Jharkhand News: झारखंड में 608 बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी है. केवीआईसी उन्हें प्रशिक्षण के साथ मशीन, टूलकिट और बाजार की सुविधा भी उपलब्ध कराएगा.
Jharkhand News: झारखंड में 608 बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी है. केवीआईसी उन्हें प्रशिक्षण के साथ मशीन, टूलकिट और बाजार की सुविधा भी उपलब्ध कराएगा.
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Jharkhand News: झारखंड के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), रांची ने बड़ी पहल की है. आयोग खादी विकास योजना और ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत 608 बेरोजगार युवाओं को अलग-अलग कामों का प्रशिक्षण देगा. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए अनुदान पर मशीन, टूलकिट और जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे.
स्थानीय जरूरत के हिसाब से मिलेगा प्रशिक्षण
इस योजना के तहत युवाओं को ऐसे कामों की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिनकी स्थानीय स्तर पर मांग है और जिनमें कम लागत में रोजगार शुरू किया जा सकता है. प्रशिक्षण में मधुमक्खी पालन, इमली प्रसंस्करण, पॉपकॉर्न बनाने, कुंभकारी, पेपर प्लेट और दोना निर्माण जैसे काम शामिल हैं. इसके अलावा सबाई घास से रस्सी बनाने, एसी और मोबाइल रिपेयरिंग, सिलाई तथा लेदर से जूते-चप्पल बनाने और उनकी मरम्मत का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. इसका उद्देश्य युवाओं को उनके आसपास उपलब्ध संसाधनों और बाजार की मांग के अनुसार रोजगार के अवसर देना है.
अनुदान पर मिलेंगे मशीन और उपकरण
प्रशिक्षण पूरा करने वाले लाभुकों को काम शुरू करने के लिए जरूरी मशीन और उपकरण अनुदान पर दिए जाएंगे. सामान्य वर्ग के लाभुकों को उपकरण की कुल लागत का केवल 20 प्रतिशत हिस्सा देना होगा. वहीं, एससी-एसटी वर्ग के लाभुकों के लिए यह अंशदान 10 प्रतिशत रखा गया है. बीपीएल परिवारों से आने वाले लाभुकों को उपकरण के लिए किसी भी तरह का अंशदान नहीं देना होगा. योजना में एससी-एसटी वर्ग के आवेदकों को प्राथमिकता भी दी जाएगी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को ज्यादा अवसर मिल सकें.
प्रशिक्षण के साथ बाजार भी मिलेगा
केवीआईसी केवल प्रशिक्षण और उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा. प्रशिक्षण के बाद युवाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री के लिए भी व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नए खादी संस्थान स्थापित किए जाएंगे. इन संस्थानों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर तैयार सामान को बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश होगी. आयोग का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि अपना कारोबार शुरू कर दूसरों को भी रोजगार देने वाला बनाना है. योजना के संचालन के लिए केवीआईसी ने एनजीओ, सहकारी समितियों, ट्रस्ट और अर्द्धसरकारी संस्थाओं से आवेदन भी आमंत्रित किए हैं. इसके जरिए अधिक से अधिक युवाओं तक प्रशिक्षण और स्वरोजगार की सुविधा पहुंचाने की तैयारी है.
प्रशिक्षणार्थियों की संख्या इस प्रकार होगी
| क्र. सं. | गतिविधि | संख्या |
|---|---|---|
| 1 | मधुमक्खी पालन | 60 |
| 2 | इमली प्रसंस्करण | 100 |
| 3 | पॉपकॉर्न निर्माण | 40 |
| 4 | कुंभकारी | 140 |
| 5 | पेपर प्लेट एवं दोना निर्माण | 40 |
| 6 | सबाई घास से रस्सी निर्माण | 40 |
| 7 | एसी मरम्मत | 20 |
| 8 | मोबाइल मरम्मत | 20 |
| 9 | सिलाई | 20 |
| 10 | लेदर जूता-चप्पल निर्माण | 20 |
| 11 | लेदर जूता-चप्पल मरम्मत (एसटी वर्ग) | 28 |
| कुल | 528 |
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