने के सबूत भी मिले। इसी बीच सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी। इनमें एफआरओ और एससीएफ नियुक्ति परीक्षा भी शामिल है।
जानिए...कैसी-कैसी गड़बड़ियां सामने आईं परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट खाली छोड़ा, बाद में जवाब भरा परीक्षा के दौरान कुछ ओएमआर शीट खाली छोड़ दिए गए थे। खाली छोड़े गए ओएमआर में बाद में सही जवाब भरे गए। जांच पर नजर रख रहे एक अधिकारी का कहना है कि परीक्षा में अभ्यर्थी ने जो उत्तर दिया, वही अंतिम माना जाता है। लेकिन परीक्षा समाप्त होने के बाद ओएमआर भरने के सबूत मिले हैं, जिससे साफ है कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है।
ओएसएम प्रक्रिया: अंक बदलने का डिजिटल रास्ता भी जांच के घेरे में मामला सिर्फ ओएमआर पर परीक्षा के बाद लिखे जवाब तक सीमित नहीं है। जांच में ओएसएम की प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। ओएमआर स्कैन होने के बाद स्क्रीन पर मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई है। किस अभ्यर्थी के अंक कब दर्ज हुए, किस यूजर आईडी से डेटा एक्सेस हुआ, किस समय लॉगिन हुआ और परिणाम तैयार होने से पहले अंक में बदलाव हुआ या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
सवाल: टीडीपीएल के रांची ऑफिस में कैसे पहुंच गईं उत्तर पुस्तिकाएं एफआरओ भर्ती परीक्षा को लेकर सबसे बड़ा सवाल उत्तरपुस्तिकाओं की कस्टडी को लेकर है। परीक्षा के बाद कई उत्तर पुस्तिकाएं टीडीपीएल के रांची स्थित कार्यालय में मिली। भर्ती परीक्षा के बाद एजेंसी के कार्यालय में उत्तर पुस्तिकाएं कैसे पहुंची, इसकी जांच की जा रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि परीक्षा केंद्र से निकलने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी किसकी थी और पूरी प्रक्रिया क्या थी।
मुख्य परीक्षा में रांची के फ्लैट में डमी अभ्यर्थियों ने लिखीं कॉपियां जांच में यह बात भी सामने आई है कि मुख्य परीक्षा में वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह डमी अभ्यर्थियों से उत्तर लिखवाए गए। इसके लिए रांची के हरिओम टावर स्थित फ्लैट और हजारीबाग में ऐसी व्यवस्था की गई थी, ताकि चुनिंदा अभ्यर्थियों को मेरिट लिस्ट में जगह दिलाई जा सके।

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