इंटेलिजेंस ब्यूरो के स्टाफ अंकित शर्मा की 2020 दिल्ली दंगों में हुई हत्या के 6 साल बाद, कोर्ट ने AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य को दोषी ठहराया है. आइए जानें घटना की पूरी टाइमलाइन.

दिल्ली दंगा, ताहिर हुसैन और अंकित शर्मा.
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2020 के नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के स्टाफ अंकित शर्मा (26) की हत्या के छह साल बाद, दिल्ली की एक कोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य को इस मामले में दोषी ठहराया. हुसैन को घटना के तुरंत बाद आप ने सस्पेंड कर दिया था. अब हत्या और दंगे के साथ-साथ दूसरे आरोपों में दोषी ठहराया गया है. हालांकि, उन्हें क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी के आरोप से बरी कर दिया गया.
आइए जानें 6 वर्ष पहले क्या घटना घटी थी? और कैसे अंकित शर्मा की हत्या कैसे हुई? और ताहिर हुसैन इस मामले में कैसे मुख्य आरोपी बन गए? आइए जानें पूरी टाइमलाइन
- 17 से 23 फरवरी 2020: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन और विरोध में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के कई इलाकों जाफराबाद, चांदबाग, करावल नगर, मौजपुर और खजूरी खास इलाके काफी तनाव था.
- 24 फरवरी 2020: CAA को लेकर नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हिंसा भड़क गई. पथराव, आगजनी और फायरिंग की कई इलाकों में घटनाएं घटी. अतिरिक्त पुलिस बल तैनाती के बावजूद हिंसा बढ़ती गई.
- 25 फरवरी, 2020: अंकित शर्मा चांद बाग में अपने घर के बाहर से घर का सामान लेने निकले थे, तभी वे गायब हो गए. चश्मदीदों और पुलिस जांच के मुताबिक, हिंसक भीड़ उसे घसीटकर ले गई और बेरहमी से उसकी हत्या कर दी, और उसकी लाश नाले में फेंक दी.पुलिस के मुताबिक, उसे 52 बार चाकू मारा गया था.
- 26 फरवरी, 2020: उसकी लाश नाले से मिली. वह उन 53 लोगों में से एक था, जिन्होंने सांप्रदायिक हिंसा में अपनी जान गंवाई थी.
- 26 फरवरी, 2020: अंकित के पिता रविंदर कुमार की शिकायत के आधार पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें उन्होंने हुसैन को आरोपी बनाया था और आरोप लगाया था कि उनकी इमारत से काम कर रहे दंगाइयों ने हमले को अंजाम दिया था.
- 27 फरवरी 2020: दिल्ली पुलिस ने एसआईटी (SIT) गठित की और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल का दौरा किया और निरीक्षण किया.
- 3 जून, 2020: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने कड़कड़डूमा कोर्ट में 650 पेज की चार्जशीट फाइल की, जिसमें हुसैन समेत 10 लोगों को IB स्टाफ को टारगेट करने और खत्म करने की “गहरी साजिश” के पीछे मुख्य साजिश करने वाला बताया गया.
- 23 मार्च, 2023: कड़कड़डूमा कोर्ट के एक सेशन जज ने हुसैन और 10 दूसरे सह-आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से क्रिमिनल चार्ज तय किए, जिसमें हत्या, क्रिमिनल साजिश, दंगा और धार्मिक ग्रुप्स के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने जैसी IPC की धाराओं के तहत ट्रायल के लिए पहली नजर में सबूत मिले.
- 13 जुलाई 2026: कड़कड़डूमा कोर्ट ने नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली दंगों के मामले में,आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य को दोषी ठहराया. बाकी चार नाजिम, कासिम, जावेद, अनस को हत्या को छोड़कर उन्हीं आरोपों के तहत दोषी ठहराया गया है. हालांकि, कोर्ट ने हसीन, फिरोज़, गुलफ़ाम, सोयब, समीर खान और मुंतजिम को मामले में बरी कर दिया.

अजय विद्यार्थी
कलकत्ता यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रैजुएशन. प्रभात खबर में बतौर सीनियर न्यूज़ एडिटर काम किया. ग्राउंड रिपोर्टिंग और एडिटिंग में करीब 20 सालों से ज्यादा का अनुभव. राजस्थान पत्रिका में चीफ रिपोर्टर रहने के दौरान कई ऐसी स्टोरी की, जिन्हें सराहा गया.
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