नारनौल में ढोसी पर्वत पर बन रहा रोपवे: ₹57 करोड़ लागत, 30% काम पूरा; इसी साल शुरू होने की उम्मीद, 870 मीटर लंबी परियोजना - Narnaul News

Published on 15 अग॰ 2026

महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में ऐतिहासिक ढोसी पहाड़ी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में रोपवे परियोजना का काम शुरू हो चुका है। करीब 57 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह रोपवे लगभग 870 मीटर लंबा होगा। इसका करीब 30 प्रतिशत कार्य हो चुका है

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नारनौल शहर से करीब 7 किलोमीटर दूर राजस्थान की सीमा पर बने ढोसी पर्वत पर रोपवे परियोजना के पूरा होने के बाद पर्यटकों को चोटी तक पहुंचने में आसानी होगी। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

एक बार अटक गया था काम

ढोसी पहाड़ी नेचुरल कंजर्वेशन जोन (एनसीजेड) में शामिल होने के कारण परियोजना का काम शुरू होने के बाद रोक दिया गया था। जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद निर्माण कार्य अटक गया था। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए शुरू से प्रयासरत रहे पूर्व मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव ने यह मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया।

सीएम के आदेश पर हुआ शुरू

इसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। इसके बाद विभागीय आपत्ति दूर होने के साथ निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।

कुछ इस तरह का बनेगा रोपवे (प्रतीकात्मक फोटो)।

कुछ इस तरह का बनेगा रोपवे (प्रतीकात्मक फोटो)।

पूर्व मंत्री के प्रयास से हुआ शुरू

ढोसी पहाड़ी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना वर्ष 2018 में सामने आई थी। उस समय नांगल चौधरी के विधायक रहे डॉ. अभय सिंह यादव के आग्रह पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ढोसी पहाड़ी का निरीक्षण किया था। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर पहाड़ी पर ही उतरा था। इसी दौरान उन्होंने क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी।

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से बाधा दूर हुई

पिछले वर्ष रोपवे परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी। निर्माण कार्य शुरू होते ही एनसीजेड से जुड़ी आपत्ति के कारण नगर योजनाकार विभाग ने नोटिस जारी कर दिया, जिसके चलते काम रोकना पड़ा। अब मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद इस बाधा को दूर किया गया है।

कुलताजपुर से शुरू होगा रोपवे

परियोजना के लिए कुलताजपुर गांव में करीब दो एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है। यहीं से रोपवे की शुरुआत होगी और लाइन ढोसी पहाड़ी की चोटी तक जाएगी। फिलहाल रोपवे पर 2 केबिन संचालित करने की योजना है। परियोजना में आधुनिक सुरक्षा मानकों का पालन किए जाने की बात कही गई है। इसका क्रियान्वयन नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) द्वारा किया जा रहा है।

ढोसी तीर्थ स्थल।

ढोसी तीर्थ स्थल।

धार्मिक और प्राकृतिक महत्व के लिए भी प्रसिद्ध है पहाड़ी

ढोसी पहाड़ी धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यह ऋषि च्यवन की तपोस्थली रही है और यहीं औषधीय तत्वों से जुड़े हर्बल लेप और च्यवनप्राश की परंपरा विकसित हुई थी। पहाड़ी की चोटी पर ऋषि च्यवन को समर्पित मंदिर के अलावा कई अन्य मंदिर, पवित्र तालाब और प्राचीन गुफाएं भी हैं।

बुजुर्गों के लिए होगी आसानी

पूर्व विधायक डॉ. अभय सिंह ने बताया कि च्यवन ऋषि आश्रम ब्रह्मावर्त नामक प्राचीन क्षेत्र का हिस्सा माना जाता है। उनके अनुसार यह स्थान हजारों वर्ष पुराना माना जाता है। रोपवे बनने से बुजुर्गों और दिव्यांगों समेत अन्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पहाड़ी की चोटी तक पहुंचना आसान होगा।