बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 551 मॉडल स्कूलों का किया उद्घाटन। बेगूसराय में राष्ट्रकवि दिनकर के नाम पर बनेगी यूनिवर्सिटी।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 551 मॉडल स्कूलों का किया उद्घाटन।
- Published: 19 Jul 2026, 03:33 PM IST
- Last Updated: 19 Jul 2026, 03:33 PM IST
Begusarai News: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पावन धरती बेगूसराय से राज्य को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने कुल 551 मॉडल स्कूलों का उद्घाटन किया। उन्होंने इस कदम को राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में एक 'क्रांतिकारी बदलाव' करार दिया है।
सरकारी स्कूलों पर भरोसा बहाली का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक पहचान हमेशा से 'ज्ञान की धरती' के रूप में रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले एक साल में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था इतनी बेहतर हो जाए कि डीएम, एमपी और एमएलए जैसे बड़े अधिकारी भी अपने बच्चों का नामांकन सरकारी स्कूलों में करवाने में गर्व महसूस करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे मॉडल स्कूल
उद्घाटन के दौरान सीएम ने बताया कि इन मॉडल स्कूलों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इनमें स्मार्ट क्लास, ई-लाइब्रेरी और कंप्यूटर एजुकेशन की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा, राज्य के प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं और हर गांव में व्यावसायिक शिक्षा का जाल बिछाया जा रहा है। सरकार युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी के अवसर पैदा करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
#Live: बेगूसराय के IOCL स्टेडियम से 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का उद्घाटन कार्यक्रमhttps://t.co/EEJvic8qLc
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) July 19, 2026
बेगूसराय में बनेगा राष्ट्रकवि दिनकर यूनिवर्सिटी
मुख्यमंत्री ने बेगूसराय की धरती पर एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने पूरे देश में बिहार का मान बढ़ाया है। उनकी कल्पना को धरातल पर उतारने के लिए बेगूसराय में 'राष्ट्रकवि दिनकर' के नाम पर एक विश्वविद्यालय (यूनिवर्सिटी) की स्थापना की जाएगी। साथ ही, सरकारी शिक्षण संस्थानों में करियर काउंसलिंग और प्लेसमेंट सेल की सुविधा भी शुरू की जाएगी।
'भगवान श्रीराम ने ज्ञान के लिए बिहार को चुना'
इस मौके पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षा और संस्कृति का तालमेल बिठाते हुए एक रोचक बात कही। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने जन्म लेने के लिए उत्तर प्रदेश को चुना, लेकिन ज्ञान और शिक्षा ग्रहण करने के लिए उन्होंने बिहार के बक्सर को अपना केंद्र बनाया। मंत्री ने आगे कहा कि सम्राट सरकार केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं बदल रही, बल्कि राज्य के मानव संसाधन में निवेश कर रही है।
नालंदा-विक्रमशिला की परंपरा को मिलेगी नई उड़ान
शिक्षा मंत्री ने याद दिलाया कि एक समय था जब नालंदा और तक्षशिला जैसे केंद्रों में पूरी दुनिया से छात्र पढ़ने आते थे। उन्होंने कहा कि अब विक्रमशिला विश्वविद्यालय भी अपने शैक्षणिक उत्थान के लिए तैयार है। सम्राट सरकार की ये पहल बिहार को फिर से उसी स्वर्णिम शैक्षणिक गौरव की ओर ले जाने का प्रयास है।