Sep 04, 2026 11:26 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

मुख्य बातें
- मोदी सरकार की योजना के तहत पात्र श्रमिक अपनी उम्र के आधार पर हर महीने ₹55 से ₹200 तक का योगदान देते हैं
- योजना में 18 से 40 वर्ष की उम्र के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक शामिल हो सकते हैं

मोदी सरकार की पेंशन स्कीम
PM Shram Yogi Maandhan Yojana: नरेंद्र मोदी सरकार की कई योजनाएं ऐसी हैं जो असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को ध्यान में रखकर लॉन्च की गई हैं। ऐसी ही एक योजना-प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) है। मोदी सरकार की यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी। योजना के तहत पात्र श्रमिक अपनी उम्र के आधार पर हर महीने ₹55 से ₹200 तक का योगदान देते हैं। इसके बदले 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद उन्हें हर महीने ₹3000 पेंशन का इंतजाम हो जाएगा।
किसके लिए है योजना?
PM-SYM में 18 से 40 वर्ष की उम्र के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक शामिल हो सकते हैं। इसके लिए उनकी मासिक आय ₹15,000 या उससे कम होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक EPFO, ESIC या केंद्र सरकार द्वारा अंशदानित NPS का सदस्य नहीं होना चाहिए और वह आयकरदाता भी नहीं होना चाहिए। पात्रता पूरी करने वाले श्रमिक इस योजना में शामिल हो सकते हैं।
सरकार भी देती है बराबर का पैसा
PM-SYM की सबसे खास बात इसका 50:50 योगदान मॉडल है। इसका मतलब ये हुआ कि लाभार्थी जितना मासिक योगदान करता है, उतना ही केंद्र सरकार भी करती है। उदाहरण के तौर पर कम उम्र में योजना से जुड़ने वाले पात्र श्रमिकों का मासिक योगदान ₹55 से शुरू होता है और सरकार भी इतनी ही राशि का मिलान अंशदान करती है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है प्रीमियम भी बढ़ता जाता है। हालांकि, हर अवधि में सरकार बराबर का ही योगदान देती है।
कितने लोग रजिस्टर्ड
इस योजना में रजिस्ट्रेशन कॉमन सर्विस सेंटर्स के माध्यम से किया जाता है, जिनका देशभर में लगभग 4 लाख केंद्रों का नेटवर्क है। पात्र असंगठित श्रमिक www.maandhan.in पोर्टल पर जाकर स्वयं भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। बता दें कि जुलाई 2026 तक देशभर में योजना के तहत 54 लाख से अधिक लाभार्थी रजिस्टर्ड हो चुके हैं।
इस योजना में असंगठित महिला श्रमिकों की भागीदारी 53.1 प्रतिशत है। PM-SYM योजना के तहत देशभर में केंद्र सरकार का 50 प्रतिशत का मैचिंग अंशदान 2,011.01 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, लाभार्थियों को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी। चूंकि यह योजना फरवरी 2019 में शुरू हुई थी, इसलिए पेंशन का वितरण फरवरी 2039 से पहले शुरू नहीं होगा।
योजना की कुछ खास बातें
योजना में नियमित अंशदान नहीं करने पर ग्राहक का खाता निष्क्रिय हो सकता है। बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस न होना, बैंक खाता बदलना या बंद होना और नियमित भुगतान को लेकर जागरूकता की कमी इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। सरकार ने निष्क्रिय खातों को दोबारा सक्रिय करने की अवधि एक साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी है। इसके अलावा रिवाइवल मॉड्यूल, दावा स्थिति और खाता विवरण जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं।