बॉलीवुड में लगभग 30 साल बिताने के बाद, अरशद वारसी (Arshad Warsi) का मानना है कि आज के यंग एक्टर्स काफी टैलेंटेड हैं। ...और पढ़ें

अरशद वारसी ने की आज के एक्टर्स की तारीफ
HighLights
अरशद वारसी ने की आज के एक्टर्स की तारीफ
58 साल के एक्टर ने यंग एक्टर्स में बताई एक कमी
पुराने और नए एक्टर्स की तुलना की
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। फिल्म इंडस्ट्री में लगभग तीन दशक बिताने के बाद, अरशद वारसी (Arshad Warsi) ने बॉलीवुड को कई पीढ़ियों में बदलते देखा है। उनका मानना है कि आज के एक्टर्स पहले से कहीं ज्यादा फोकस्ड और प्रोफेशनल हैं, लेकिन उन्हें यह भी लगता है कि वे अक्सर बेसब्र होते हैं और हमेशा फिल्म बनाने की मिल-जुलकर काम करने वाली प्रक्रिया की अहमियत नहीं समझते।
आज की जनरेशन बेसब्र है- वारसी
हमसे बात करते हुए वारसी कहते हैं कि आज की पीढ़ी बेशक टैलेंटेड है, लेकिन उनका मानना है कि सब्र एक ऐसी खूबी है जो धीरे-धीरे खत्म हो रही है। वे कहते हैं, 'दुर्भाग्य से, नई पीढ़ी के लोग बहुत नाजुक होते हैं। वे जल्दबाज़ी में रहते हैं और दूसरों के साथ तालमेल बिठाने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखते। अच्छी बात यह है कि वे प्रोफेशनल और बहुत सीरियस होते हैं, और उन्हें पता होता है कि वे क्या चाहते हैं। तो हां, इसके अच्छे और बुरे दोनों पहलू हैं'।
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बदल गया इंडस्ट्री का वर्क कल्चर
अरशद के लिए यह साल काफी बिजी रहा। 'वेलकम टू द जंगल', 'प्रीतम एंड पेड्रो' और अब 'धमाल 4' जैसी फिल्मों से उन्होंने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। यह साल अलग-अलग तरह की फिल्मों में उनकी काबिलियत दिखाने वाला रहा है। लेकिन इतने व्यस्त समय में भी, उन्हें जो बात सबसे ज्यादा हैरान करती है, वह है इंडस्ट्री के काम करने के तरीके में आया जबरदस्त बदलाव। 'गोलमाल' के सेट का एक किस्सा याद करते हुए, वारसी फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के साथ हुई एक बातचीत का जिक्र करते हैं, जो उनकी पीढ़ी और आज के एक्टर्स के बीच के फर्क को साफ तौर पर बताती है।
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अरशद याद करते हुए कहते हैं, 'हम 'गोलमाल'(Golmaal) की शूटिंग कर रहे थे और दो सीन ऐसे थे जिनमें अजय देवगन (Ajay Devgn) और मुझे काफी मुश्किल काम करना था - जैसे लटकना, गिरना और ट्रेडमिल पर तेजी से दौड़ना। हम अपना शॉट पूरा करते, वापस आते, अपनी कुर्सियों पर बैठते और अगले शॉट का इंतजार करते'।
पुराने और नए एक्टर्स में क्या है फर्क?
वे आगे कहते हैं, 'रोहित ने आकर कहा, 'यह बहुत हैरान करने वाली बात है। आजकल मैं देखता हूं कि युवा एक्टर्स एक शॉट देते हैं और फिर मसाज करवाने चले जाते हैं, और हमें उनके वापस आने तक इंतजार करना पड़ता है जब तक कि उनके पैर ठीक महसूस न करने लगें।' वहीं हम दो एक्टर्स थे जो साठ साल की उम्र के करीब थे, अपना काम कर रहे थे और बस अगले सेटअप का इंतजार कर रहे थे। मुझे लगता है कि युवा पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी के बीच यही फर्क है'।
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आलोचना करने के बावजूद, वारसी नई पीढ़ी को पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं करते। उनका कहना है कि उनकी लगन और साफ सोच तारीफ के काबिल हैं। वे कहते हैं, 'वे प्रोफेशनल हैं, बहुत गंभीर हैं और जो चाहते हैं, उस पर पूरी तरह फोकस करते हैं।
वारसी का यह भी मानना है कि एक्टिंग में करियर बनाने वालों को सिर्फ अपनी परफॉर्मेंस से आगे बढ़कर फिल्म-मेकिंग को समझना चाहिए। वे कहते हैं, 'आपको यह समझना होगा कि डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और दूसरे एक्टर्स किन हालात से गुजर रहे हैं। आप सिर्फ 'मैं, मैं और मैं' वाली सोच नहीं रख सकते। ऐसे काम नहीं चलता'।
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अरशद का वर्कफ्रंट
60 की उम्र से बस दो साल दूर अरशद वारसी आज भी काम को लेकर उतने ही एक्टिव हैं। वे थिएटर के साथ-साथ ओटीटी प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहे हैं। वे इस वक्त वेलकम टू द जंगल (Welcome To The Jungle) और धमाल 4 (Dhamaal 4) में काम कर रहे हैं। वहीं जियो हॉट स्टार (Jio Hotstar) पर 3 जुलाई को उनकी सीरीज प्रीतम एंड पैड्रो (Pritam And Pedro) रिलीज हुई।